News18 Impact: प्रयागराज में 50 लोगों की मौत के बाद जागा प्रशासन, गांव में शुरू हुआ डोर टू डोर सर्वे

प्रयागराज में 50 लोगों की मौत के बाद जागा प्रशासन

प्रयागराज में 50 लोगों की मौत के बाद जागा प्रशासन

गौरतलब है कि प्रयागराज के मेंडारा गांव में पिछले 50 दिनों में 50 से ज्यादा लोगों की मौत (Death) हुई है. इनमें से एक कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive) था.

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प्रयागराज. कोरोना महामारी (Corona Epidemic) की दूसरी लहर के दौरान प्रयागराज (Prayagraj) के मेंडारा गांव में पिछले डेढ़ महीने में 50 से ज्यादा लोग मौत (Death) हो चुकी हैं. इनमें से कुछ को छोड़कर ज्यादातर को कोई गंभीर बीमारी नहीं थी. ज्यादातर लोगों में सर्दी, जुकाम, बुखार और खांसी के लक्षण थे. 50 से ज्यादा मौतों के बाद गांव में दहशत इस कदर कायम हो गई है कि लोग घर से बाहर कदम रखने में हिचकते हैं. सड़कों और गलियों में पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहता है. श्रृंगवेरपुर ब्लॉक की मेंडारा ग्राम में न्यूज 18 की खबर का बड़ा असर हुआ है. प्रमुखता से खबर दिखाए जाने के बाद सरकारी अमला हरकत में आया और गांव वालों की सेहत जांचने मेंडारा गांव पहुंच गया. रविवार सुबह ही एसडीएम सोरांव अनिल चतुर्वेदी मेडिकल टीम के साथ पहुंचे.

गांव का डोर टू डोर सर्वे शुरू कराया गया. इसके साथ ही गांव में स्वास्थ्य विभाग ने कैंप भी लगाया. लोगों की सेहत की जांच की गई. बीमारों और संदिग्धों को मुफ्त दवाएं दी गई. जिस सरकारी यूनानी अस्पताल में ताला लटका रहता था, वहां कई डॉक्टर्स की टीम मुस्तैद नजर आई. ग्राम प्रधान और गांव के लोगों ने इसके लिए न्यूज 18 का शुक्रिया अदा किया, लेकिन यह जरूर कहा जा सकता है कि अगर सरकारी अमला पहले ही हरकत में आ गया होता तो शायद मौत के मुंह में समाने वाले 50 से ज्यादा लोगों में से कुछ की जिंदगी बचाई जा सकती थी.

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गौरतलब है कि प्रयागराज के मेंडारा गांव में पिछले 50 दिनों में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. इनमें से एक कोरोना पॉजिटिव था, जबकि बाकी के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं है, क्योंकि अन्य लोगों की जांच हुई ही नहीं थी. वैसे मरने वालों में तमाम लोगों में सर्दी जुकाम बुखार और खांसी जैसे कोविड-19 के लक्षण पाए गए थे. हैरत की बात यह है की 50 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद भी सरकारी अमला यहां झांकने तक नहीं आया था और गांव में सेनेटाइजेशन भी नहीं कराया गया है. ग्रामीणों को सरकारी अमले ने राम भरोसे छोड़ दिया गया था.

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