इलाहाबाद HC ने PSC Mains 2020 के अभ्यर्थी को दी बड़ी राहत, जानें क्या है अहम निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है.

कोर्ट ने 22 सितम्बर से होने वाली पीसीएस मुख्य परीक्षा (PSC Mains Exam) फॉर्म की याची अभ्यर्थी की हार्ड कॉपी स्वीकार कर परीक्षा में बैठने देने का निर्देश दिया है.

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प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court)ने पीसीएस मेंस में शामिल होने वाले अभ्यर्थी को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने 22 सितम्बर से होने वाली यूपी लोक सेवा आयोग की पीसीएस मुख्य परीक्षा (PSC Exam) फॉर्म की याची अभ्यर्थी की हार्ड कॉपी स्वीकार कर परीक्षा में बैठने देने का निर्देश दिया है. दरअसल, कोविड-19 के चलते देशव्यापी लॉकडाउन और कन्टेनमेन्ट जोन में फंसे होने के कारण ऑनलाइन भरे गए फॉर्म की हार्ड कापी निर्धारित अवधि के बाद अभ्यर्थी जमा करने गया तो आयोग से स्वीकार नहीं किया गया. इस पर अभ्यर्थी ने हाईकोर्ट की शरण ली. कोर्ट ने कहा है कि विशेष स्थिति के कारण फॉर्म जमा करने में देरी हुई, जिस पर उसका कोई नियंत्रण नहीं था. कोर्ट ने कहा कि आयोग दाखिल दस्तावेजों का सत्यापन कर मुख्य परीक्षा में बैठने की अनुमति दे.

कोर्ट ने यूपी लोक सेवा आयोग से याचिका पर तीन हफ्ते में जवाब मांगा है. याचिका की अगली सुनवाई 12 अक्तूबर को होगी. यह आदेश जस्टिस एमके गुप्ता ने प्रयागराज के सार्थक रहेजा की याचिका पर दिया है.

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ये है पूरा मामला
गौरतलब है कि प्रारंभिक परीक्षा में सफल याची ने मुख्य परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन भरा जिसे डाउनलोड कर आयोग में 26 मार्च तक जमा करना था. यदि डाक से भेजा जाए तो 26 मार्च तक आयोग को मिल जाए. याची का कहना है कि वह दिल्ली में था. कोरोना के चलते देशव्यापी लॉकडाउन लागू कर दिया गया. इसके बाद वह कन्टेनमेन्ट जोन में फंस गया. सारे शैक्षिक दस्तावेज प्रयागराज में थे. वह डाक से फॉर्म भेजने की स्थिति में नहीं था. लॉकडाउन खुलने के बाद प्रयागराज आया और 15 दिन सेल्फ क्वारंटाइन में रहा. 16 जून को फॉर्म जमा करने आयोग पहुंचा तो आयोग ने फॉर्म जमा करने से इंकार कर दिया. उसी समय डाक से भेजा, लेकिन कोई निर्णय नहीं लेने पर कोर्ट की शरण ली है. आयोग के अधिवक्ता का कहना है कि याची ने ऑनलाइन फॉर्म 27 फरवरी को ही डाउनलोड कर लिया था. उसे अंतिम तिथि तक इंतजार करने की आवश्यकता नहीं थी. आयोग ने 15 मई तक फॉर्म जमा करने की तिथि बढ़ा दी थी. फिर भी समय से फॉर्म जमा नहीं कर सका. फिलहाल कोर्ट के आदेश के बाद याची को राहत मिल गई है और वह परीक्षा में शामिल हो सकेगा.
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