69000 अध्यापक भर्तीः हाईकोर्ट ने दी बड़ी राहत, परीक्षा फॉर्म की छोटी गलतियां सुधार सकेंगे अभ्यर्थी
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69000 अध्यापक भर्तीः हाईकोर्ट ने दी बड़ी राहत, परीक्षा फॉर्म की छोटी गलतियां सुधार सकेंगे अभ्यर्थी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा को लेकर दायर याचिका पर दिया निर्देश. (फाइल फोटो)

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा फॉर्म (Assiatant Teacher Recruitment Exam Form) की छोटी गलतियां सुधारने की अनुमति दे दी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 9, 2020, 5:53 PM IST
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प्रयागराज. उत्तर प्रदेश में 69000 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा (UP Assistant teacher Recruitment Exam) मामले में आज इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है. हाईकोर्ट ने सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा फॉर्म (Exam Form) की छोटी गलतियां सुधारने की अनुमति दे दी है. अदालत ने इस बाबत दिए आदेश में सर्टिफिकेट और मार्क्स शीट की गलती को छोटी गलती मानते हुए ये आदेश दिया है.

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की जस्टिस पंकज भाटिया की एकल पीठ ने धर्मेन्द्र कुमार व अन्य की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई की. एकल पीठ ने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा फार्म में गलती सुधार की मांग में याचिका की सुनवाई करते हुए आवेदन की छोटी गलती सुधारने की अनुमति देने का निर्देश दिया. अदालत ने सर्टिफिकेट व अंकपत्र नंबर में हुई गलतियों को छोटी गलती मानते हुए यह निर्देश दिया है.

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सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा के संबंध में याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी और सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को इस बाबत अनुमति देने का आदेश दिया. इलाहाबाद उच्च न्यायालय के इस निर्णय से यूपी में 69 हजार पदों के लिए होने वाली परीक्षा में आवेदन देने वाले लाखों अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलेगी.
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आपको बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण काल में भी विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई लगातार जारी है.  COVID-19 महामारी के चलते आई दिक्कतों और तमाम परेशानियों के बावजूद हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड 33512 मुकदमों का निपटारा किया है. बताया गया कि कोरोनाकाल के दौरान उच्च न्यायालय की प्रधान पीठ सहित हाईकोर्ट की अलग-अलग बेंच में भी जरूरी मामलों की सुनवाई होती रही. हाईकोर्ट से मिली जानकारी के मुताबिक न्यायालय की प्रधान पीठ में इस संकटकाल के दौरान जहां 83783 मुकदमों की सुनवाई की गई, वहीं इनमें से 26458 मामले फैसले तक भी पहुंचे. हाईकोर्ट ने इनमें से 2436 मामलों में वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग से सुनवाई की थी.
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