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इलाहाबाद HC ने सब के सामने चैक करवाई सरकारी वेबसाइट, नहीं थी अपडेट अब....

इलाहाबाद HC ने सब के सामने चैक करवाई सरकारी वेबसाइट, नहीं थी अपडेट अब....

प्राइवेट प्रकाशकों की किताबों में काफी अंतर देख हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब.

प्राइवेट प्रकाशकों की किताबों में काफी अंतर देख हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब.

Allahabad High Court : सरकारी वेबसाइट (Government Website) के अपडेट ना होने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने सरकार से मांगा जवाब. सरकार को नियमित रूप से वेबसाइट को अपडेट (Website Update) करने के दिए निर्देश. अगली सुनवाई 16 दिसम्बर (16th December) को होगी.

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    प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट में मंगलवार को एक अजीब वाकया देखने को मिला. चीफ जस्टिस राजेश बिन्दल और जस्टिस पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने जब कानून की जानकारी के लिए सरकारी वेबसाइट को सबके सामने चैक करवाया तो वेबसाइट पर अपडेटेड जानकारी नहीं मिली. इस बात से जज साहब खासे नाराज हुए और इस बात का जवाब मांगा कि कानून की संबंधी सभी जानकारियां सरकारी वेबसाइट पर अपडेट क्यों नहीं होती?

    दरअसल सरकार की ओर से हलफनामें में कहा गया कि आॅफिशियल वेबसाइट पर अपलोड करने का प्रावधान पहले से ही बना रखा है. इस पर चीफ जस्टिस ने तुरंत सरकारी वेबसाइट चैक करवाई और नतीजा सिफर रहा. कोर्ट का कहना था कि कई बार गलत प्रकाशित कानूनों के कारण कोर्ट को गलत जानकारी मिलती है इससे न्यायिक प्रक्रिया में देरी होती है. सरकार की वेबसाइट नियमित रूप से अपडेट होनी चाहिए

    यह सरकार की जिम्मेदारी
    इलाहाबाद कोर्ट में जज ने कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सभी तरह के कानूनों की जानकारी वेबसाइट पर अपडेट करे. तकनी​की युग में हर कोई नेट के जरिए विभिन्न जानकारियां जुटाता है. जब सरकार साइट को अपडेट ही नहीं करेगी तो लोगों तक सही जानकारियां कैसे पहुंचेगीं?

    प्राइवेट प्रकाशन में त्रुटियां
    कोर्ट का कहना था कि सरकार के बनाये कानून और उन कानूनों में हुए संशोधन का प्राइवेट प्रकाशकों द्वारा सही प्रकाशन नहीं किया है. इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. गलत प्रकाशित कानूनों के कारण कोर्ट को भी केसों की सुनवाई के दौरान सही जानकारी नहीं मिलती.

    कोर्ट ने इस मामले पर 16 दिसम्बर को फिर से सुनवाई करने का दिया निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि सरकार इस मामले में सही कार्यवाही कर कोर्ट को अवगत कराए.

    Tags: Allahabad high court, Digital India, Prayagraj, Prayagraj Court

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