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68500 सहायक अध्यापक भर्ती का मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन का दिया आदेश

Sarvesh Kumar Dubey | News18 Uttar Pradesh
Updated: November 3, 2019, 5:14 AM IST
68500 सहायक अध्यापक भर्ती का मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन का दिया आदेश
कुछ अभ्यर्थियों को उत्तर पुस्तिका की स्कैन प्रति दी गयी जिससे पता चला कि मूल्यांकन में गंभीर त्रुटियां की गई हैं, इसे लेकर याचिकाएं दाखिल की गईं.

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने 68500 सहायक अध्यापक भर्ती (68500 Assistant Teacher Recruitment) के मामले में एक बार फिर कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन (Revaluation) का आदेश दिया है.

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इलाहाबाद. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने 68500 सहायक अध्यापक भर्ती (68500 Assistant Teacher Recruitment) के मामले में उत्तर पुस्तिकाओं (कॉपियों) के पुनर्मूल्यांकन (Revaluation) का आदेश दिया है. कोर्ट ने सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी से कहा है कि पूर्व में पारित अनिरूद्ध कुमार शुक्ल और राधा देवी केस में दी गई गाइडलाइन के अनुसार पुनर्मूल्यांकन हेतु आवेदन करने वाले याचीगण की उत्तर पुस्तिकाओं को फिर से जांचा जाए. इसके बाद परिणाम संशोधित होने पर जो कट आफ मेरिट में आते हैं उनको चार सप्ताह में नियुक्ति पत्र जारी करें. न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने नरेन्द्र कुमार चतुर्वेदी और रश्मि सिंह सहित सैकड़ों अभ्यर्थियों की याचिकाओं को एक साथ निस्तारित करते हुए यह आदेश दिया है.

13 अगस्त 2018 को घोषित किया गया था सहायक अध्यापक भर्ती का परिणाम
याचिकाओं पर वरिष्ठ अधिवक्ता आर.के.ओझा, अग्निहोत्री कुमार त्रिपाठी सहित दर्जनों वकीलों ने पक्ष रखा. बताया गया कि 68500 सहायक अध्यापक भर्ती का परिणाम 13 अगस्त 2018 को घोषित किया गया था. उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर आपत्तियां थी.

याचिका अब अर्थहीन हो गई है: प्रदेश सरकार के अधिवक्ता

हाईकोर्ट ने अनिरूद्ध कुमार शुक्ल केस में परीक्षा नियामक प्राधिकारी को उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन का आदेश दिया. याचीगण का आरोप है कि पुनर्मूल्यांकन में हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया गया. प्रदेश सरकार के अधिवक्ता का कहना था कि शासन ने याचीगण की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन का निर्णय ले लिया है इसलिए यह याचिका अब अर्थहीन हो गई है.

सफल अभ्यर्थियों को चार सप्ताह में नियुक्ति पत्र जारी करें सचिव परीक्षा नियामक
कोर्ट ने कहा कि सचिव परीक्षा नियामक उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन अनिरूद्ध नारायण शुक्ल और राधा देवी केस की गाइडलाइन के आलोक में करें और संशोधित परिणाम राज्य सरकार को भेजा जाए. सरकार बचे हुए 22211 पदों के सापेक्ष कट आफ मेरिट के अनुसार सफल अभ्यर्थियों को चार सप्ताह में नियुक्ति पत्र जारी करें.

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First published: November 3, 2019, 5:14 AM IST
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