Meerut News: कहकशा से यति बन हिंदू से रचाई शादी, अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिया ये आदेश, जानें पूरा मामला

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेरठ की कहकशा के बारे में दिया बड़ा आदेश.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेरठ की कहकशा के बारे में दिया बड़ा आदेश.

Allahabad High Court News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेरठ पुलिस को यति और उसके पति की सुरक्षा का आदेश दिया है. कहकशा ने यति बनने के लिए पहले धर्म परिवर्तन किया और फिर हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली.

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प्रयागराज/मेरठ. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने बुधवार को एक फैसले में मेरठ (Meerut) के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को कहकशा और उसके पति को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने का आदेश दिया है. कहकशा ने हिंदू धर्म में गहरी आस्था होने के चलते धर्म परिवर्तन कर अपना नाम यति रख लिया और एक हिंदू व्यक्ति से विवाह किया.इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर ने यति और उसके पति द्वारा दाखिल रिट याचिका पर यह आदेश पारित किया.

जबकि याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि हाईस्कूल प्रमाण पत्र के मुताबिक यति की जन्‍मतिथि 22 फरवरी, 2002 है और इस प्रकार से वह बालिग है. यति ने अपनी इच्छा से विवाह किया है और अपने धर्म परिवर्तन के संबंध में 15 अप्रैल, 2021 को मेरठ के जिलाधिकारी के पास आवश्यक आवेदन किया और धर्म परिवर्तन के संबंध में सूचना को एक अखबार में प्रकाशित कराया.

जानें क्‍या है पूरा मामला

यति और दूसरे याचिकाकर्ता ने 16 अप्रैल, 2021 को हिंदू रीति रिवाज के मुताबिक मेरठ के आर्य समाज मंदिर में शादी की और उसी दिन विवाह के पंजीकरण के लिए रजिस्ट्रार के समक्ष आवेदन किया. हालांकि उनका विवाह अभी तक पंजीकृत नहीं हुआ है. याचिका के मुताबिक, यति के पिता जाहिद अहमद इस शादी से बेहद नाराज हैं और उन्होंने उसे और उसके पति को जान से मारने की धमकी दी है. इस कारण याचिकाकर्ताओं ने स्थानीय पुलिस से अपनी जान की रक्षा का अनुरोध किया है.'
मामले की अगली सुनवाई 23 जून को होगी

इस पर न्यायमूर्ति ने कहा, 'तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए मेरठ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के माध्यम से जाहिद अहमद को नोटिस जारी किया जाए और सुनवाई की अगली तारीख 23 जून, 2021 को इसकी रिपोर्ट अदालत को दी जाए.'

यही नहीं, न्यायमूर्ति ने कहा कि इस हाईकोर्ट के अगले आदेश तक मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को याचिकाकर्ताओं को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने का आदेश दिया जाता है और यह सुनिश्चित करने को कहा जाता है कि जाहिद या उसके परिवार या समुदाय के किसी भी व्यक्ति द्वारा इन याचिकाकर्ताओं को किसी तरह का नुकसान ना पहुंचे. हाईकोर्ट ने आगे अपने आदेश में कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यह भी सुनिश्चित करें कि स्थानीय पुलिस यति के पिता के इशारे पर याचिकाकर्ताओं के शांतिपूर्ण वैवाहिक जीवन में किसी भी तरह हस्तक्षेप ना करे. हाईकोर्ट ने यति के पिता को इन याचिकाकर्ताओं के मकान में स्वयं या किसी मित्र, सहयोगी के जरिए नहीं घुसने और किसी भी तरह से उन्हें नुकसान नहीं पहुंचाने का निर्देश दिया है.

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