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देवरिया शेल्टर होम केस: HC ने एसआईटी एसपी को दी पीड़िताओं से पूछताछ की सशर्त अनुमति

Sarvesh Dubey | News18 Uttar Pradesh
Updated: September 26, 2018, 4:27 PM IST
देवरिया शेल्टर होम केस: HC ने एसआईटी एसपी को दी पीड़िताओं से पूछताछ की सशर्त अनुमति
इलाहाबाद हाईकोर्ट (फाइल फोटो)

इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद मामले में 4 व्हिसल ब्लोवर पीड़िताओं को गुप्त स्थान पर सुरक्षित रखा गया है. बिना कोर्ट की अनुमति के कोई भी किसी पीड़िता से मुलाकात नहीं कर सकता है.

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देवरिया शेल्टर होम केस  में बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान मामले की जांच कर रही एसआईटी के एसपी ने अदालत से पीड़िताओं से पूछताछ के लिए अनुमति मांगी. इस पर हाईकोर्ट ने इस शर्त पर अनुमति दी कि पूछताछ के दौरान संयुक्त निबन्धक गोपनीय सोमप्रभा भी उपस्थित रहेंगीं. मामले की अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को होगी.

बता दें हाईकोर्ट के आदेश के बाद मामले में 4 व्हिसल ब्लोवर पीड़िताओं को गुप्त स्थान पर सुरक्षित रखा गया है. बिना कोर्ट की अनुमति के कोई भी किसी पीड़िता से मुलाकात नहीं कर सकता है. चीफ जस्टिस डीबी भोसले और जस्टिस यशवंत वर्मा की खंण्डपीठ ने ये आदेश दिया है.

इससे पहले 5 सितंबर को देवरिया शेल्टर होम मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल कर दिया. सरकार ने हलफनामे में कहा है कि फंड की कमी के चलते क़ानूनी उपबन्धों का पालन करने में असमर्थ है. मामले में कोर्ट ने कहा कि प्राइवेट व सरकारी शेल्टर होम में सीसीटीवी लगे. साथ ही राज्य सरकार फंड उपलब्ध कराए.

कोर्ट ने कहा कि सरकार ने शेल्टर होम्स की निगरानी कमेटी गठित की है. इस कमेटी में लीगल सर्विस अथॉरिटी के सचिव को भी शामिल करें. इसके अलावा कोर्ट साफ किया कि वह मामले में न्यायिक कमेटी गठित करेगा. महीने में एक बार ये कमेटी करेगी शेल्टर होम का निरीक्षण करेगी.

सरकार ने बताया देवरिया के शेल्टर होम में लाइसेंस निलंबित होने के बाद लड़कियों को भेजने वाले 28 पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की गई है. इस पर हाईकोर्ट ने पूछा कि क्या की गई कार्रवाई? साथ ही कोर्ट ने पूछा कि निलम्बन क्यों नहीं किया गया? सरकार ने बताया 121 बरामद लड़कियों में से कुछ परिजनों को सौंपी गईं. इस पर कोर्ट ने कहा कार्रवाई सन्तोषजनक नहीं है. हाईकोर्ट ने मामले में तीन हफ्ते बाद रिपोर्ट तलब की. इस दौरान कोर्ट ने मनोरोग विशेषज्ञ की रिपोर्ट देखी और कहा कि वह इस संबंध में विस्तृत निर्देश करेंगे.

इस दौरान इलाहाबाद में सुरक्षित व्हिसल ब्लोवर 4 लड़कियों से बिना अनुमति मिलने पहुंची एनजीओ के 3 सदस्यों ने बिना शर्त माफ़ी मांगी. कोर्ट ने उन्हें गलती न दुहराने की चेतावनी दी. बता दें इस मामले में सीबीआई जांच का मामला अभी भी लटका है. वहीं पुलिस और एसआईटी केस में वीआईपी की संलिप्तता की जांच कर रही है.

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First published: September 26, 2018, 4:27 PM IST
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