बाहुबली पूर्व सांसद अतीक अहमद की बढ़ी मुश्किलें, सौंपा वसूली का नोटिस

 बाहुबली पूर्व सांसद अतीक अहमद की बढ़ी मुश्किलें (File)
बाहुबली पूर्व सांसद अतीक अहमद की बढ़ी मुश्किलें (File)

पीडीए (PDA) के जोनल अधिकारी सत शुक्ला के मुताबिक पूर्व सांसद अतीक अहमद के खिलाफ उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की धारा 27 के तहत नोटिस जारी कर कार्रवाई की गई है.

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प्रयागराज. प्रदेश के बड़े भू माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ योगी सरकार (Yogi Government) का एक्शन लगातार जारी है. इसी कड़ी में भू माफिया घोषित पूर्व बाहुबली सांसद अतीक अहमद (Atique Ahmad) अतीक अहमद और उसके करीबियों की करोड़ों की आलीशान बिल्डिंगों पर सरकारी बुलडोजर चलवाकर उसे जमींदोज किये जाने के बाद अब योगी सरकार बाहुबली को एक और बड़ी आर्थिक चोट देने की तैयारी में है.

पिछले तीन बाहुबली की जिन अवैध बिल्डिंग्स पर बुलडोजर और जेसीबी मशीनें चलवाकर उन्हें ध्वस्त किया गया है, सरकारी अमला अब उसके ध्वस्तीकरण पर हुआ खर्च भी अतीक से वसूलने की तैयारी में जुट गया है. दरअसल बाहुबली पूर्व सांसद अतीक के खिलाफ कैंट थाने में दर्ज गैंगस्टर के मुकदमे के तहत बीस सम्पत्तियों को चिन्हित कर कुर्की की कार्रवाई 26 अगस्त से शुरु हुई थी. लेकिन पांच सितम्बर को पहली बार अतीक अहमद के रिश्तेदार इमरान की कब्जे वाली करोड़ों की बिल्डिंग पर सरकारी जेसीबी मशीनें लगाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरु हुई.

वहीं 7 सितम्बर को पहली बार बाहुबली पूर्व सांसद की सिविल लाइन के नवाब युसुफ रोड़ पर अवैध कब्जा कर बनायी गई करोड़ों की प्रापर्टी पर बुलडोजर चलाया गया. जिसके बाद अतीक के कोल्ड स्टोरेज, उसके कब्जे वाले दो बड़े प्लाट, चकिया में स्थित आफिस के कुछ हिस्से और उसके पुश्तैनी आवास पर भी बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया गया. बाहुबली और उसके करीबियों की अवैध सम्पत्तियों के खिलाफ पांच सितम्बर से शुरू हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर सरकारी अमले ने अब तक करीब पचीस लाख रूपये खर्च किये हैं.



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अलग अलग दिन हुई कार्रवाइयों में खर्च हुए करीब 50 लाख रूपयों का बिल जल्द ही अतीक और उसके करीबियों को सौंपा जाएगा. बाहुबली से ही आरसी जारी कर ध्वस्तीकरण पर हुए खर्च की रिकवरी भी की जाएगी. पीडीए के जोनल अधिकारी सत शुक्ला के मुताबिक पूर्व सांसद अतीक अहमद के खिलाफ उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की धारा 27 के तहत नोटिस जारी कर कार्रवाई की गई है. इसके तहत ध्वस्तीकरण में हुआ खर्च सम्बन्धित व्यक्ति से ही वसूले जाने का प्रावधान है.

संपत्ति को जब्त कर होगी नीलामी 

इस नियम के मुताबिक अगर माफिया अतीक अहमद ने इन खर्चों का निर्धारित समय सीमा में भुगतान नहीं किया तो डीएम के ज़रिये उसकी किसी संपत्ति को जब्त कर उसकी नीलामी की जाएगी और नीलामी से मिली रकम से ही खर्च की भरपाई की जाएगी. गौरतलब है कि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी पिछले दिनों बयान जारी कर माफियाओं के खिलाफ हो रही कार्रवाई में खर्च होने वाली रकम की भरपाई भी उन्हीं से करने की बात कही थी. सीएम योगी के बयान के बाद ही प्रयागराज का सरकारी अमला भी हरकत में आ गया है.
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