इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती परीक्षा में सफल कैंडिडेट को मानवीय भूल सुधारने का दिया मौका
Allahabad News in Hindi

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती परीक्षा में सफल कैंडिडेट को मानवीय भूल सुधारने का दिया मौका
इलाहाबा

हाईकोर्ट ने ओएमआर सीट (OMR Sheet) में उत्तर देने के तरीके में गलती करने वाले अभ्यर्थियों (Candidates) की याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि जो ओएमआर सीट पर दिए निर्देशों को समझ नहीं सकता वो सहायक अध्यापक बनने के योग्य नहीं हैं

  • Share this:
प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा (UP Assistant Teachers Recruitment Examination) में सफल ऐसे अभ्यर्थियों (कैंडिडेट) को राहत दी है जिन्होंने ऑनलाइन आवेदन (Online Application) भरने में गलती कर दी थी. अदालत ने कहा है कि काउंसिलिंग के समय अर्जी देने पर मानवीय भूल सुधारने का मौका दिया जाए. जबकि कोर्ट ने ऐसे अभ्यर्थियों को राहत देने से इनकार कर दिया जो परीक्षा में सफल नहीं हुए हैं और ऑनलाइन आवेदन में भी गलती की है. वहीं हाईकोर्ट ने ओएमआर सीट (OMR Sheet) में उत्तर देने के तरीके में गलती करने वाले अभ्यर्थियों की याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि जो ओएमआर सीट पर दिए निर्देशों को समझ नहीं सकता वो सहायक अध्यापक बनने के योग्य नहीं हैं.

यह आदेश न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्र ने अमर बहादुर और उन 25 अन्य की याचिका पर दिया है, जो सहायक अध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा में सफल हैं. इनका कहना था कि ऑनलाइन आवेदन करते समय उन्होंने विभिन्न परीक्षाओं में प्राप्त अंक भरने में गलती कर दी. कुछ ने अधिक अंक भरे जबकि कुछ ने प्राप्त अंक से कम भर दिए. इसी प्रकार से दो शिक्षामित्र, शिक्षामित्र वाला कॉलम भरना भूल गए थे जिससे उनको 25 अंक का वेटेज नहीं मिल सका.

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में असफल रहे कैंडिडेट को राहत नहीं दी



कोर्ट ने सभी की याचिकाएं स्वीकार करते हुए कहा कि याचीगण चयन समिति के समक्ष (सामने) उपस्थित होकर अपना प्रत्यावेदन दें और चयन समिति उस पर विचार कर नियमानुसार निर्णय ले. हालांकि कोर्ट ने ऐसे अभ्यर्थियों को राहत नहीं दी है जो लिखित परीक्षा में असफल थे. इन सबने ऑनलाइन आवेदन में की गई त्रुटि (गलती) को सुधारने की मांग की थी. कोर्ट ने कहा कि ऐसे अभ्यर्थियों को त्रुटि सुधार की अनुमति देने का अर्थ है कि परीक्षा परिणाम प्रभावित होगा जो कि पहले ही जारी हो चुका है.
दरअसल एक अभ्यर्थी ने यह कहते हुए याचिका दाखिल की थी परीक्षा के दौरान ओएमआर शीट पर उत्तर भरते समय उसने कुछ उत्तरों को काला किया जबकि कुछ में टिक का चिन्ह लगा दिया. उसने अपनी उत्तर पुस्तिका फिर से जांचने की मांग की थी. इस पर कोर्ट ने कहा कि ओएमआर सीट पर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि उत्तर के सामने बने गोले को काला करना है. मगर याची निर्देशों को समझने में नाकाम रहा. ऐसा अभ्यर्थी सहायक अध्यापक बनने के योग्य नहीं है जो निर्देशों को न समझ सके.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading