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आरक्षित वर्ग के लिए ‘कट आफ अंक’ बाद में घटाए नहीं जा सकते : हाई कोर्ट


Updated: December 8, 2017, 8:03 AM IST
आरक्षित वर्ग के लिए ‘कट आफ अंक’ बाद में घटाए नहीं जा सकते : हाई कोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट

Updated: December 8, 2017, 8:03 AM IST
इलाहाबाद हाई कोर्ट  ने एक फैसले में कहा है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षित वर्ग के लिए ‘कट आफ अंक’ को बाद के चरण में एक विफल अभ्यर्थी के अनुरोध पर महज इसलिए नहीं घटाया जा सकता क्योंकि आरक्षित कोटे के कुछ पद रिक्त रह गये हैं.

"स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों" (सामान्य) के वर्ग से आने वाले भुवनेश पचौरी की याचिका खारिज करते हुए न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने कहा, "याचिकाकर्ता ने भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लिया और बाद में चयन सूची को चुनौती दी और गुहार लगाई कि आरक्षित वर्ग के लिए ‘कट आफ अंक’ को घटाया जाये, ताकि रिक्त पद भरे जा सकें."

हालांकि, मौजूदा कानून को देखते हुए एक बार यदि याचिकाकर्ता चयन प्रक्रिया में शामिल हो जाता है और असफल रहता है तो वह इससे मुंह नहीं मोड़ सकता और चयन प्रक्रिया के नियमों के खिलाफ विरोध नहीं कर सकता.

याचिकाकर्ता ने उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा 3 अक्तूबर, 2013 को निकाले गए विज्ञापन में कनिष्ठ अभियंता (सिविल) के पद के लिए आवेदन किया था.

वह वर्ष 2014 में आयोजित लिखित परीक्षा में शामिल हुआ जिसमें उक्त वर्ग से केवल पांच उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया.

याचिकाकर्ता की दलील थी कि कानून के मुताबिक, 2 प्रतिशत सीटें स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों के लिए आरक्षित किए जाने की आवश्यकता थी.

कुल 469 पदों के लिए विज्ञापन निकाले गए थे जिसमें से 9 पद उक्त वर्ग के लिए आरक्षित करने की आवश्यकता थी. लेकिन केवल 5 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया और इन सभी का चयन कर लिया गया.

उत्तर प्रदेश जल निगम ने दलील दी कि साक्षात्कार के वास्ते कट आफ अंक 42 निर्धारित किया गया था, लेकिन याचिकाकर्ता ने केवल 34 अंक हासिल किए, इसलिए उन्हें नहीं बुलाया गया और इस तरह से बाकी 4 पद रिक्त रह गए क्योंकि किसी ने भी कट आफ अंक हासिल नहीं किया.

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा, "याचिकाकर्ता को कट आफ अंक घटाने के उसके अनुरोध पर कोई राहत नहीं दी जा सकती है. हालांकि याचिकाकर्ता के पास सरकारी आरक्षण कानून के मुताबिक अगली भर्ती में आरक्षित पदों के लिए आवेदन करने का विकल्प खुला है."

 
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