लाइव टीवी

COVID-19: अब कैदियों की रिहाई में नहीं होगी मुश्किल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दी बड़ी राहत
Allahabad News in Hindi

Sarvesh Dubey | News18 Uttar Pradesh
Updated: April 6, 2020, 8:26 PM IST
COVID-19: अब कैदियों की रिहाई में नहीं होगी मुश्किल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दी बड़ी राहत
अब कैदियों की रिहाई में नहीं होगी मुश्किल (फाइल फोटो)

कोरोना संक्रमण के चलते सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक रिट याचिका का सुप्रीम कोर्ट ने 23 मार्च को स्वतः संज्ञान (Suo Moto cognizance) लिया था.

  • Share this:
प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने एक महत्वपूर्ण आदेश में ऐसे कैदियों को बड़ी राहत दी है. जो कि कोरोना महामारी (Coronavirus) के चलते जमानत न भरने के कारण जेलों से रिहा नहीं हो सके हैं. कोर्ट ने ऐसे कैदियों को रिहा होने के बाद एक माह के अंदर उन्हें अपनी जमानत भरने की भी मोहलत दी है. गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के चलते सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक रिट याचिका का सुप्रीम कोर्ट ने 23 मार्च को स्वतः संज्ञान (Suo Moto cognizance) लिया था और जेलों में भीड़-भाड़ कम करने के लिए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सभी राज्यों को एक कमेटी बनाकर 7 साल से कम सजा वाले कैदियों, बंदियों को ज़मानत और पैरोल पर छोड़ने के निर्देश दिए थे. लेकिन यूपी की जेलों में कई ऐसे कैदी हैं जो कि जमानत न भर पाने के चलते रिहा नहीं हो सके हैं.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जेलों में बंद ऐसे कैदियों को भी रिहा करने का आदेश दिया है जो कि अदालत के जमानत पर रिहा करने के आदेश के बावजूद जमानत न भरने के कारण अभी तक रिहा नहीं हुए हैं. कोर्ट ने कहा है कि जेल से रिहा होने वाले कैदी जेल से रिहा होने के बाद एक माह के अंदर अपनी जमानत भर सकते हैं. कोर्ट ने बांड पत्र में ऐसे कैदियों से इस बाबत शपथ पत्र भी लेने का निर्देश दिया है. चीफ जस्टिस गोविंद माथुर और जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका कायम कर मामले की सुनवाई करते हुए ये आदेश पारित किया है.

हाईकोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 226 एवं 227 के अधिकारों का प्रयोग करते हुए कहा है कि 15 मार्च 2020 के बाद जमानत पर रिहा हुए लोग यदि जमानत न भरने के कारण जेल से रिहा नहीं हो पाए हैं, तो उन्हें व्यक्तिगत बांड और आश्वासन लेकर रिहा किया जाए. रिहा होने के एक माह के भीतर वे जमानत भर सकते हैं. कोर्ट ने आदेश की प्रति संबंधित जिला अदालतों एवं अधिकरणों सहित प्रदेश के महाधिवक्ता, भारत सरकार के अपर सालिसीटर जनरल एवं सहायक सॉलिसिटर जनरल, राज्य लोक अभियोजक और उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के अध्यक्ष को भेजने का आदेश दिया है.



ये भी पढ़ें:



COVID-19: UP में आधे से ज्यादा संक्रमित तबलीगी जमात से, 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन खुलने की संभावना कम

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए इलाहाबाद से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: April 6, 2020, 8:26 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading