बुलंदशहर में साधुओं की हत्या की अखाड़ा परिषद ने की निंदा, नरेंद्र गिरी बोले- पालघर से तुलना उचित नहीं
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बुलंदशहर में साधुओं की हत्या की अखाड़ा परिषद ने की निंदा, नरेंद्र गिरी बोले- पालघर से तुलना उचित नहीं
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी (फाइल फोटो)

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (Akhill Bhartiya Akhada Parishad) के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा कि बुलंदशहर के पगोना गांव में साधुओं की हत्या की तुलना महाराष्ट्र के पालघर जिले में जूना अखाड़े के साधुओं की हत्या से करना कतई उचित नहीं है.

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प्रयागराज. यूपी के बुलंदशहर (Bulandshahr) में सोमवार की देर रात 2 साधुओं की हत्या किए जाने की साधु संतों की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषध ने कड़े शब्दों में निन्दा की है. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी ने साधुओं की हत्या पर दुख व्यक्त करते हुए योगी सरकार से इस जघन्य हत्याकांड के जल्द खुलासे और दोषियों को सलाखों के पीछे भेजे जाने की मांग की है.

महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा है कि चिमटा चोरी के आरोप में साधुओं की पीट-पीटकर हत्या किए जाने की घटना निंदनीय है. उन्होंने कहा है कि पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है और पूछताछ कर रही है, लेकिन घटना की पूरी सच्चाई लोगों के सामने आनी चाहिए.

बुलंदशहर और महाराष्ट्र की घटना में तुलना उचित नहीं



महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा कि बुलंदशहर के पगोना गांव में साधुओं की हत्या की तुलना महाराष्ट्र के पालघर जिले में जूना अखाड़े के साधुओं की हत्या से करना कतई उचित नहीं है. गौरतलब है कि बुलन्दशहर के पगोना गांव स्थित शिव मंदिर पर पिछले करीब 10 वर्षों से 55 वर्षीय साधु जगनदास और 35 वर्षीय साधु सेवादास रहते थे. दोनों साधु मंदिर में रहकर पूजा-अर्चना में लीन रहते थे. लेकिन सोमवार की देर रात मंदिर परिसर में ही दोनों साधुओं की लाठी डंडे से पीटकर नृशंस हत्या कर दी गई.
सीएम योगी ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश

मंगलवार सुबह जब ग्रामीण मंदिर में पहुंचे तो उन्हें साधुओं के खून से लथपथ शव पड़े मिले. इस मामले को गम्भीरता से लेते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी बुलन्दशहर के डीएम और एसएसपी को सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं.

अयोध्या के संत समाज में रोष

उधर अयोध्या (Ayodhya) के संत समाज ने बुलंदशहर की घटना पर काफी आक्रोश व्यक्त किया है. संत समाज का कहना है कि वर्ग विशेष के लोग भगवाधारियों को टारगेट कर उनकी हत्या कर रहे हैं. ये बेहद निंदनीय है. संतों ने मांग की है कि केंद्र और प्रदेश सरकार दोषियों को चिन्हित कर उनके ऊपर कठोर कार्रवाई करें, फांसी की सजा दें. यही नहीं संतो ने ये भी ऐलान किया है कि लॉकडाउन क बाद महाराष्ट्र और बुलंदशहर की घटना की वो खुद जांच करेंगे.

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