इलाहाबाद हाईकोर्ट: चीफ जस्टिस की बेंच ने 30 मिनट में निपटाईं 550 याचिकाएं

इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गोविन्द माथुर तथा न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की खंडपीठ ने सैकड़ों याचिकाओं को निस्तारित किया है.

Sarvesh Kumar Dubey | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 9, 2019, 11:02 PM IST
इलाहाबाद हाईकोर्ट: चीफ जस्टिस की बेंच ने 30 मिनट में निपटाईं 550 याचिकाएं
इलाहाबाद हाईकोर्ट चीफ जस्टिस की बेंच ने आधे घंटे में किया ये बड़ा कमाल. (फाइल फोटो)
Sarvesh Kumar Dubey | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 9, 2019, 11:02 PM IST
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आपराधिक मामलो में दर्ज एफआईआर को रद्द करने व गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग को लेकर दाखिल लगभग 550 याचिकाओं को आधे घंटे में निस्तारित कर दिया है. कोर्ट ने प्राथमिकी पर हस्तक्षेप करने से इंकार करते हुए याचियों से सीआरपीसी की धारा 438 के तहत अग्रिम जमानत के लिए अधीनस्थ न्यायालय में दो सप्ताह के भीतर अर्जी दाखिल करने का निर्देश दिया है. जबकि कोर्ट ने दो सप्ताह के लिए याचियों की गिफ्तारी पर रोक लगा दी है.

यह आदेश मुख्य न्यायाधीश गोविन्द माथुर तथा न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की खंडपीठ ने हनुमंत राय उर्फ़ सौरभ दुबे व 6 अन्य सहित सैकड़ों याचिकाओं को निस्तारित करते हुए दिया है.

कोर्ट ने कही ये बात

कोर्ट ने कहा है कि प्राथमिकी के आरोपों को देखते हुए हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं है. जब कोर्ट ने मुख्य मांग स्वीकार नहीं की तो अन्य पर निर्देश देना उचित नहीं रहेगा. याची को अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने का वैकल्पिक फोरम उपलब्ध है. यदि वह अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल करता है तो 25 जुलाई तक गिरफ्तार न किया जाए.

बात जवाहर पंडित हत्याकांड की
पूर्व विधायक जवाहर पंडित की हत्या केस वापस लेने के सरकारी फैसले को अस्वीकार करने के अधीनस्थ न्यायालय के आदेश की वैधता की चुनौती याचिका की सुनवाई जारी है. अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी. राज्य सरकार ने आपराधिक पुनरीक्षण याचिका दाखिल की है और उदयभान करवरिया ने सीआरपीसी की धारा482 के तहत मुकदमे की कार्यवाही को रद्द करने की मांग में याचिका दाखिल की है.

जवाहर हत्या केस में प्रयागराज जिला एवं सत्र न्यायालय में करवरिया वन्धुओं कपिल मुनि करवरिया ,उदय भान करवरिया व् सूरज भान करवरिया तथा एक अन्य के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई चल रही है. राज्य सरकार ने मुकदमा वापस लेने की अर्जी यह कहते हुए निचली अदालत ने खारिज कर दिया कि सुनवाई लगभग पूरी हो चुकी है. मुकदमा वापसी का औचित्य नहीं है, जिसे चुनौती दी गयी है. इस याचिका की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश गोविन्द माथुर द्वारा की जा रही है.
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First published: July 9, 2019, 10:42 PM IST
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