पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह की याचिका पर HC ने किया फैसला सुरक्षित

इलाहाबाद हाईकोर्ट की फाइल फोटो
इलाहाबाद हाईकोर्ट की फाइल फोटो

बता दें सुप्रीम कोर्ट (SC) ने आज सुबह ही इलाहाबाद हाईकोर्ट को सुनवाई करने का आदेश दिया था. हाईकोर्ट के फैसला कल सुनाने की उम्मीद की जा रही है.

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प्रयागराज. नोएडा (NOIDA) के चीफ इंजीनियर रहे यादव सिंह (Yadav Singh) की बंदीप्रत्यक्षीकरण याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने दोनो पक्षों की बहस के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया है. यादव सिंह के खिलाफ गाजियाबाद (Ghaziabad) में अपने दोस्तों को बाजार मूल्य से अधिक कीमत पर ठेके देकर सरकार को भारी नुकसान पहुंचाने के आरोप में एफआईआर दर्ज करायी गई. इसके बाद सीबीआई (CBI) ने इन्हें गिरफ्तार किया.

अवैध निरूद्धि से मुक्त किया जाए या जमानत पर रिहा: याचिका

यादव सिंह का कहना है कि सीबीआई ने निर्धारित अवधि के भीतर चार्जशीट दाखिल नही की इसलिए उसे अवैध निरूद्धि से मुक्त किया जाए या जमानत पर रिहा किया जाए. याचिका की सुनवाई न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर तथा न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव की खंडपीठ ने की.



बता दें सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ये सुनवाई की. हाईकोर्ट के फैसला कल सुनाने की उम्मीद की जा रही है. सुप्रीम कोर्ट ने आज सुबह ही इलाहाबाद हाईकोर्ट को सुनवाई करने का आदेश दिया था.
सीबीआई ने लॉकडाउन के कारण अदालतें बंद का दिया तर्क

सीबीआई के वरिष्ठ अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश व संजय यादव का कहना है कि कोविड-19 लॉकडाउन के कारण अदालतें बंद थीं. 8 जून को जिला अदालतें खुली तो गाजियाबाद की सीबीआई अदालत भी बैठी. इसी दिन चार्जशीट दाखिल कर दी गई. अनावश्यक देरी नहीं की गई. इसे समय से दाखिल माना जाए. वहीं याची का कहना है कि सीबीआई समय से चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी इसलिए उसे जमानत पर रिहा किया जाए और अवैध निरूद्धि रद्द की जाए.
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