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बीमार वृद्ध के आजीवन कारावास की सजा इलाहाबाद HC ने की निलंबित, दिया रिहाई का आदेश
Allahabad News in Hindi

Sarvesh Dubey | News18 Uttar Pradesh
Updated: April 10, 2020, 12:05 AM IST
बीमार वृद्ध के आजीवन कारावास की सजा इलाहाबाद HC ने की निलंबित, दिया रिहाई का आदेश
इलाहाबाद हाईकोर्ट में 8 मई से बिना कोट और गाउन के वकील प्रैक्टिस कर सकेंगे.

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने आजीवन कारावास (Life imprisonment) की सजा भुगत रहे हत्या के आरोपी बीमार वृद्ध को सुनाई गई सजा निलंबित करते हुए उसे जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है.

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प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने आजीवन कारावास (Life imprisonment) की सजा भुगत रहे हत्या के आरोपी बीमार वृद्ध को सुनाई गई सजा निलंबित करते हुए उसे जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है. यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर ने रनवीर सिंह की अपील पर दाखिल अर्जी की सुनवाई के दौरान दिया. रनवीर सिंह को जालौन (उरई) सेशन कोर्ट ने 16 जून 2009 को हत्या और हत्या के प्रयास के मामले में उम्र कैद की सजा सुनाई थी तब से वह लगातार जेल में बंद है. इस सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में उसके पुत्र की ओर से अर्जी दाखिल कर कहा गया कि उसके पिता वृद्ध और बीमार हैं इसलिए उनकी सजा को निलंबित कर उनको रिहा किया जाए.

अभियोजन ने अर्जी का  किया विरोध
अभियोजन की ओर से अर्जी का विरोध किया गया तथा कहा गया कि आरोपी को हत्या का दोषी करार दिया गया है. जबकि बचाव पक्ष का कहना था कि अवर न्यायालय द्वारा सजा सुनाए जाने में साक्ष्यों को समझने में गलती की गई है. हत्या में शामिल होने का उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं है. कोर्ट ने केस की मेरिट पर कोई राय दिए बिना आरोपी को सुनाई गई सजा निलंबित करने और उसे जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है.

बन रही है खादी की मास्क



बाराबंकी से मिल रही एक खबर के अनुसार, कोरोना वायरस से निपटने के लिए उत्‍तर प्रदेश सरकार ने युद्ध स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है. सरकार ने फैसला लिया है कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए खादी के मास्क बनाए जाएंगे. इसके लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने 66 करोड़ में ट्रिपल लेयर वाले विशेष खादी के मास्क बनाने के आदेश भी दे दिए हैं. जानकारी मिल रही है कि गरीब जनता को ये खादी के मास्क मुफ्त में बांटे जाने की सरकार की योजना है.



कई बार हो सकेंगे इस्‍तेमाल
इन मास्क की खासियत यह होगी कि इसे एक बार उपयोग करने के बाद धोकर फिर से उपयोग में लाया जा सकेगा. हालांकि, सरकार ने खादी के मास्क बांटने का ऐलान तो कर दिया, लेकिन जिन्हें इस मास्क के लिए कपड़े देने की जिम्मेदारी मिली है, वह खादी का कपड़ा सरकार को देने को कतई तैयार नहीं. लेकिन ये पूरा मामला कपड़े की कीमत को लेकर फंसा हुआ है.

लेकिन यहां अटक रहा है मामला
इसपर बाराबंकी गांधी आश्रम के मंत्री रवि कांत पांडेय ने कहा कि मास्क के लिए सरकार जिस रेट पर कपड़ा हमसे चाह रही है, हम उतने में नहीं दे पाएंगे. क्योंकि, उसमें हमारी लागत भी नहीं निकल रही, जिससे उनका काफी नुकसान हो रहा है.

रेट को लेकर चल रही बातचीत
बाराबंकी गांधी आश्रम के मंत्री रवि कांत पांडेय ने बताया कि हमें बाराबंकी और सुल्तानपुर के लिए आर्डर मिला है. हमें इन दो जिलों में मास्क बनाने के लिए कपड़ा देना है. सरकार ने इसके लिए 65 रुपए का रेट तय किया है और वह काफी कम है. उन्‍होंने बताया कि सरकार और हमारे बोर्ड के बीच रेट के लेकर बात चल रही है.

 

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First published: April 9, 2020, 11:28 PM IST
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