Allahabad news

इलाहाबाद

अपना जिला चुनें

AMU हिंसा: हाईकोर्ट का सख्त रुख- पुलिसवालों पर कार्रवाई, घायल 6 छात्रों को मुआवजे का आदेश

1996 में हुई थी छह सिख कैदियों की हत्‍या.

1996 में हुई थी छह सिख कैदियों की हत्‍या.

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने राज्य सरकार को पुलिस की हिंसा का शिकार हुए एएमयू के 6 गम्भीर रूप से घायल छात्रों को मुआवजा देने का आदेश दिया है.

SHARE THIS:
इलाहाबाद. देश में नागरिकता संशोधन कानून लागू किए जाने के विरोध में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (Aligarh Muslim University AMU) में विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस हिंसा पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार किया है. इस मामले को लेकर दाखिल की गई याचिका की सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को पुलिस की हिंसा का शिकार हुए एएमयू के 6 गम्भीर रूप से घायल छात्रों को मुआवजा देने का आदेश दिया है. हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सिफारिशों के तहत मानवीय आधार पर मुआवजा देने का आदेश दिया है.

इसके साथ ही हाईकोर्ट ने मुआवजे के लिए राज्य सरकार और एएमयू के कुलपति को नोटिस भी जारी किया है. हाईकोर्ट ने यूपी के चीफ सेक्रेटरी, डीजीपी, सीआरपीएफ के महानिदेशक, एएमयू के वीसी और रजिस्ट्रार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सिफारिशों पर अमल करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च से पहले सभी पक्षकारों से अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी है.

'हिंसक भीड़ से निपटने पुलिस को विशेष प्रशिक्षण दिलवाएं'
हाईकोर्ट ने यूपी के पुलिस महानिदेशक को सीसीटीवी कैमरे के फुटेज देखकर हिंसा के दौरान कार्रवाई करने वाले सिविल पुलिस और पीएसी के जवानों को भी चिन्हित कर कार्रवाई करने का आदेश दिया है, जिन्होंने बेवजह पार्किंग में खड़े वाहनों में तोड़फोड़ की है. कोर्ट ने राज्य सरकार को ये आदेश भी दिया है कि वो इन पुलिस कर्मियों को हिंसक भीड़ से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिलवाने की भी व्यवस्था करें.

'दंगों के समय कानून व्यवस्था बनाने पेशेवर तरीके अपनाएं'
कोर्ट ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सिफारिशों के तहत ही सीआरपीएफ के महानिदेशक को भी आदेश दिया है कि दंगों के समय कानून व्यवस्था की बहाली के लिए पेशेवर तरीके अपनाए जाएं, ताकि आम नागरिकों के मानवाधिकारों का हनन न हो. अदालत ने यूपी के डीजीपी को 6 जनवरी 2020 को गठित एसआईटी को तय समय में सीएए को लेकर हुई हिंसा से जुड़े मामलों की जांच पूरी करने का भी आदेश दिया है.

सोशल मीडिया पर अफवाहों को लेकर कोर्ट गम्भीर
इसके साथ ही कोर्ट ने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलने से रोकने के लिए राज्य सरकार से कारगर कदम उठाने को भी कहा है. कोर्ट ने एएमयू के वाइस चांसलर और रजिस्ट्रार को छात्रों के साथ संवाद बनाये रखने को कहा है, ताकि यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्र-छात्रायें बाहरी लोगों के प्रभाव में आने से बचें.

AMU के पूर्व छात्रों ने लगाई थी याचिका
एएमयू के पूर्व छात्र अमन खान और मोहम्मद आमिर ने याचिका दाखिल कर एएमयू में हुई हिंसा की न्यायिक जांच की मांग की थी, जिसके बाद हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय मानवाधिकार को मामले की जांच सौंपी थी. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की जांच रिपोर्ट सील बंद लिफाफे में अदालत में पेश की गई थी जिसे देखने के बाद कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए ये आदेश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च को होगी. चीफ जस्टिस गोविंद माथुर और जस्टिस समित गोपाल की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई के बाद ये आदेश दिया है.

ये भी पढ़ें -
सपा सांसद आजम खान और उनके परिवार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, ये है मामला
सुन्नी वक्फ बोर्ड ने स्वीकार की अयोध्या में पांच एकड़ जमीन, मस्जिद के साथ बनेगा चैरिटेबल हॉस्पिटल

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

Narendra Giri death case: रणदीप सुरजेवाला ने दी श्रद्धांजलि, कहा- महंतों की रक्षा करने में भी समर्थ नहीं है BJP सरकार

कांग्रेस के कई अन्य नेताओं ने भी नरेद्र गिरी की मौत पर दुख जताया. (फाइल फोटो)

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने ट्वीट किया, ‘‘संतों महन्तों की सर्वोच्च संस्था अखाड़ा परिषद के आदरणीय महंत नरेंद्र गिरी जी की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हृदयविदारक है.‘‘

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 00:00 IST
SHARE THIS:

नई दिल्ली. कांग्रेस ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) की कथित आत्महत्या पर सोमवार को दुख जताया. साथ ही कांग्रेस ने यह सवाल भी किया कि यह खुदकुशी है या फिर ‘सुनियोजित हत्या’. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने ट्वीट किया, ‘‘संतों महन्तों की सर्वोच्च संस्था अखाड़ा परिषद के आदरणीय महंत नरेंद्र गिरी जी की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हृदयविदारक है. श्रद्धांजलि.’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या यह आत्महत्या है या सुनियोजित हत्या? उत्तर प्रदेश भाजपा (BJP) की ये कैसी सरकार है जो देश के संतों महंतों की रक्षा करने में भी समर्थ नहीं?’’ कांग्रेस के कई अन्य नेताओं ने भी नरेद्र गिरी की मौत पर दुख जताया.

लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने ट्वीट किया, ‘‘अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि जी का देहावसान होना भारत के लिए अपूर्णीय क्षति है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शान्ति प्रदान करें. ओम शांति.’’

सीबीआई जांच की सिफारिश की जानी चाहिए
वहीं, कुछ देर पहले अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की  संदिग्ध मौत पर भारतीय जनता पार्टी के फायर ब्रांड नेता और पूर्व सांसद विनय कटियार (Vinay Katiyar) ने बड़ा बयान दिया था. उन्होंने इस मामले में सीबीआई जांच (CBI Probe) कराने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि चाहे हत्या हो या आत्महत्या, योगी सरकार मिसाल कायम करने के लिए सख्त कार्रवाई करेगी. विनय कटियार ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. ऐसे में इस मामले को आगे नहीं बढ़ना चाहिए. सब कुछ बेनकाब होना चाहिए. साथ ही विनय कटियार ने कहा कि जरूरत पड़ने पर सीबीआई जांच की सिफारिश की जानी चाहिए.

नरेंद्र गिरी का निधन साधु समाज के लिए अपार क्षति के समान है
वहीं, नरेंद्र गिरि के निधन से धर्मनगरी अयोध्या में भी शोक की लहर है. अयोध्या में उनके निधन का समाचार पहुंचते ही संतों में शोक की लहर दौड़ गई. देशभर के नेताओं ने भी महंत नरेंद्र गिरि के निधन पर श्रद्धांजलि व्यक्त की है. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पूर्व सीएम अखिलेश यादव, मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान, यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने उनके निधन पर गहरा शोक जताया है. हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष के निधन बेहद दुखद बताया है. राजू दास ने कहा कि भगवान से प्रार्थना है कि मृत आत्मा को शांति प्रदान करें. नरेंद्र गिरी का निधन साधु समाज के लिए अपार क्षति के समान है.

Opinion : हर किसी को सम्मोहित कर लेती थी महंत नरेंद्र गिरी की कार्यशैली

महंत नरेंद्र गिरी की कार्यकुशलता सबको प्रभावित करती थी.

Memories : अतिथि सत्कार और प्रेम का एक प्रत्यक्ष उदाहरण थे नरेंद्र गिरी जी महाराज. उनकी विशेषता थी कि हमेशा अपनी गाड़ी में लेटे हनुमान जी के मंदिर के प्रसाद रूपी लड्डू की पोटली रखा करते थे और जब भी मिलते हमेशा अपने सुरक्षाकर्मियों या ड्राइवर से कहते अरे सगुन बाबू को प्रसाद दो.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 20, 2021, 23:17 IST
SHARE THIS:

शगुन त्यागी

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं निरंजनी अखाड़े के श्री महंत परम श्रद्धेय नरेंद्र गिरी जी महाराज के दवलोकन की खबर से क्षुब्ध हूं. वास्तव में अखाड़ा परिषद को असल पहचान मिली ही तब, जब नरेंद्र गिरी जी महाराज ने अखाड़ा परिषद की कमान संभाली. मुझे आज भी साल 2013 का प्रयाग राज महाकुंभ याद है, जब मेरी पहली भेंट नरेंद्र गिरी जी महाराज से हुई. सक्रिय पत्रकारिता छोड़ने के बाद जब मैं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज के संपर्क में आया, तो उन्होंने मुझे अपने मीडिया सलाहकार के पद पर नियुक्त किया. उसी के बाद साल 2013 के प्रयागराज महाकुंभ में मेरी पहली बार भेंट अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की बैठक में हुई. मैंने प्रत्यक्ष तौर पर देखा किस प्रकार द्वारिका पीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती जी की मेला प्रशासन के साथ मेले में दी जाने वाली भूमि के विवाद को कैसे उन्होंने बेहद सरलता के साथ निपटाया. मैं हमेशा उनकी कार्यकुशलता का कायल रहा हूं. जीवन में पहली बार मैं उसी साल 2013 के महाकुंभ के दौरान अपने गुरु जी कैलाशानंद गिरी जी महाराज के साथ लेटे हनुमान जी के दर्शन के बाद प्रयागराज की बाघंबरी गद्दी मठ गया. उसी दौरान कैलाशानंद गिरी जी महाराज ने मेरा परिचय नरेंद्र गिरी जी महाराज से कराया था. उसके बाद हमेशा मेरे प्रति आत्मीय लगाव रहा. मुझे सगुन बाबू कहकर पुकारा करते थे. लगातार चार कुंभों में मैंने उनके साथ काम किया. उनसे बहुत कुछ सीखा.

बाघंबरी गद्दी मठ में अतिथियों को परोसे जाने वाले दिव्य भोजन और भोजन को प्रेम भाव से खिलाने के तरीके का मैं कायल था. मठ के विद्यार्थियों को हमेशा सख्त लहजे में डांटते थे कि अतिथि को भोजन प्रेम से कराओ. अपने आश्रम की एक चीज पर बड़ी ही बारिक नजर रखते थे. अतिथि सत्कार और प्रेम का एक प्रत्यक्ष उदाहरण थे नरेंद्र गिरी जी महाराज. उनकी विशेषता थी कि हमेशा अपनी गाड़ी में लेटे हनुमान जी के मंदिर के प्रसाद रूपी लड्डू की पोटली रखा करते थे और जब भी मिलते हमेशा अपने सुरक्षाकर्मियों या ड्राइवर से कहते अरे सगुन बाबू को प्रसाद दो.

अभी हाल ही की बात है हरिद्वार कुंभ 2021 के दौरान उन्हें कोरोना ने अपनी चपेट में लिया था लेकिन बावजूद उसके उन्होंने बेहद सफलता पूर्वक महाकुंभ का सफल आयोजन कराया. नरेंद्र गिरी जी महाराज जैसे व्यक्तित्व का यूं समय चक्र को छोड़कर काल चक्र में चले जाना न सिर्फ दुखद है, बल्कि वैदिक सनातन धर्म को बहुत बड़ा आघात है. हाल ही में हरिद्वार कुंभ 2021 के समापन के बाद मुझे किसी खबर के विषय में उन्हें अवगत कराना था, तो मेरी उनसे फोन पर वार्ता हुई. मैंने उनसे कहा कि क्या मैं खबर आपको वॉट्सऐप पर भेजूं महाराज जी? लेकिन कैसे भेजूं, आपके इस नंबर पर तो वॉट्सऐप चलता नहीं है. क्या कोई दूसरा नंबर है? तो उन्होंने बड़ी ही सरलता से जवाब दिया – अरे सगुन बाबू हम तो वॉट्सऐप रखते ही नहीं हैं. बड़ी सिरदर्दी रहती है. तो मैंने उनसे कहा कि फिर आपको कैसे भेजूं क्योंकि मैं तो दिल्ली हूं और आप प्रयागराज. तो उन्होंने कहा कि अरे कोई आवश्यकता नहीं है, आपने पढ़ लिया न और आपने पढ़कर सुना दिया. बस बहुत है. नहीं तो ऐसा करें आप, प्रयागराज आ जाएं. लेटे हनुमान जी के दर्शन भी कर लीजिएगा.

ऐसी एक नहीं, हजारों यादें हैं जो श्री महंत नरेंद्र गिरी जी के साथ जुड़ी हैं. संतों के बीच रहकर मैंने अखाड़ा परिषद और अखाड़ों की परंपरा को बेहद करीब से देखा है. लगातार दूसरी बार अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पद पर चुने जाना और अखाड़ा परिषद को एक नए आयाम पर ले जाने का सेहरा नरेंद्र गिरी जी महाराज के सिर ही बांधा गया. 13 अखाड़ों को एकसाथ लेकर चलना. शाही स्नान को लेकर होने वाले विवादों को आपने साल 2013 के प्रयागराज कुंभ से पहले बेशक सुना हो, लेकन जबसे नरेंद्र गिरी जी महाराज ने अखाड़ा परिषद का जिम्मा संभाला तब से 13 के 13 अखाड़े एकजुट रहते और शाही स्नान में कभी किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं देखने को मिला. हमेशा सभी अखाड़ों को एकजुट रखने के लिए (विशेषकर कुंभ में) रात-दिन मेहनत करते थे नरेंद्र गिरी जी महाराज.

लिखने के लिए और भी बहुत कुछ है, लेकिन भावुकता आगे बढ़ने नहीं दे रही है. अंत में यही कहकर अपनी वाणी को विराम दूंगा और प्रभु से प्रार्थना करूंगा कि उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें. साथ ही उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु का सत्य जल्द से जल्द सामने आना चाहिए.

(डिस्क्लेमर: शगुन त्यागी पत्रकार रहे हैं और वे त्यागी कैलाशानंद जी के मीडिया सलाकार हैं. कैलाशानंद गिरी जी उसी निरंजनी के आचार्य महामंडलेश्वर हैं, जिससे नरेंद्र गिरी जुड़े थे. ये लेखक के निजी विचार हैं. लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता/सटीकता के प्रति लेखक स्वयं जवाबदेह है. इसके लिए News18Hindi किसी भी तरह से उत्तरदायी नहीं है)

RIP Narendra Giri: महंत नरेन्द्र गिरी को पहले भी मिली थी जान से मारने की धमकी

RIP Mahant Narendra Giri: आचार्य नरेंद्र गिरी को 2018 में भी मिली थी जान से मारने की धमकी.

Mahant Narendra Giri Suicide: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रमुख महंत आचार्य नरेन्द्र गिरी का शव प्रयागराज स्थित उनके बाघम्बरी आश्रम के कमरे से मिला. सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने उनके शिष्य आचार्य आनंद गिरी को हिरासत में लिया.

SHARE THIS:

लखनऊ. देश में साधुओं की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया है. सोमवार की दोपहर महंत गिरी का शव उनके बाघम्भरी आश्रम स्थित कमरे में फंदे से लटकता मिला. अपनी बेबाकी के लिए पहचाने जाने वाले महंत नरेंद्र गिरी को इससे पहले भी जान से मारने की धमकी मिली थी. साल 2018 में इसको लेकर महंत ने प्रयागराज में एफआईआर भी कराई थी.

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी ने 2018 में प्रयागराज के दारागंज थाने में FIR दर्ज कराई थी. इसमें महंत नरेन्द्र गिरी ने झूंसी थाना क्षेत्र में रहने वाले एक योग गुरु सत्यम पर लगातार जान से मार देने की धमकी देने का आरोप लगाया था. नरेन्द्र गिरि ने बताया था कि ‘14 जुलाई को फोन कर मुझे जान से मारने की धमकी दी गई है. फोन पर व्यक्ति ने कहा कि मैं योगी सत्यम बोल रहा हूं. अगर मेरे खिलाफ किसी भी तरह की टिप्पणी की या फिर कोई बयान दिया, तो मार दिए जाओगे. इस तरह बार-बार फोन कर धमकी दी जा रही थी. जिसके चलते मैंने योगी सत्यम के खिलाफ थाने में तहरीर दी है.’

बाघम्बरी आश्रम से मिले सुसाइड नोट से घेरे में आए आनंद गिरी
महंत नरेंद्र गिरी की मौत के बाद पुलिस को उनके बाघम्बरी आश्रम से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उन्होंने अपने शिष्य आनंद गिरी पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. इसके आधार पर स्थानीय पुलिस अभी महंत की मौत को आत्महत्या बता रही है. लेकिन महंत नरेन्द्र गिरी की आत्महत्या की वजह का अब तक कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है. पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है. जिसके तहत आश्रम में मौजूद कुछ लोगो से लगातार पूठताछ भी की जा रही है. ताजा खबरों के मुताबिक आनंद गिरी को हिरासत में ले लिया गया है.

महंत नरेन्द्र गिरी और शिष्य के बीच ये था विवाद
महंत नरेन्द्र गिरी का अपने शिष्य आनंद गिरी से लंबे समय से विवाद चल रहा था. 2019 में  महंत आनंद गिरी को ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में महिलाओं से उनके बेडरूम में मारपीट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने श्रीनिरंजनी अखाड़े से जुड़े अपने शिष्य आनंद गिरी पर संन्यास परंपरा का उल्लंघन का आरोप लगाया था. इसके साथ ही उन्होंने प्रयागराज स्थित बाघम्बरी पीठ लेटे हनुमान मंदिर की गद्दी से आनंद गिरी को हटाने के साथ-साथ अखाड़े से भी बाहर करवा दिया था. इससे भड़के आनंद गिरी ने अखाड़े की संपत्ति को लेकर महंत नरेन्द्र गिरी पर गंभीर आरोप लगाए थे. इसमें संपत्ति के विवाद में ही निरंजनी अखाड़े से जुड़े महंत आशीष गिरी और महंत दिगंबर गंगापुरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने का दावा कर जांच कराने की मांग की गई थी.

Mahant Narendra Giri Suicide: ‌आद्या तिवारी भी हिरासत में, कभी भी गिरफ्तार हो सकता है आनंद गिरी

आनंद गिरी की गिरफ्तारी के लिए यूपी पुलिस उत्तराखंड पहुंच गई है.

Death of Mehant Narendra Giri: उत्तर प्रदेश पुलिस पहुंची आनंद गिरी के आश्रम, कमरे में खुद को बंद कर बैठा है आनंद गिरी, वहीं लेटे हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी को पुलिस ने हिरासत में लिया.

SHARE THIS:

प्रयागराज. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी के लिखे सुसाइड नोट में आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराए गए आरोपियों में से एक आद्या तिवारी को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. उत्तर प्रदेश पुलिस ने आद्या तिवारी को प्रयागराज से ही गिरफ्तार किया है. आद्या तिवारी बड़े हनुमान मंदिर के पुजारी हैं. वहीं यूपी पुलिस की एक टीम हरिद्वार स्थित आनंद गिरी के आश्रम पहुंच गई है और बताया जा रहा है कि आनंद की कभी भी गिरफ्तारी की जा सकती है. बताया जा रहा है कि आनंद तिवारी ने आश्रम में खुद को एक कमरे में बंद कर लिया है और वे लगातार किसी से संपर्क में है.
वहीं तीसरे आरोपी और पुजारी आद्या तिवारी के बेटे संदीप तिवारी को अभी हिरासत में नहीं लिया गया है. गौरतलब है कि महंत नरेंद्र गिरी ने सोमवार को आत्महत्या कर ली थी और उनके पास से मिले सुसाइड नोट में उन्होंने आनंद गिरी, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी पर मानसिक तौर से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था.

वहीं आनंद गिरी का दावा है कि गुरुजी आत्महत्या कर ही नहीं सकते. वहीं रही बात सुसाइड नोट की तो उन्होंने कहा कि महंत नरेंद्र गिरी को लिखना पढ़ना ही नहीं आता था ऐसे में वे 8 पन्नों का सुसाइड नोट कैसे लिख सकते हैं. उन्होंने कहा कि इस मामले की पूरी जांच की जानी चाहिए.
आनंद गिरी ने कहा कि वो इस मामले में किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हैं और उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है. आनंद गिरी ने कहा कि लोग हमें रास्‍ते से हटाना चाहते थे और कुछ लोग लगातार गुरुजी को परेशान भी कर रहे थे. गौरतलब है कि आनंद गिरी का सुसाइड नोट में नाम आने के बाद उत्तराखंड पुलिस ने हरिद्वार से हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है.

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की संदिग्‍ध हालात में मौत, मौके से मिला सुसाइड नोट

संदिग्‍ध हालात में महंत नरेंद्र गिरी की मौत के बाद पुलिस ने बारंबरी मठ को पूरी तरह से सील कर दिया है. (फाइल फोटो)

Mahant Narendra Giri Death: महंत नरेंद्र गिरी का शव प्रयागराज में बाघंबरी मठ उऩके कमरे में फंदे से लटका मिला. मठ को पुलिस ने पूरी तरह से सील कर दिया है. हालांकि अभी तक किसी भी तरह की जानकारी पुलिस नहीं दे रही है. सूत्रों के अनुसार महंत गिरी के शव के पास से एक सुसाइड नोट भी पुलिस को बरामद हुआ है.

SHARE THIS:

प्रयागराज. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की सोमवार को संदिग्‍ध हालात में मौत हो गई. जानकारी के अनुसार उनकी मौत प्रयागराज में हुई है. सूत्रों के अनुसार उनका शव बाघंबरी मठ में ही रस्सी के एक फंदे से लटकता मिला है. उल्लेखनीय है कि उनकी मौत साथ ही अखाड़ा परिषद के अंदर मतभेद की खबरें एक बार फिर उठ रही हैं. बताया जा रहा है कि महंत नरेंद्र गिरी का कमरा अंदर से बंद मिला था जिसके बाद शक होने पर उसे खोला गया तो अंदर उऩका शव मिला. उनके पास से एक सुसाइड नोट भी पुलिस को मिला है. जिसमें मानसिक तौर से परेशान होने का जिक्र भी किया गया है. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई. बताया जा रहा है कि महंत नरेंद्र गिरी पिछले कुछ दिनों से परेशान चल रहे थे.

हत्या के मामले से किया इनकार
हालांकि प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने हत्या की बात से इनकार किया है. सूत्रों के अनुसार महंत नरेंद्र गिरी ने आत्महत्या की है. हालांकि अभी पुलिस ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि उनकी मौत का कारण आत्महत्या है या कुछ और. खबर के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और किसी को भी बारंबरी मठ में घुसने की इजाजत नहीं दी जा रही है. फोरेंसिक टीम मौके पर जांच कर रही है.

शिष्य के साथ चल रहा था विवाद
वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार महंत नरेंद्र गिरी का अपने एक शिष्य आनंद गिरी से कुछ समय से विवाद चल रहा था. इस विवाद को लेकर महंत नरेंद्र गिरी और उनके शिष्य के बीच कुछ दिनों पहले ही सुलह हुई थी. शिष्य ने उनसे माफी मांगी थी जिसके बाद महंत गिरी ने भी उन्हें माफ कर दिया था. उल्लेखनीय है कि महंत नरेंद्र गिरी कुछ समय पहले ही कोरोना से संक्रमित भी हो गए थे हालांकि वो इसको हरा कर स्वस्‍थ्य हो गए थे.

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी के निधन की खबर आते ही अयोध्या में शोक की लहर फैल गई है. हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने कहा कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष के निधन की सूचना बेहद ही दुखद है. भगवान से प्रार्थना है कि मृत आत्मा को शांति प्रदान करें. नरेंद्र गिरी का निधन साधु समाज की अपार क्षति है. सनातन धर्म की रक्षा के लिए वो हमेशा समर्पित रहते थे.

RIP Narendra Giri: अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष, बाघंबरी गद्दी और लेटे हनुमान जी के महंत थे आचार्य नरेंद्र गिरी

RIP Mahant Narendra Giri: नरेंद्र गिरी न सिर्फ अखाड़ा परिषद के प्रमुख थे, बल्कि प्रयाग के लेटे हनुमानजी के महंत भी थे.

RIP Mahant Narendra Giri: देश में साधु-संतों को मान्यता देने का अंतिम निर्णय करने वाली संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रमुख थे महंत नरेंद्र गिरी. देश के अलग-अलग 13 सनातनी और 3 वैष्णवी अखाड़ों के बीच आपसी समन्वय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी इन्हीं के कंधों पर थी.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 20, 2021, 22:26 IST
SHARE THIS:

प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रमुख आचार्य नरेंद्र गिरी के निधन से देश के साधु-संत समाज में शोक की लहर व्याप्त है. यह लाजिमी भी है, क्योंकि वैष्णवी अखाड़ों समेत नागा-साधु संन्यासियों की प्रमुखता वाले सभी 13 अखाड़ों (3 वैष्णवी अखाड़े भी) के सर्वमान्य प्रमुख का संदिग्ध परिस्थितियों में चले जाना, सामान्य बात है भी नहीं. अखाड़ा परिषद के प्रमुख के पद पर रहने का महत्व इससे भी समझा जा सकता है कि इनके बीच समन्वय का काम अत्यंत मुश्किल भरा है, जिसे महंत नरेंद्र गिरी बड़ी आसानी से लंबे समय से संभालते आ रहे थे. इसके अलावा वे प्रयागराज की प्रसिद्ध बाघम्बरी गद्दी और संगम-तट पर स्थित लेटे हनुमानजी के भी महंत थे.

आमतौर पर आपने रामभक्त हनुमान की प्रतिमा देश में कहीं भी खड़ी अवस्था में ही देखी होगी, लेकिन तीर्थराज प्रयाग के हनुमानजी सर्वथा अलग हैं. अकबर के बनाए इलाहाबाद के किले के ठीक नीचे लेटे हनुमान जी का मंदिर है. समस्त हिंदू समुदाय में इसकी बड़ी मान्यता है. कहा जाता है कि लेटे हनुमानजी के दर्शन मात्र से कार्य सिद्ध हो जाते हैं. रामभक्त हनुमान की खड़ी मूर्तियां तो हर जगह है, लेकिन ये चुनिंदा मूर्तियों में से है जो लेटे हुए हैं. प्रति वर्ष गंगा नदी का जलस्तर जब बढ़ता है, तो पुण्य-सलिला इन्हें स्नान कराती हैं. कहा जाता है कि उन्हें स्नान करवा कर ही वे घटती हैं. आचार्य नरेंद्र गिरी इन लेटे हनुमानजी के भी महंत थे. यह बात जानने योग्य है कि प्रयागराज की सम्मानित बाघम्बरी गद्दी के महंत भी लेटे हुनुमान जी के आचार्य ही होते हैं. लिहाजा ये पद भी महंत नरेंद्र गिरी के पास ही था.

महंत नरेंद्र गिरी की संदिग्ध मौत: सामने आए ये बड़े विवाद, जानिए क्यों घेरे में हैं आनंद गिरी

13+3 अखाड़ों के अध्यक्ष की जिम्मेदारी

महाकुंभ या गंगा स्नान से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान नागा साधुओं के अखाड़ा स्नान के बारे में तो आपने सुना ही होगा. अखाड़ों का अर्थ है नागा साधुओं का समूह. मान्यता है कि भगवान दत्तात्रेय को मानने वाले ये अखाड़े ही दरअसल सनातन धर्म के रक्षक हैं. गौर करने वाली बात यह है कि जूना अखाड़ा हो या निरंजनी या फिर कोई और, इन सभी अखाड़ों की सोच अलग-अलग है. देश में 13 सनातनी अखाड़े हैं, जबकि 3 वैष्णवी अखाड़ा है. महाकुंभ के समय गंगा स्नान के लिए अक्सर इन अखाड़ों के बीच पहले स्नान को लेकर विवाद होता रहा है. इसी विवाद को खत्म करने और अखाड़ों के बीच आपसी समन्वय बनाए रखने के लिए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद का गठन किया गया.

चूंकि इन अखाड़ों के बीच अपनी श्रेष्ठता को लेकर संघर्ष की स्थिति उत्पन्न होती है, जिस परेशानी को समाप्त करने के लिए ही अखाड़ा परिषद बना. विभिन्न अर्द्धकुंभ या महाकुंभ के दौरान इनका नेतृत्व करने का जिम्मा यह अखाड़ा परिषद ही संभालती है. इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण कार्य साधु-संतों को मान्यता देने का काम भी परिषद के पास ही है. किसी व्यक्ति को अगर साधु बनना है या कोई अखाड़ा किसी को संत की उपाधि देना चाहता है, तो इसका निर्णय भी परिषद ही करती है. दरअसल, साधु बनने के लिए आपको किसी न किसी अखाड़े से जुड़ना होता है, जिसके बाद अखाड़ा परिषद उसे मान्यता देती है.

Opinion : धर्म का सामाजिक मर्म तलाश लेने वाले महंत थे अखाड़ा परिषद के नरेंद्र गिरी

साधु की मान्यता का फैसला परिषद के हाथ

परिषद के पास यह अधिकार भी है कि वह किसी साधु की मान्यता समाप्त कर सकती है. इसका आशय यह कि अगर किसी अखाड़े के प्रमुख संत ने किसी व्यक्ति को लोभवश या अन्य कारणों से साधु का पद दे दिया, तो उसे मान्यता देने या न देने का निर्णय परिषद के पास होता है. राधे मां के महामंडलेश्वर मामले से जुड़े विवाद को याद करें, तो कुछ ऐसी ही कहानी सामने आई थी. अखाड़ों की इसी समग्र संस्था के अध्यक्ष पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी आचार्य नरेंद्र गिरी के पास थी. उनके निधन के बाद इस पद पर किसे लाया जाए, यह भी एक बड़ा सवाल अब सामने होगा.

Mahant Narendra Giri Suicide: ‌आनंद गिरी का दावा- लिखना-पढ़ना नहीं जानते थे गुरुजी, तो कैसे लिखा सुसाइड नोट

नरेंद्र गिरी के शिष्य आनंद गिरी ने कहा है कि वे हर तरह की जांच में सहयोग करेंगे. (फाइल फोटो)

Death of Mehant Narendra Giri: महंत नरेंद्र गिरी की मौत के बाद मिले सुसाइड नोट को लेकर शिष्य आनंद गिरी ने कहा कि जब नरेंद्र गिरी को लिखना पढ़ना नहीं आता था तो वे कैसे इतना लंबा सुसाइड नोट लिख सकते हैं.

SHARE THIS:

हरिद्वार. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी की मौत के बाद सवालों के घेरे में आए उनके शिष्य आनंद गिरी ने अब बड़ा दावा किया है. महंत नरेंद्र गिरी की मौत के बाद मिले सुसाइड नोट और उसमें आनंद गिरी की ओर से मानसिक तौर पर प्रताड़ित की जाने की बात का खुलासा होने के बाद आनंद गिरी ने कहा कि गुरुजी आत्महत्या कर ही नहीं सकते. वहीं रही बात सुसाइड नोट की तो उन्होंने कहा कि महंत नरेंद्र गिरी को लिखना पढ़ना ही नहीं आता था ऐसे में वे 8 पन्नों का सुसाइड नोट कैसे लिख सकते हैं. उन्होंने कहा कि इस मामले की पूरी जांच की जानी चाहिए.
आनंद गिरी ने कहा कि वो इस मामले में किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हैं और उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है. आनंद गिरी ने कहा कि लोग हमें रास्‍ते से हटाना चाहते थे और कुछ लोग लगातार गुरुजी को परेशान भी कर रहे थे. गौरतलब है कि आनंद गिरी का सुसाइड नोट में नाम आने के बाद उत्तराखंड पुलिस ने हरिद्वार से हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है.

आनंद गिरी ने कहा है कि गुरुजी कभी आत्महत्या नहीं कर सकते, उनकी हत्या हुई है. उन्होंने कुछ अधिकारियों पर ही गंभीर आरोप लगाकर साजिश करने की बात कही है. आनंद गिरी ने कहा कि आईजी स्वयं इसमें संदिग्ध हैं. आईजी लगातार नरेन्द्र गिरी के संपर्क में रहते थे.

आनंद गिरी का आरोप है कि मठ और मंदिर का पैसा हड़पने वालों ने महंत जी की हत्या की. इस साजिश में मठ के कई बड़े नाम शामिल हो सकते हैं. करोड़ों का खेल हैं. इसमें एक सिपाही अजय सिंह भी है. यही लोग उनकी हत्या कर सकते हैं. आनंद गिरी का आरोप है कि इस घटना में पुलिस के अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं.

आनंद गिरी का आरोप है कि महंत नरेंद्र गिरी को मारकर मुझे फंसाने की साजिश है. इसमें पुलिस के बड़े अधिकारी ही शामिल हैं. मैं जांच की मांग करता हूं. उनके खिलाफ बहुत बड़ी साजिश की गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि मनीष शुक्ला जिनकी उन्होंने शादी महंत नरेंद्र गिरी ने कराई थी. उसे पांच करोड़ का मकान दिया. इसके आलावा अभिषेक मिश्र भी इस मामले में शामिल हो सकते हैं, जिनकी जांच होनी चाहिए.

Mahant Narendra Giri Death: आनंद गिरी का बड़ा बयान, कहा- गुरुजी कभी आत्महत्या नहीं कर सकते, उनकी हत्या हुई

आनंद गिरी का आरोप है कि महंत नरेंद्र गिरी को मारकर मुझे फंसाने की साजिश है.

Mahant Narendra Giri Death: आनंद गिरी ने कहा है कि गुरुजी कभी आत्महत्या नहीं कर सकते, उनकी हत्या हुई है. उन्होंने कुछ अधिकारियों पर ही गंभीर आरोप लगाकर साजिश करने की बात कही है. आनंद गिरी ने कहा कि आईजी स्वयं इसमें संदिग्ध हैं.

SHARE THIS:

प्रयागराज. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी (Narendra Giri) का शव संदिग्ध परिस्थिति में मिलने के बाद शोक के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं. पु​लिस ने उनके शिष्य आनंद गिरी पर शिकंजा कसना शुरू किया है. उन्हें हरिद्वार में हिरासत में लिया गया है. वहीं आनंद गिरी ने कहा है कि गुरुजी कभी आत्महत्या नहीं कर सकते, उनकी हत्या हुई है. उन्होंने कुछ अधिकारियों पर ही गंभीर आरोप लगाकर साजिश करने की बात कही है. आनंद गिरी ने कहा कि आईजी स्वयं इसमें संदिग्ध हैं. आईजी लगातार नरेन्द्र गिरी के संपर्क में रहते थे.

आनंद गिरी का आरोप है कि मठ और मंदिर का पैसा हड़पने वालों ने महंत जी की हत्या की. इस साजिश में मठ के कई बड़े नाम शामिल हो सकते हैं. करोड़ों का खेल हैं. इसमें एक सिपाही अजय सिंह भी है. यही लोग उनकी हत्या कर सकते हैं. आनंद गिरी का आरोप है कि इस घटना में पुलिस के अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं.

आनंद गिरी का आरोप है कि महंत नरेंद्र गिरी को मारकर मुझे फंसाने की साजिश है. इसमें पुलिस के बड़े अधिकारी ही शामिल हैं. मैं जांच की मांग करता हूं. उनके खिलाफ बहुत बड़ी साजिश की गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि मनीष शुक्ला जिनकी उन्होंने शादी महंत नरेंद्र गिरी ने कराई थी. उसे पांच करोड़ का मकान दिया. इसके आलावा अभिषेक मिश्र भी इस मामले में शामिल हो सकते हैं, जिनकी जांच होनी चाहिए.

वो कभी आत्महत्या नहीं कर सकते
संदेह के घेरे में आए आनंद गिरी ने आरोप लगाया कि आईजी स्वयं इसमें संदिग्ध हैं. आईजी लगातार उनके संपर्क में रहते थे. आईजी क्लोजली इस विषय को वॉच कर रहे थे और उनके साथ पारिवारिक संबंध थे. यह पूरी तरह से जांच का विषय है. उनके खिलाफ बहुत बड़ा षड्यंत्र रचा जा रहा है. मुझे फंसा कर इस केस को रफा दफा करने की कोशिश की जा रही है. यही षड्यंत्र है. एक तीर से दो निशाने करने के लिए चालबाज लोग साजिश कर रहे हैं. महंत नरेंद्र गिरी के शव के पास एक सुसाइड नोट मिला है. इस सुसाइड नोट में तीन लोगों के नाम दिए गए हैं. इसमें आद्या तिवारी, संदीप तिवारी और आनंद गिरी के नाम शामिल हैं. इसके सामने आने के बाद पुलिस ने इन लोगों की ओर जांच शुरू कर दी है. इसी के बाद आनंद गिरी को हरिद्वार में हिरासत में लिया गया है.

‘मेरा उनसे नहीं मठ की जमीन को लेकर विवाद था’:आनंद गिरी
नरेन्द्र गिरी की रहस्यमय परिस्थिति में मौत के बाद आनंद गिरी बताया, ‘अभी मैं हरिद्वार में हूं, कल प्रयागराज पहुंचकर देखूंगा क्या सच है.’ आनंद गिरी ने कहा ‘हमें अलग इसलिए किया गया, ताकि एक का काम तमाम हो सके. नरेंद्र गिरी से विवादों पर आनंद गिरी ने कहा कि ‘मेरा उनसे नहीं मठ की जमीन को लेकर विवाद था.’ आनंद गिरी ने कहा- ‘शक के दायरे में कई लोग हैं, उन्होंने ही नरेंद्र गिरी को मेरे खिलाफ किया.’ इसके साथ ही आनंद ​गिरी ने उनकी मौत पर कुछ बड़े लोगों और एक पुलिस के अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं.

आनंद गिरी पर रहे संगीन आरोप
संत आनंद गिरी पर दो अलग-अलग मौकों पर दो महिलाओं के साथ मारपीट का आरोप लगा था. आरोप के मुताबिक उन्हें दो अवसरों पर हिंदू प्रार्थना के लिए अपने घरों में आमंत्रित किया गया था. जहां 2016 में उन्होंने अपने घर के बेडरूम में एक 29 वर्षीय महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट की. इसके बाद 2018 में, गिरि ने लाउंज रूम में 34 वर्षीय एक महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट की.

Narendra Giri death case: विनय कटियार ने की CBI जांच की मांग, कहा- सब कुछ बेनकाब होना चाहिए

नरेंद्र गिरि के निधन से धर्मनगरी अयोध्या में भी शोक की लहर है. (फाइल फोटो)

विनय कटियार (Vinay Katiyar) ने कहा कि चाहे हत्या हो या आत्महत्या, योगी सरकार मिसाल कायम करने के लिए सख्त कार्रवाई करेगी. उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 20, 2021, 21:59 IST
SHARE THIS:

प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Narendra Giri) की संदिग्ध मौत पर भारतीय जनता पार्टी के फायर ब्रांड नेता और पूर्व सांसद विनय कटियार (Vinay Katiyar) ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने इस मामले में सीबीआई जांच (CBI Probe) कराने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि चाहे हत्या हो या आत्महत्या, योगी सरकार मिसाल कायम करने के लिए सख्त कार्रवाई करेगी. विनय कटियार ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. ऐसे में इस मामले को आगे नहीं बढ़ना चाहिए. सब कुछ बेनकाब होना चाहिए. साथ ही विनय कटियार ने कहा कि जरूरत पड़ने पर सीबीआई जांच की सिफारिश की जानी चाहिए.

वहीं, नरेंद्र गिरि के निधन से धर्मनगरी अयोध्या में भी शोक की लहर है. अयोध्या में उनके निधन का समाचार पहुंचते ही संतों में शोक की लहर दौड़ गई. देशभर के नेताओं ने भी महंत नरेंद्र गिरि के निधन पर श्रद्धांजलि व्यक्त की है. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पूर्व सीएम अखिलेश यादव, मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान, यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने उनके निधन पर गहरा शोक जताया है. हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष के निधन बेहद दुखद बताया है. राजू दास ने कहा कि भगवान से प्रार्थना है कि मृत आत्मा को शांति प्रदान करें. नरेंद्र गिरी का निधन साधु समाज के लिए अपार क्षति के समान है.

शिष्यों को ईश्वर कष्ट सहन करने की शक्ति दे
हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने कहा कि स्व. नरेंद्र गिरि सनातन धर्म की रक्षा के लिए समर्पित रहते थे. सभी वर्ग और सभी सम्प्रदायों में उनका सम्मान था. न सिर्फ हिंदू धर्म, बल्कि अन्य धर्मों के लोग भी उन्हें सम्मान देते थे. राजू दास ने कहा कि उनका निधन सनातन धर्म के लिए अपार क्षति है. दुख की घड़ी में उनके अनुयायियों और शिष्यों को ईश्वर कष्ट सहन करने की शक्ति दे.

देहांत पर शोक संवेदना प्रकट की है
इधर, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने महंत के निधन को आध्यात्मिक जगत के लिए क्षति बताया है. सीएम योगी ने ट्वीट किया, ‘अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि जी का ब्रह्मलीन होना आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति है. प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा शोकाकुल अनुयायियों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें. ॐ शांति!’ यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान समेत कई अन्य नेताओं ने भी महंत नरेंद्र गिरि के देहांत पर शोक संवेदना प्रकट की है.

महंत नरेंद्र गिरी की संदिग्ध मौत: सामने आए ये बड़े विवाद, जानिए क्यों घेरे में हैं आनंद गिरी

 महंत नरेंद्र गिरी सुसाइड नोट में परेशानी का कारण छोड़ गए हैं.

Mahant Narendra Giri: पंचायती अखाड़ा निरंजनी से निष्कासित किए जाने के बाद स्वामी आनंद गिरी और उनके गुरु अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के बीच तकरार बढ़ गई थी. नरेंद्र गिरी के सुसाइड नोट में कई नाम सामने आए हैं. पुलिस इसकी जांच में जुट गई है.

SHARE THIS:

प्रयागराज. अखाड़ा परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गिरी (Mahant Narendra Giri) की मौत की खबर आने के बाद संत समाज के साथ सियासी खेमे में शोक की लहर देखी जा रही है. उनका शव फांसी पर लटका मिला है और सुसाइड नोट भी मिला, जिसके बाद उनकी मौत को लोग उनके पूर्व शिष्य नरेंद्र गिरी से विवाद से भी जोड़कर देख रहे हैं. सुसाइड नोट में कई नाम सामने आए हैं. पुलिस इसकी जांच में जुट गई है.  इस विवाद के बढ़ने के बाद आनंद गिरी ने वीडियो जारी कर नरेंद्र गिरी के चरण पकड़कर माफी मांग ली थी. संत परंपरा के अनुसार नरेंद्र गिरी ने उन्हें माफ कर दिया था. इसके बाद भी ये मामला यहीं खत्म नहीं हुआ और उन्होंने सोमवार को आत्महत्या के पूर्व सुसाइड नोट में अपने शिष्य से परेशान होने की बात कही.

बताया गया है कि पंचायती अखाड़ा निरंजनी से निष्कासित किए जाने के बाद स्वामी आनंद गिरी और उनके गुरु अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी के बीच तकरार काफी बढ़ गई थी. इसी साल निष्कासन के बाद उन्होंने एक वीडियो जारी कर स्वामी आनंद गिरी ने अखाड़े की संपत्ति को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने आरोप लगाया था कि संपत्ति के विवाद में ही निरंजनी अखाड़े से जुड़े दो युवा संतों ने आत्महत्या कर ली थी और संदिग्ध परिस्थितियों में उनके शव पाए गए थे.

बताया गया है कि उन्होंने निरंजनी अखाड़े से जुड़े महंत आशीष गिरीजी महाराज और महंत दिगंबर गंगा पुरी जी महाराज की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौतों की जांच कराए जाने की भी मांग की थी. इतना ही नहीं उन्होंने महंत नरेंद्र गिरी पर यह भी आरोप लगाया था कि महंत नरेंद्र गिरी ने करोड़ों की सम्पत्ति अर्जित की है. इसके बाद आनंद गिरी ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को भी पत्र लिखा था. साथ ही सीबीआई को भी इसकी जानकारी दी थी. आनंद गिरी सोशल मीडिया पर भी नरेंद्र गिरी के खिलाफ लिखते रहे हैं.

आनंद गिरी बोले- कुछ लोगों ने उन्हें हमारे खिलाफ किया

नरेन्द्र गिरी की रहस्यमय परिस्थिति में मौत के बाद आनंद गिरी ने कहा- ‘अभी मैं हरिद्वार में हूं, कल प्रयागराज पहुंचकर देखूंगा क्या सच है.’ आनंद गिरी ने कहा ‘हमें अलग इसलिए किया गया ताकि एक का काम तमाम हो सके. नरेंद्र गिरी से विवादों पर आनंद गिरी ने कहा कि ‘मेरा उनसे नहीं मठ की जमीन को लेकर विवाद था.’ आनंद गिरी ने कहा- ‘शक के दायरे में कई लोग हैं, उन्होंने ही नरेंद्र गिरी को मेरे खिलाफ किया.’ इसके साथ ही आनंद ​गिरी ने उनकी मौत पर कुछ बड़े लोगों और एक पुलिस के अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं.

आनंद गिरि पर रहे संगीन आरोप

संत आनंद गिरी पर दो अलग-अलग मौकों पर दो महिलाओं के साथ मारपीट का आरोप लगा था. आरोप के मुताबिक उन्हें दो अवसरों पर हिंदू प्रार्थना के लिए अपने घरों में आमंत्रित किया गया था. जहां 2016 में उन्होंने अपने घर के बेडरूम में एक 29 वर्षीय महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट की. इसके बाद 2018 में, गिरि ने लाउंज रूम में 34 वर्षीय एक महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट की.

Mahant Narendra Giri Death: ‌शिष्यों ने दरवाजा तोड़ा तो फंदे से लटके थे नरेंद्र गिरी, रस्सी काट कर उतारा लेकिन...

महंत नरेंद्र गिरी की मौके बाद मौके को पूरी तरह से सील कर दिया गया है और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद है.

Death of Mehant Narendra Giri: दोपहर का खाना खाने के बाद महंत नरेंद्र गिरी आराम करने अपने कमरे में गए थे लेकिन बाहर नहीं आने पर शिष्यों ने दरवाजा तोड़ा तो उन्हें पंखे से लटका मिला पाया.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 20, 2021, 21:41 IST
SHARE THIS:

प्रयागराज. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की आत्महत्या के बाद पूरे संत समाज सहित देश में शोक की लहर है. उनकी आत्महत्या के बाद जानकारी देते हुए यूपी पुलिस एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि महंत गिरी की आत्महत्या की सूचना उनके शिष्य बबलू ने फोन पर पुलिस को दी. इसके बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उनके शव को उतारा जा चुका था और नीचे रखा हुआ था. पुलिस के अनुसार दोपहर का खाना खाने के बाद अपने कमरे में आराम करने महंत नरेंद्र गिरी गए थे और इसके बाद करीब साढ़े तीन बजे वे कमरे से बाहर आ जाया करते थे. लेकिन शाम के पांच बजे तक जब वे बाहर नहीं आए तो शिष्यों को शक हुआ और उन्होंने दरवाजा खटखटाया लेकिन उन्होंने दरवाजा नहीं खोला

दरवाजा तोड़ा तो…
इसके बाद उनके शिष्यों ने कमरे का दरवाजा तोड़ा और अंदर घुसे तो देखा कि महंत नरेंद्र गिरी ने नायलॉन की रस्सी से फंदा बनाया था और वे पंखे से लटके हुए थे. शिष्यों ने उन्हें तुरंत फंदे से उतारा लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. इसके बाद उनके शिष्य बबलू ने पुलिस को फोन किया. प्रशांत कुमार ने बताया कि जब पुलिस मठ में पहुंची तो नरेंद्र गिरी की मौत हो चुकी थी और उनका शव नीचे रखा हुआ था. मौके से एक सुसाइड नोट बरामद किया गया है.

 uttar pradesh news, death, suspicious death, Mahant Narendra Giri dead, Akhara Parishad, death of Mahant Narendra Giri suicide, narendra giri died, ayodhya, prayagraj news, Mahant Narendra Giris suicide note found, anand giri, cause of suicide, will of mahant narendra giri, Anand Giri was detained उत्तर प्रदेश न्यूज, महंत नरेंद्र गिरी, महंत नरेंद्र गिरी ने की आत्महत्या, महंत नरेंद्र गिरी की संदिग्‍ध मौत, खुदकुशी, इलाहाबाद, अखाड़ा परिषद, बारंबरी मठ, नरेंद्र गिरी का फंदे से लटकता मिला शव, उत्तर प्रदेश पुलिस, आनंद गिरी, सुसाइड नोट बरामद, आठ पन्नों का सुसाइड नोट, वसीयत लिखी, आनंद गिरी हिरासत में, हरिद्वार से लिया हिरासत में

महंत नरेंद्र गिरी की मौत के बाद सामने आई पहली फोटो.

किसी तरह की फोर्स एंट्री नहीं
पुलिस के अनुसार नरेंद्र गिरी के कमरे में किसी भी तरह की फोर्स एंट्री के निशान नहीं मिले हैं. इससे प्रथम दृष्टया ये मामला सुसाइड का ही लग रहा है. हालांकि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है और फॉरेंसिक टीम भी साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है. वहीं सुसाइड नोट की भी पड़ताल की जा रही है. फॉरेंसिक टीम ये पता लगाने पर जुटी है कि सुसाइड नोट में हैंडराइटिंग नरेंद्र गिरी की ही है.

कल होगा पोस्टमार्टम
पुलिस के अनुसार अब महंत नरेंद्र गिरी का पोस्टमार्टम मंगलवार को डॉक्टरों के पैनल से करवाया जाएगा. वहीं एफआईआर के संबंध में एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि शिष्यों की तरफ से तहरीर मिलने के बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी. यदि शिष्यों की तरफ से तहरीर नहीं मिलती है तो उस दशा में उचित धाराओं में पुलिस खुद ही एफआईआर दर्ज करवाएगी.

Mahant Narendra Giri Death: महंत नरेंद्र गिरी के शिष्य आनंद गिरी को हरिद्वार में हिरासत में लिया

आनंद गिरी को हरिद्वार पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है. (फाइल फोटो)

Death of Mehant Narendra Giri: महंत नरेंद्र गिरी ने अपने सुसाइड नोट में आनंद गिरी पर लगाया था मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने का आरोप, अब हरिद्वार पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है और पूछताछ की जा रही है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 20, 2021, 20:56 IST
SHARE THIS:

प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी के आत्महत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है. उत्तराखंड पुलिस ने महंत नरेंद्र गिरी के शिष्य आनंद गिरी को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है. उल्लेखनीय है कि नरेंद्र गिरी ने अपने सुसाइड नोट में आनंद गिरी की ओर से मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने का अरोप लगाया था. आनंद गिरी को हिरासत में लेने की जानकारी एडीजी लॉ एंड ऑर्डर उत्तर प्रदेश प्रशांत कुमार ने दी है.
गौरतलब है कि उन्होंने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि मैं अपने पुराने रिश्तों से परेशान हूं. साथ ही उन्होंने लिखा कि उनको मानसिक तौर से आनंद गिरी परेशान कर रहा था. साथ ही उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि मैं अपने रिश्तों से परेशान हो गया हूं. इसके अलावा उन्होंने लिखा कि मैं अपनी जिंदगी शान से जिया और अब शान से मरना भी चाहता हूं.

इससे पहले आनंद गिरी ने बताया था कि अभी मैं हरिद्वार में हूं, कल प्रयागराज पहुंचकर देखूंगा क्या सच है. आनंद गिरी बोले, ‘हमें अलग इसलिए किया गया ताकि एक का काम तमाम हो सके. नरेंद्र गिरी से विवादों पर आनंद गिरी ने कहा, ‘मेरा उनसे नहीं मठ की जमीन को लेकर विवाद था.’ आनंद गिरी ने कहा, ‘शक के दायरे में कई लोग हैं, उन्होंने ही नरेंद्र गिरी को मेरे खिलाफ किया.’

आनंद गिरी ने कहा- ‘अभी मैं हरिद्वार में हूं, कल प्रयागराज पहुंचकर देखूंगा क्या सच है.’ आनंद गिरी ने कहा ‘हमें अलग इसलिए किया गया ताकि एक का काम तमाम हो सके. नरेंद्र गिरी से विवादों पर आनंद गिरी ने कहा कि ‘मेरा उनसे नहीं मठ की जमीन को लेकर विवाद था.’ आनंद गिरी ने कहा- ‘शक के दायरे में कई लोग हैं, उन्होंने ही नरेंद्र गिरी को मेरे खिलाफ किया.’ इसके साथ ही आनंद ​गिरी ने उनकी मौत पर कुछ बड़े लोगों और एक पुलिस के अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं.

संत आनंद गिरी पर दो अलग-अलग मौकों पर दो महिलाओं के साथ मारपीट का आरोप लगा था. आरोप के मुताबिक उन्हें दो अवसरों पर हिंदू प्रार्थना के लिए अपने घरों में आमंत्रित किया गया था. जहां 2016 में उन्होंने अपने घर के बेडरूम में एक 29 वर्षीय महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट की. इसके बाद 2018 में, गिरि ने लाउंज रूम में 34 वर्षीय एक महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट की.

Mahant Narendra Giri Death: क्या पहले से आत्महत्या की तैयारी कर रहे थे महंत नरेंद्र गिरी? 8 पेज का सुसाइड नोट

महंत नरेंद्र गिरी ने 8 पेज का सुसाइड नोट लिखा है जिसमें उन्होंने किसको क्या देना है ये भी जिक्र किया है. (फाइल फोटो)

Death of Mehant Narendra Giri: आठ पन्नों के सुसाइड नोट में महंत नरेंद्र गिरी ने लिखा कि वे शान से जिए और शान से मरना चाहते हैं, साथ ही उन्होंने बताया कि किस शिष्य को क्या मिलना चाहिए और कौन सा शिष्य अच्छा है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 20, 2021, 20:38 IST
SHARE THIS:

प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की मौत के बाद मिले सुसाइड नोट में लिखी बातों से अब पुलिस ने पर्दा उठाया है. एडीजी लॉ एंडा ऑर्डर प्रशांत कुमार के अनुसार उनका सुसाइड नोट 8 पेज का मिला है. इससे ये लगता है कि वे लंबे समय से परेशान चल रहे थे. इसके साथ ही सूत्रों के अनुसार उनके सुसाइड नोट को देखकर ये लगता है कि महंत नरेंद्र गिरी आत्महत्या करने की तैयारी पहले से ही कर रहे थे. क्योंकि उन्होंने आठ पन्नों के सुसाइड नोट में पूरी जानकारी भी दी है.
उन्होंने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि मैं अपने पुराने रिश्तों से परेशान हूं. साथ ही उन्होंने लिखा कि उनको मानसिक तौर से आनंद गिरी परेशान कर रहा था. साथ ही उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि मैं अपने रिश्तों से परेशान हो गया हूं. इसके अलावा उन्होंने लिखा कि मैं अपनी जिंदगी शान से जिया और अब शान से मरना भी चाहता हूं.

वसीयत भी लिखी
इसके साथ ही नरेंद्र गिरी ने वसीयत की तरह भी सुसाइड नोट में कुछ पन्ने लिखे हैं. उन्होंने ये बताया है कि किस शिष्य को क्या मिलना चाहिए और कौन अच्छा है. इस बात की जानकारी आईजी प्रयागराज केपी सिंह ने दी. उन्होंने बताया कि सुसाइड नोट की फॉरेंसिक जांच की जा रही है. नरेंद्र गिरी की आत्महत्या की सूचना पुलिस को उनके शिष्य बबलू ने की. उन्होंने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि उन्होंने अपनी जिंदगी जी ली है.

हैंडराइटिंग महंत गिरी की
वहीं करीबियों का कहना है कि सुसाइड नोट में महंत नरेंद्र गिरी की ही हैंडराइटिंग है और ये उन्हीं के द्वारा लिखा गया है. गौरतलब है कि नरेंद्र गिरी दोपहर का खाना खाने के बाद सोमवार को अपने कमरे में गए थे और उसके बाद काफी देर तक जब वे बाहर नहीं निकले तो उनके शिष्यों ने दरवाजा तोड़ कर देखा तो उनका शव एक रस्सी से पंखे से लटका मिला.

वहीं पुलिस के मुताबिक कमरे में किसी भी तरह की फोर्सफुल एंट्री नहीं मिली है. शिष्यों ने डेढ़ से से दो घंटे तक दरवाजा खटखटाया। उसके बाद दरवाजा तोड़ा गया. किसी भी तरह कोई अंदर नहीं जा सकता था. दरवाजा अंदर से बंद था. अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकता है. फॉरेंसिक टीम भी अपनी जांच कर रही है.

Mahant Narendra Giri Death: मिला सुसाइड नोट, शिष्य आनंद कर रहा था महंत नरेंद्र को मानसिक तौर पर प्रताड़ित

पुलिस ने पुष्टि की कि नरेंद्र गिरी का सुसाइड नोट मिला है जिसमें शिष्य आनंद गिरी की तरफ से मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने की बात है. (फाइल फोटो)

Death of Mehant Narendra Giri: यूपी के ADG लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने कहा- सुसाइड नोट में आनंद गिरी के मानसिक तौर पर परेशान करने का किया महंत नरेंद्र गिरी ने जिक्र. पुलिस कर रही है जांच

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 20, 2021, 19:42 IST
SHARE THIS:

प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की मौत के मामले में अब पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने जानकारी दी कि महंत गिरी ने आत्महत्या की है. उन्हीं के शिष्यों ने जब उनके कमरे का दरवाजा तोड़ा तो उनका शव फंदे से झूलता हुआ मिला. प्रशांत कुमार ने बताया कि उनके शव के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, इस नोट में महंत गिरी ने अपने शिष्य आनंद गिरी को प्रताड़ित करने का अरोप लगाया गया है. हालांकि अभी पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. बता दें महंत नरेंद्र गिरी के शिष्य आनंद गिरी विवादों में घिरे रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया में भी उन पर शिष्यों के साथ यौन शोषण का आरोप लगा था, उसके बाद पिछले साल उन्हें महंत नरेंद्र गिरी ने उन्हें अखाड़े से बाहर का रास्ता दिखा दिया था.
महंत नरेंद्र गिरी का अपने एक शिष्य आनंद गिरी से कुछ समय से विवाद चल रहा था. इस विवाद को लेकर महंत नरेंद्र गिरी और उनके शिष्य के बीच कुछ दिनों पहले ही सुलह हुई थी. शिष्य ने उनसे माफी मांगी थी जिसके बाद महंत गिरी ने भी उन्हें माफ कर दिया था. उल्लेखनीय है कि महंत नरेंद्र गिरी कुछ समय पहले ही कोरोना से संक्रमित भी हो गए थे हालांकि वे इसको हरा कर स्वस्‍थ्य हो गए थे.

मैं देखूंगा सच क्या हैः आनंद गिरी
वहीं मामले पर आनंद गिरी ने कहा कि मैं अभी हरिद्वार में हूं, कल प्रयागराज पहुंचकर देखूंगा क्या सच है. आनंद गिरी बोले, ‘हमें अलग इसलिए किया गया ताकि एक का काम तमाम हो सके. नरेंद्र गिरी से विवादों पर आनंद गिरी ने कहा, ‘मेरा उनसे नहीं मठ की जमीन को लेकर विवाद था.’ आनंद गिरी ने कहा, ‘शक के दायरे में कई लोग हैं, उन्होंने ही नरेंद्र गिरी को मेरे खिलाफ किया.’

क्या था विवाद
पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी से निष्कासित किए जाने के बाद स्वामी आनंद गिरी और उनके गुरु अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के बीच तकरार बढ़ गई थी. इसी साल निष्कासन के बाद उन्हीने एक वीडियो जारी कर स्वामी आनंद गिरी ने अखाड़े की संपत्ति को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने आरोप लगाया था कि संपत्ति के विवाद में ही निरंजनी अखाड़े से जुड़े दो युवा संतों ने आत्महत्या कर ली थी और संदिग्ध परिस्थितियों में उनके शव पाए गए थे. उन्होंने निरंजनी अखाड़े से जुड़े महंत आशीष गिरी जी महाराज और महंत दिगंबर गंगा पुरी जी महाराज की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौतों की जांच कराए जाने की भी मांग की थी. इतना ही नहीं उन्होंने महंत नरेंद्र गिरी पर यह भी आरोप लगाया था कि महंत नरेंद्र गिरी ने करोड़ों की सम्पत्ति अर्जित की है. इसके बाद आनंद गिरी ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को भी पत्र लिखा था. साथ ही सीबीआई को भी इसकी जानकारी दी थी.

Allahabad HC APS Recruitment 2021: इलाहाबाद हाईकोर्ट में APS भर्ती के लिए आवेदन शुरू, जानें पूरी प्रक्रिया

Allahabad HC APS Recruitment 2021: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कुल 68 पदों पर एडिशनल प्राइवेट सेक्रेट्री की भर्ती निकाली है.

Allahabad HC Recruitment 2021: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कुल 68 पदों पर एडिशनल प्राइवेट सेक्रेट्री की भर्ती निकाली है. इसके लिए अभ्यर्थी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ऑफिशियल वेबसाइट testservices.nic.in पर विजिट करके आवेदन कर सकते हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 20, 2021, 16:38 IST
SHARE THIS:

नई दिल्ली. Allahabad HC Recruitment 2021: इलाहाबाद हाईकोर्ट में नौकरी करने की इच्छा और योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों के पास शानदार मौका है. दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कुल 68 पदों पर एडिशनल प्राइवेट सेक्रेट्री की भर्ती निकाली है. इसके लिए अभ्यर्थी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ऑफिशियल वेबसाइट testservices.nic.in पर विजिट करके आवेदन कर सकते हैं. बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से जारी इस वैकेंसी के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आज यानी 20 सितंबर 2021 से शुरू हो गई है.

आवेदन करने की इच्छा रखने वाले अभ्यर्थी 5 अक्टूबर 2021 तक रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. रजिस्ट्रेशन होने के बाद फीस जमा करने की लास्ट डेट 6 अक्टूबर 2021 है. जबकि फीस भुगतान करने वाले अभ्यर्थी 7 और 8 अक्टूबर 2021 को आवेदन फार्म में ऑनलाइन करेक्शन कर सकते हैं. बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की कुल 68 भर्तियों में से 60 सीटों पर इंग्लिस एडिशनल प्राइवेट सेक्रेट्री और 8 सीटों पर हिंदी एडिशनल प्राइवेट सेक्रेट्री की भर्ती की जाएगी. वहीं कुल सीटों में से जनरल कैटेगरी के लिए 36 सीटें आरक्षित की गई हैं जबकि ओबीसी के लिए 18, एससी के लिए 13 और एसटी के लिए 1 सीट आरक्षित की गई है.

ये भी पढ़ें-

REET Exam 2021: क्या रीट परीक्षा को लेकर 3 दिन बंद रहेगा राजस्थान, पुलिस ने बताया लॉकडाउन का सच
OPSC Exam 2021: डेंटल सर्जन भर्ती परीक्षा की तिथि घोषित, इस तारीख से डाउनलोड कर सकेंगे एडमिट कार्ड

इन आसान स्टेप्स से अभ्यर्थी करें अप्लाई

  • सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट allahabadhighcourt.in पर जाएं.
  • यहां वेबसाइट के होम पेज पर Recruitment के लिंक पर क्लिक करें.
  • अब High Court of Judicature at Allahabad Additional Private Secretary (English & Hindi) Recruitment Examination 2021 के लिंक पर क्लिक करें.
  • यहां New Registration के लिंक पर क्लिक करें.
  • रजिस्ट्रेशन करने के बाद एप्लीकेशन फॉर्म भरें.
  • आवश्यक योग्यता – ग्रेजुएशन
  • टाइपिंग स्पीड – इंग्लिश में 100 शब्द प्रति मिनट और हिंदी में 80 शब्द प्रति मिनट
  • आयु सीमा – 21 साल से 35 साल के बीच.

Sarkari Naukri Result 2021: यूपी में निकली है 5000 नौकरियां, आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक

Sarkari Naukri Result 2021: उत्तर प्रदेश में एएनएम के पदों भर्तियां निकली है.

Sarkari Naukri Result 2021: यूपी में एएनएम के रिक्त पदों पर भर्तियों के लिए आवेदन मांगे गए हैं. इ पदों के लिए अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट के जरिए 30 सितंबर 2021 तक आवेदन कर सकते हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 20, 2021, 10:51 IST
SHARE THIS:

 नई दिल्ली (Sarkari Naukri Result 2021).  राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, यूपी (UP ANM Recruitment 2021) ने एएनएम के पदों पर भर्तियां निकाली हैं. इन पदों के लिए 15 सितंबर 2021 से आवेदन की प्रक्रिया जारी है. आवेदन की अंतिम तिथि में 10 दिनों का समय और बचा है. ऐसे में जिन अभ्यर्थियों ने अभी तक इन पदों के लिए आवेदन नहीं किया है. वह  अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट upnrhm.gov.in के जरिए 30 सितंबर 2021 तक आवेदन कर सकते हैं.

जारी नोटिफिकेशन के अनुसार कुल 5000 रिक्त पदों पर भर्तियां होनी हैं. अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वह इन पदों के लिए विस्तृत नोटिफिकेशन को पढ़ने के बाद ही आवेदन करें. नियमानुसार किया गया आवेदन ही मान्य होगा, अन्यथा उसे रद्द भी किया जा सकता है.

इतनें पदों को किया गया है आरक्षित
सामान्य वर्ग – 2484
ओबीसी वर्ग  – 1381
एससी वर्ग – 1066
एसटी वर्ग – 69
ईडब्ल्यूएस – 463

 शैक्षणिक योग्यता
इन पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी के पास राज्य सरकार नर्सिंग परिषद से मान्यता प्राप्त किसी संस्थान से ऑग्जिलरी नर्सिंग और मिडवाइफ में दो-वर्षीय का डिप्लोमा होना चाहिए.

आयु सीमा
इन पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की उम्र 18 वर्ष से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए. अधिकतम आयु सीमा में ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को 3 वर्ष और एससी व एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों को 5 वर्ष की छूट दी गई है.

इतना मिलेगा मानदेय
जारी नोटिफिकेशन के अनुसार इन पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को 12,128 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाएगा. अभ्यर्थियों की नियुक्ति संविदा के आधार पर की जाएगी.

यह भी पढ़ें –
CTET 2021: सीटीईटी के लिए रजिस्ट्रेशन ctet.nic.in पर आज से शुरू, चेक करें डिटेल
Teachers Jobs 2021 : हाईस्कूल टीचर्स की 6000 से अधिक वैकेंसी, जानें क्या है योग्यता

इन तिथियों का रखें ध्यान
आवेदन शुरू होने की तिथि – 15 सितंबर 2021
आवेदन की अंतिम तिथि- 30 सितंबर 2021
आधिकारिक वेबसाइट –  upnrhm.gov.in

UPPCL Recruitment 2021: यूपी बिजली विभाग में ARO सहित विभिन्न पदों पर नौकरियां, जानें डिटेल

UPPCL Recruitment 2021: उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने विभिन्न पदों पर भर्तियां निकाली हैं.

UPPCL Recruitment 2021: यूपीपीसीएल ने विभिन्न पदों पर भर्तियां निकाली हैं. अभ्यर्थी इन पदों के लिए निर्धारित तिथि से आधिकारिक वेबसाइट के जरिए आवेदन कर सकते हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 14:34 IST
SHARE THIS:

नई दिल्ली. UPPCL Recruitment 2021: उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (Uttar Pradesh Power Corporation Limited) ने सहायक समीक्षा अधिकारी सहित विभिन्न पदों पर भर्तियों  (UPPCL Recruitment 2021) के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है. इन पदों के लिए अभ्यर्थी यूपीपीसीएल की आधिकारिक वेबसाइट www.uppcl.org के जरिए आवेदन कर सकते हैं.

जारी नोटिफिकेशन के अनुसार कुल 303 रिक्त पदों पर भर्तियां होनी है. इन पदों के लिए अभ्यर्थी ऑनलाइन मोड में आवेदन कर सकते हैं.  इन पदों के लिए आवेदन की प्रक्रिया अक्टूबर में शुरू होगी.

UPPCL Recruitment 2021: इन रिक्त पदों पर होगी भर्तियां
सहायक समीक्षा अधिकारी –  14
कैंप सहायक ग्रेड 3 – 49
सहायक लेखाकार – 240

UPPCL Recruitment 2021: शैक्षणिक योग्यता
कैंप सहायक ग्रेड 3 के पदों पर आवेदन करने वाले अभ्यर्थी के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी स्ट्रीम में स्नातक की डिग्री होनी चाहिए. वहीं सहायक समीक्षा अधिकारी पद के लिए अभ्यर्थी के पास स्नातक की डिग्री के साथ कंप्यूटर टाइपिंक स्पीड भी होनी चाहिए. सहायक
लेखाकार के पदों के लिए अभ्यर्थी के पास बीकाम की डिग्री होनी चाहिए

UPPCL Recruitment 2021: आयु सीमा
इन पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी की उम्र 21 वर्ष से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए. वहीं अधिकतम उम्र की सीमा में अन्य पिछड़ा वर्ग, एससी व एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों को 5 वर्ष की छूट दी गई है.

UPPCL Recruitment 2021: चयन प्रक्रिया
इन पदों पर अभ्यर्थियों का चयन सीबीटी परीक्षा के जरिए किया जाएगा. लिखित परीक्षा के आधार पर तैयार की गई मेरिट लिस्ट के जरिए अंतिम चयन किया जाएगा.

ये भी पढ़ें-
Government jobs: 10वीं पास के लिए विभिन्न पदों पर सरकारी नौकरियां, आवेदन का अंतिम मौका आज
High Court Jobs: हाईकोर्ट में एलडीए और कॉपिस्ट की नौकरियां, सैलरी 60 हजार से ज्यादा

UPPCL Recruitment 2021: इन महत्वपूर्ण तिथियों का रखें ध्यान
सहायक लेखाकार के पदों के लिए 8 अक्टूबर 2021 से आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी और आवेदन की अंतिम तिथि 28 अक्टूबर 2021 तक चलेगी. वहीं सहायक समीक्षा अधिकारी पद के लिए अभ्यर्थी 7 अक्टूबर 2021 से 27 अक्टूबर 2021 तक आवेदन कर सकते हैं. कैंप सहायक ग्रेड 3 पद के लिए 5 अक्टूबर से आवेदन की प्रक्रिया शुरु होगी और 25 अक्टूबर 2021 को आवेदन की अंतिम तिथि है.

यहां देखें सहायक समीक्षा अधिकारी का नोटिफिकेशन 

यहां देखें कैंप सहायक ग्रेड 3 का नोटिफिकेशन 

यहां देखें सहायक लेखाकार का नोटिफिकेशन 

बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेस वे एक दिन UP के लिए बनेंगी लाइफ लाइन- सुनील बंसल

Prayagraj: पहले उद्योगपतियों और पूंजीपतियों को काम कराने के लिए देनी पड़ती थी

Yogi Government News: उन्होंने कहा है कि यूपी में पहले अपराधियों और माफियाओं का बोलबाला था. इसलिए उद्योग नहीं लगते थे. लेकिन योगी सरकार द्वारा माफियाओं पर नकेल कसने के बाद उद्योगों के लिए यूपी में बेहतर माहौल तैयार हुआ है.

SHARE THIS:

प्रयागराज. योगी सरकार (Yogi Government) का साढ़े चार साल का कार्यकाल पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संगठन महामंत्री सुनील बंसल (Sunil Bansal) ने कहा है कि यूपी हर क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा है कि यूपी में कहीं पर पूर्वांचल एक्सप्रेस वे बन रहा है. कहीं पर बुंदेलखंड एक्सप्रेस और कहीं पर गंगा एक्सप्रेस वे बनने की शुरुआत हो रही है. भाजपा संगठन महामंत्री सुनील बंसल ने कहा है कि ये एक्सप्रेस वे ही एक दिन चलकर भविष्य में यूपी की लाइफ लाइन बनेंगे. क्योंकि सड़कें बनने के बाद कनेक्टिविटी बढ़ती है और कनेक्टिविटी से विकास के रास्ते भी खुलते हैं. उन्होंने कहा है कि केंद्र की मोदी और प्रदेश की योगी सरकार दोनों मिलकर शहर के साथ गांवों का भी तेजी से विकास कर रहे हैं.

बीजेपी संगठन महामंत्री सुनील बंसल ने कहा है कि हाइवे के साथ ही डिफेंस कॉरिडोर बन रहा है, बड़े-बड़े उद्योग लगेंगे. जिससे लोगों को रोजगार मिलेगा और उनके जीवन में भी खुशहाली आएगी. उन्होंने कहा है कि यूपी में पहले अपराधियों और माफियाओं का बोलबाला था. इसलिए उद्योग नहीं लगते थे. लेकिन योगी सरकार द्वारा माफियाओं पर नकेल कसने के बाद उद्योगों के लिए यूपी में बेहतर माहौल तैयार हुआ है. जिसके बाद उद्योगों ने करोड़ों का यूपी में निवेश किया है. पहले उद्योगपतियों और पूंजीपतियों को काम कराने के लिए रिश्वत देनी पड़ती थी और अपराधियों को रंगदारी भी देनी पड़ती थी. लेकिन योगी सरकार में माफियाराज पूरी तरह से समाप्त हो चुका है और कानून का राज है.

यह भी पढ़ें- सीएम योगी का सपा पर तंज, कहा- जब एक समय उत्तर प्रदेश बेहाल था और सैफई में होता था नाच-गाना!

उन्होंने कहा कि कोरोना काल में प्रदेश के बाहर नौकरी कर रहे लाखों श्रमिक घर वापस आये और लौटकर दोबारा नहीं गए. बंसल के मुताबिक 2017 के पहले सपा और बसपा की 15 सालों की सरकारों में 80 लाख लोगों ने रोजगार की तलाश में प्रदेश छोड़ा था. लेकिन योगी सरकार में श्रमिकों का केवल पलायन ही नहीं रुका है, बल्कि प्रदेश के बाहर रोजगार की तलाश मे गए लाखों युवा कामगार लौटकर यूपी आये हैं और उन्हें अब यहीं पर काम मिल रहा है. उन्होंने कहा है कि यूपी की योगी सरकार चाहे कानून व्यवस्था का मामला हो या फिर ईमानदार और पारदर्शी सरकार देने की बात रही हो हर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आया है.

UP Elections : संजय सिंह ने पूछा - कौन सी मशीन है कि सबका DNA चेक कर लेते हैं योगी

आप सांसद संजय सिंह ने प्रयागराज में बीजेपी को घेरते हुए कहा कि 300 यूनिट फ्री बिजली देने के वादे पर आप अडिग है.

AAP's Strategy : आप सांसद और यूपी प्रभारी संजय सिंह ने कहा कि 300 यूनिट फ्री बिजली देने का वादा महज वादा नहीं, उसे हम पूरा करेंगे. लेकिन बीजेपी जो कहती है ठीक उसके उलट काम करती है. संजय सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ के नए डीएनए थ्योरी वाले बयान को हास्यास्पद बताया.

SHARE THIS:

प्रयागराज. आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और यूपी प्रभारी संजय सिंह ने यूपी की योगी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि आम आदमी पार्टी के 300 यूनिट फ्री बिजली देने और बकाया बिजली बिलों को माफ करने के चुनावी वायदे से प्रदेश की भाजपा सरकार बौखला गई है. उन्होंने कहा है कि यह कोई कोरा वायदा नहीं है बल्कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने इसे करके भी दिखाया है.

300 यूनिट फ्री बिजली देने के वादे पर डटी आप

संजय सिंह ने कहा है कि आम आदमी पार्टी के 300 यूनिट बिजली फ्री करने और बकाये बिल माफ करने के वादे पर यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही प्रदेश की जनता को मुफ्तखोर और लालची बताकर उसका अपमान कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री और मुख्यमंत्री को प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने कहा कि आखिर जब मंत्रियों और विधायकों को मुफ्त बिजली मिल सकती है, तो किसानों और आम लोगों को क्यों नहीं मिलनी चाहिए.

इसे भी पढ़ें : BJP है पिछड़ा वर्ग की दुश्मन, साढ़े 4 साल में केवल हमारे काम का फीता काटा: अखिलेश यादव

‘कौन सी मशीन है कि सबका डीएनए चेक कर लेते हैं योगी’

गोरखपुर में सीएम योगी के नए डीएनए थ्योरी वाले बयान को संजय सिंह ने हास्यास्पद बताया. उन्होंने कहा कि सीएम योगी तो हनुमान जी को भी दलित और आदिवासी बता देते हैं. सीएम योगी ने गोरखपुर में कहा है कि पूरे भारत का डीएनए एक है और इसीलिए भारत एक है. सीएम योगी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय सिंह ने कहा है कि सीएम योगी सभी का डीएनए चेक कर लेते हैं, आखिर कौन सी मशीन उनके पास है. दिन-रात इसी काम में लगे रहते हैं. संजय सिंह ने कहा है कि आखिर जब देश के सभी लोगों का डीएनए एक है, तो नफरत क्यों फैलाते हैं. उन्होंने कहा कि कथनी और करनी का अगर फर्क देखना है तो इसका सबसे बड़ा उदाहरण बीजेपी और योगी आदित्यनाथ हैं.

इसे भी पढ़ें : Exclusive: योगी सरकार अपने साढ़े 4 साल में किन कामों को गिनाएगी? पढ़िए बुकलेट

कहे के उलट काम करती है बीजेपी : संजय सिंह

संजय सिंह ने कहा कि बीजेपी जो कहती है, ठीक उसके विपरीत काम करती है. उसने चुनाव से पहले 15 लाख रुपये देने की बात कही और लोगों के घरों से पैसे निकाल लिए. नौजवानों को रोजगार देने की बात कही और सरकारी संपत्तियां बेचकर उसे खत्म कर रही. किसानों को उनकी उपज का दोगुना मूल्य देने की बात कही थी, वह भी नहीं मिल रहा है और किसान आंदोलन कर रहा है. किसान 10 महीने से सड़क पर बैठा है, उसे गुंडा, मवाली, आतंकवादी और पाकिस्तानी बता रहे हैं. बीजेपी को इसका जवाब देश की जनता को देना चाहिए.

Terrorist Arrest: प्रयागराज में शाहरुख नाम के संदिग्ध ने सरेंडर से पहले किया FB लाइव, कहा- मैं बेगुनाह हूं!

Terrorist Arrest: प्रयागराज में शाहरुख नाम के संदिग्ध ने सरेंडर से पहले किया FB लाइव (File photo)

Prayagraj News: इससे पहले, शाहरुख के एक रिश्तेदार उमेद उर रहमान ने भी कल प्रयागराज पुलिस के सामने सरेंडर किया था. उमेद उर रहमान को एटीएस की टीम आज लेकर लखनऊ जाएगी.

SHARE THIS:

प्रयागराज. देश में दहशत फैलाने के लिए आए आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद अब दहशतगर्दों के हौसले टूटते नजर आ रहे हैं. इसी कड़ी में शनिवार को प्रयागराज में शाहरुख (Shahrukh) नाम के संदिग्ध ने फेसबुक पर वीडियो पोस्ट कर पुलिस के सामने सरेंडर करने का दावा किया है. लेकिन पुलिस ने शाहरुख को हिरासत में लेने से मना कर दिया. शाहरुख ही वह शख्स है जिसके पोल्ट्री फॉर्म से एटीएस और दिल्ली पुलिस को आईईडी बरामद हुआ था. शाहरुख का दावा है कि आईईडी उसे एक दिन पहले ही गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी जीशान ने रखने के लिए दिया था. अगले दिन जीशान की निशानदेही पर एटीएस और दिल्ली पुलिस ने छापेमारी कर शाहरुख के पोल्ट्री फार्म से ही आईईडी बरामद की थी. बरामद आईईडी को बम डिस्पोजल स्क्वायड के जरिए डिस्पोज किया गया था.

खुद थाने पहुंचा शाहरुख
शाहरुख ने कल रात फेसबुक लाइव कर खुद को बेगुनाह बताया और कोतवाली थाने में जाकर सरेंडर करने की बात कही. चौक इलाके से किए गए लाइव में वह चलते हुए कोतवाली थाने तक गया है. फेसबुक लाइव में शाहरुख ने दावा किया है कि वह खुद की बेगुनाही साबित करने के लिए पुलिस के सामने पेश हो रहा है. उसने बताया कि जिस दिन उसके पोल्ट्री फार्म से आईईडी बरामद हुई थी एटीएस अफसरों ने उसे फोन किया था. फोन पर वक्त दिए जाने के बावजूद डर की वजह से वह मोबाइल बंद कर फरार हो गया था.

शाहरुख के दो करीबी रिश्तेदार गिरफ्तार
इससे पहले, शाहरुख के एक रिश्तेदार उमेद उर रहमान ने भी कल प्रयागराज पुलिस के सामने सरेंडर किया था. उमेद उर रहमान को एटीएस की टीम आज लेकर लखनऊ जाएगी. बहरहाल, शाहरुख का जिस तरीके का कनेक्शन सामने आया है वह बेहद चौंकाने वाला है. इसी हफ्ते हुई छापेमारी में शाहरुख के दो करीबी रिश्तेदार गिरफ्तार हुए हैं. ओसामा की गिरफ्तारी दिल्ली में और आमिर बेग की गिरफ्तारी लखनऊ से हुई है. जबकि शाहरुख के करीबी जीशान कमर की गिरफ्तारी प्रयागराज से हुई है.

बड़ी साजिश की थी तैयारी
आतंकियों ने देश में दहशत फैलाने की बड़ी साजिश रची थी. उनके निशाने पर कई नामचीन लोग भी थे. इसी के साथ ही कई शहरों में धमाके करने की भी योजना आतंकवादियों ने बना रखी थी. वहीं उत्तर प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनावों में भी आतंकी दहशत फैलाने वाले थे.

Load More News

More from Other District