इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र से पूछा- कितने वक्त में पूरा होगा कोरोना वैक्सीन का ट्रायल?

इलाहाबाद हाईकोर्ट
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कोर्ट (Allahabad High Court) ने कहा है कि देश में 3 माह तक सफलतापूर्वक लॉकडाउन लागू कराने वाली पुलिस अब मास्क पहनना और सोशल डिस्टेन्सिंग को कड़ाई से लागू नहीं करा पा रही है.

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प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने घटिया मास्क (Poor Quality Mask) की बिक्री पर केन्द्र सरकार से आईसीएमआर (ICMR) द्वारा जारी मास्क की गुणवत्ता की गाइडलाइन की जानकारी मांगी है. साथ ही कोर्ट ने पूछा है कि कोरोना वैक्सीन (COVID-19 Vaccine) परीक्षण किस तरीके से किया जा रहा है और कितने समय में अंतिम परीक्षण पूरा कर लिया जाएगा. यह आदेश जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अजित कुमार की खंडपीठ ने कोविड 19 को लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया.

कोर्ट ने कहा है कि देश में 3 माह तक सफलतापूर्वक लॉकडाउन लागू कराने वाली पुलिस अब मास्क पहनना और सोशल डिस्टेन्सिंग को कड़ाई से लागू नहीं करा पा रही है. अक्सर देखा जा रहा है कि थाने के बाहर पुलिस के कई लोग स्वयं मास्क नहीं पहन रहे हैं. जब से एसएसपी ने जिलों में टास्क फोर्स गठित किया सिविल पुलिस गाइडलाइन लागू कराने में रुचि नहीं ले रही है.

30 सितंबर को अगली सुनवाई
कोर्ट ने तमाम वकीलों के सुझावों का उल्‍लेख करते हुए राज्य सरकार से इन्‍हें अमल में लाने पर विचार करने का निर्देश दिया है. हाईकोर्ट ने 30 सितम्बर को सुनवाई के दिन जानकारी मांगी है. कोर्ट ने सुझाव दिया है कि पुलिस व सरकारी कर्मचारियों के लिए  मास्क पहनना अनिवार्य हो, क्योंकि खुद मास्क पहनकर न आने वाले दूसरो को कैसे मास्क पहनने को कह सकते हैं.
दिया ये सुझाव


कोर्ट ने कहा सभी विभागों के मुखिया सबको जागरूक करें और मास्क, सोशल डिस्टेन्सिंग को कड़ाई से लागू करें. हर नागरिक को अधिकार हो कि कोई बिना मास्क दिखे तो टोल फ्री नंबर पर फोन कर शिकायत कर सके. पुलिस पेट्रोलिंग जारी रहे और मास्क व सोशल डिस्टेन्सिंग को कड़ाई से लागू कराये.

कोर्ट ने यह भी सुझाव दिया है कि ठेला-खोमचा या दुकान पर बाहर खाने की अनुमति न दी जाये. लोग खाद्य पदार्थों को पैक कराकर घर ले जाकर खायें. मॉडल वाइन शाप के बाहर किसी को भी पीने की अनुमति न दी जाए. इस पर रोक लगे. कोर्ट ने कहा है कि जिन देशों में मास्क पहनकर सोशल डिस्टेन्सिंग को कड़ाई से लागू किया गया है, वहां कोरोना मरीजों की संख्या लगातार घट रही है.

कोर्ट ने प्रयागराज सिविल लाइन्स में पार्किंग के मुद्दे पर विचाराधीन दूसरी जनहित याचिका को भी चीफ जस्टिस के नामांकन के बाद पेश किये जाने का निर्देश दिया है. व्यापार मंडल ने अनुरोध किया है कि अन्य याचिका जो पार्किंग मुद्दे पर है, उस पर अंतिम फैसला नहीं किया गया है. इसलिए इस याचिका मे पार्किंग मुद्दे पर आदेश न दिया जाए. याचिका की अगली सुनवाई 30 सितम्बर को होगी.
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