Allahabad news

इलाहाबाद

अपना जिला चुनें

कुंभ मेले के दौरान 'चमड़ा' फैक्ट्री चलाने की HC ने दी अनुमति, ये रही शर्त

कुंभ मेले के दौरान 'चमड़ा' फैक्ट्री चलाने की HC ने दी अनुमति, ये रही शर्त

प्रतिकात्मक तस्वीर

कोर्ट ने कहा हैं कि याची फैक्ट्रियों को निर्बाध काम करने की इजाजत दी जाती है लेकिन वे गंगा में सीधे या किसी ऐसे नाले में फैक्ट्री का गंदा पानी नहीं गिरायेगी जो सीधे गंगा में खुलते हो.

SHARE THIS:
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कानपुर व उन्नाव में चमड़े की फैक्ट्रियों को कुंभ के दौरान इस शर्त के साथ चलाने की अंतरिम अनुमति दे दी है. कोर्ट ने निर्देश देते हुए कहा है कि ये फैक्ट्रियां गंगा में किसी प्रकार का अपशिष्ट पानी नहीं गिरायेंगी. सरकार ने कुंभ के दौरान गंगा नदी की सफाई के मद्देनजर इन फैक्ट्रियों को तीन महीने के लिए बंद करने के आदेश दे दिये थे. कोर्ट ने कहा हैं कि याची फैक्ट्रियों को निर्बाध काम करने की इजाजत दी जाती है लेकिन वे गंगा में सीधे या किसी ऐसे नाले में फैक्ट्री का गंदा पानी नहीं गिरायेगी जो सीधे गंगा में खुलते हो. इस मामले की अगली सुनवाई 4 जनवरी को होगी. वहीं हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को इस प्रकरण में पूरी बात रखने का आदेश दिया है.

यह आदेश जस्टिस रितुराज अवस्थी व जस्टिस राजीव सिंह की बेंच ने दो अलग-अलग फैक्ट्रियों की याचिकाओं पर सुनवाई करते पारित किया. शीतकालीन अवकाश के चलते चीफ जस्टिस ने प्रकरण को सुनने के लिए उपरेाक्त विशेष पीठ का गठन किया था. याचियों की ओर से कहा गया था कि प्रयागराज में होने वाले कुंभ मेले के चलते राज्य सरकार के निर्देश पर यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 26 नवंबर को एक आदेश जारी कर तीन माह के लिए कानपुर व उन्नाव की सभी चमड़ा फैक्ट्रियों को बंद करने का आदेश दिया है.

याचियों ने बोर्ड के उक्त आदेश को रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि तीन माह उद्योग बंद होने से करीब बीस हजार लोग बेरोजगार हो जायेंगे. कहा गया कि उनकी ओर से प्रस्ताव दिया गया था कि तीन माह के दौरान उनकी फैक्ट्रियों का गंदा पानी गंगा में न गिराकर अस्थायी तौर पर कहीं और गिराया जायेगा लेकिन उस प्रस्ताव पर विचार ही नहीं किया गया. यह भी कहा गया कि चमड़ा उद्योग से काफी विदेशी मुद्रा अर्जित होती है जिसका नुकसान सरकार को उठाना पड़ेगा. फैक्ट्रियां बंद होने से विदेशी व देशी कम्पनियों से लिये गये ठेके भी पूरे नही हो पायेगें जिससे उन्हें बड़ा नुकसान होगा.

ये भी पढ़ें:

घूसखोरी मामले में योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई, मंत्रियों के निजी सचिवों के खिलाफ FIR दर्ज

सुर्खियां: अखिलेश ने राज्यपाल पर लगाया पक्षपात का आरोप, तीन तलाक पर मुसलमान सिर्फ कुरान को मानेगा

बुलंदशहर हिंसा: जानिए कौन है इंस्पेक्टर का हत्यारा प्रशांत 'नट'

कैबिनेट में जगह ना मिलने का मामला: सपा MLC ने दिग्विजय सिंह को दिया यह जवाब

 

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हिंदी भाषा से जुड़े साहित्यकारों की कर्मस्थली रही है संगमनगरी

हिंदी भाषा से जुड़े साहित्यकारों की कर्मस्थली रही है संगमनगरी

प्रयागराज हमेशा से साहित्यिक आंदोलनों का केंद्र रहा है. जिसके चलते यहां ऐसे-ऐसे साहित्यकार हुए या यहां आकर रच-बस गए.

SHARE THIS:

अगर बात करें भाषा की तो भाषा के विकास में, उसे बढ़ावा देने में उससे संबंधित साहित्य का महत्वपूर्ण योगदान होता है. हिंदी भाषा की विकास यात्रा में भी हिंदी साहित्य ने अहम भूमिका निभाई है. हिंदी साहित्य (hindi literature)वक्त की सीढ़ियां चढ़ता गया और समाज में उस पायदान पर पहुंचा जहां से लोग आज इसे गर्व के साथ पढ़ते हैं. लेकिन इन सभी के बीच उन सभी साहित्यकारों को भी याद करना चाहिए जो हिंदी भाषा की आत्मा है. ऐसे कई साहित्यकार हुए जिन्होंने हिंदी में अपनी गौरवशाली रचनाएं लिखी और समाज को आईना दिखाया. एक रोचक बात यह है कि 18वीं और 19वीं शताब्दी के अनेकों साहित्यकार संगम नगरी की पावन भूमि से जुड़े हैं. बेशक उनका जन्म यहां या कहीं और हुआ हो लेकिन उन सभी की कर्मस्थली प्रयागराज ही रही है.
गंगा जमुना तहजीब प्रेरणा रही है कई महान साहित्यकारों की. प्रयागराज साहित्यिक आंदोलनों का केंद्र भी रहा है. महादेवी वर्मा, सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, सुमित्रानंदन पंत, रामकुमार वर्मा, प्रेमचंद, धर्मवीर भारती, नरेश मेहता जैसे कई नाम है जिन्होंने इस धरती को अपनी कर्मस्थली बनाया और समाज को अपनी रचनाओं के रूप में बहुत कुछ दे गए. इसलिए प्रयागराज प्रदेश की साहित्यिक राजधानी(literature capital) के रूप में भी जानी जाती है. संक्षेप में कहें तो प्रयागराज हिंदी भाषा के विकास यात्रा का साक्षी रहा है. यही वह स्थान है जहां हिंदी भाषा वक्त के साथ पली-बढ़ी. अगर यूं कहें कि इलाहाबादियत और हिंदी भाषा का गहरा नाता है तो यह गलत नहीं होगा.

इलाहाबाद संग्रहालय में संजोई गई है साहित्यकारों की यादें
प्रयागराज से हिंदी साहित्यकारों का गहरा नाता रहा. इलाहाबाद विश्वविद्यालय, हिंदुस्तानी अकादमी जैसे कई स्थान हैं जहां महान साहित्यकारों ने काम किया और अपनी रचनाएं लिखी. इसी क्रम में इलाहाबाद संग्रहालय में मौजूद है-
सुमित्रानंदन पंत विथिका(sumitranandan pant gallery). जहां प्रयागराज से जुड़े और राष्ट्रीय स्तर के जाने-माने साहित्यकारों की व्यक्तिगत वस्तुएं, असली पांडुलिपि मौजूद हैं जो आज की पीढ़ी के लिए सुरक्षित की गई हैं. सुमित्रानंदन पंत ने अपनी सारी व्यक्तिगत वस्तुओं को म्यूजियम में दान दे दिया जिसके बाद सुमित्रानंदन पंत वीथिका की स्थापना हुई. इसमें सुमित्रानंदन पंत का ज्ञानपीठ पुरस्कार, ताम्रपत्र, चश्मा, कलाकृतियां आदि मौजूद है. छायावाद की स्तंभ कहें जाने वाली महादेवी वर्मा की लिखी पांडुलिपि,पत्र शामिल है. रामकुमार वर्मा का पद्म पुरस्कार, टाई  ,मुंशी प्रेमचंद की पर्सनल डायरी भी रखी गई है. ऐसे ही अन्य साहित्यकारों की कृतियां और समान म्यूजियम में संरक्षित हैं.

प्रयागराज: ट्रेन से गायब हुआ शव रखा ताबूत, 16 घंटे बाद MP में मिला, जानिए कैसे?

प्रयागराज: ट्रेन से गायब हुआ शव रखा ताबूत, 16 घंटे बाद MP में मिला, जानिए कैसे?

Prayagraj News: प्रतापगढ़ की बुजुर्ग महिला सरवरी बेगम कैंसर से पीड़ित थीं. मुम्बई के टाटा हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. परिवारवालों शव को ताबूत में रखकर ट्रेन के ज़रिये प्रयागराज तक लाने और यहां से एम्बुलेंस से घर ले जाने का फैसला किया.

SHARE THIS:

इलाहाबाद. देश की लाइफलाइन कहे जाने वाले भारतीय रेलवे (Indian Railways) की बड़ी लापरवाही सामने आई है. रेलवे के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही से एक महिला का शव ताबूत के साथ चलती ट्रेन से गायब हो गया? उसे ढूंढ़ने में रेल अफसरों के पसीने छूट गए. मुम्बई से लेकर प्रयागराज तक मचे हड़कंप के बाद रेलवे ने करीब 16 घंटे बाद शव और ताबूत को ढूंढ निकाला और शव को परिजनों को सौंप दिया. इस दौरान परिवार वालों की सांस अटकी रही और मृतक महिला का संस्कार एक दिन बाद हो सका.

इस मामले में रेलवे के अधिकारी अपनी गलती मानने के बजाय दिमागी तौर पर बीमार किसी अंजान शख्स को दोषी बताकर अपनी ज़िम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की कोशिश में लगे हुए हैं.

ये है पूरा मामला

दरअसल पूरा मामला यूपी के प्रतापगढ़ जिले के पट्टी इलाके का है. यहां की रहने वाली बुजुर्ग महिला सरवरी बेगम कैंसर की बीमारी से पीड़ित थीं. मुम्बई के टाटा हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था. तीन दिन पहले इलाज के दौरान अस्पताल में उनकी मौत हो गई. परिवार वालों शव को ताबूत में रखकर उसे ट्रेन के ज़रिये प्रयागराज तक लाने और यहां से एम्बुलेंस से घर ले जाने का फैसला किया. परिवार वालों ने लोकमान्य तिलक टर्मिनस से मडुवाडीह तक चलने वाली ट्रेन नंबर 12167 से अपना टिकट स्लीपर क्लास से बुक कराया, जबकि ताबूत को गार्ड के बगल एसएलआर यानी सामान रखने के कोच में बुक करा दिया. मुम्बई में परिवार वालों ने ताबूत को अपनी मौजूदगी में एसएलआर कोच में चढ़वाया.

ताबूत गायब मिला तो मचा हड़कंप

13 सितम्बर को रात करीब 11 बजे ट्रेन जब प्रयागराज के छिवकी स्टेशन पहुंची तो परिवार वाले ताबूत लेने के लिए एसएलआर कोच पहुंचे. वहां उन्हें बताया गया कि कोच में रखा ताबूत गायब हो गया है और संभवतः वह रास्ते में कहीं गिर गया है. परिवारवालों ने हंगामा शुरू किया तो मुम्बई से लेकर जबलपुर तक हड़कंप मचा. सभी जगह आरपीएफ को एलर्ट पर डाला गया.

ट्रैक किनारे क्षत-विक्षत हालत में मिला ताबूत और शव

अधिकारियों ने भी इस लापरवाही को गंभीरता से लिया. जिसके बाद शव और ताबूत मध्य प्रदेश के मैहर जिले में ट्रैक के किनारे की झाड़ियों में पड़ा हुआ मिला. ताबूत कई जगह से टूट गया था. इतना ही नहीं शव को भी नुकसान पहुंचा. बहरहाल ताबूत की मरम्मत कराकर उसे दूसरी ट्रेन से मंगलवार शाम करीब चार बजे प्रयागराज भेजा गया. यहां घंटों की औपचारिकता के बाद शव परिवार वालों को सौंप दिया गया. परिवार वाले देर रात शव लेकर प्रतापगढ़ पहुंचे. इस लापरवाही की वजह महिला के शव का अंतिम संस्कार बुधवार दोपहर को हो सका.

मामले में पल्ला झाड़ने की कोशिश

इस मामले में नार्थ सेंट्रल रेलवे जोन के सीपीआरओ डॉ शिवम शर्मा ने पहले तो इस मामले को दूसरे जोन का बताकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की. उन्हें जब यह याद दिलाया गया कि प्रयागराज छिंवकी स्टेशन, जहां शव उतरना था, वह इसी जोन में आता है, तब उन्होंने डैमेज कंट्रोल यानी शव के गिरने के बाद रेल महकमे द्वारा की गई कवायद के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि जबलपुर के आरपीएफ अफसरों ने जानकारी दी है कि रास्ते में पागल सा दिखने वाला कोई शख्स ट्रेन के नजदीक आ गया था और उसने एसएलआर कोच की सील को तोड़ दिया था. इसी वजह से रास्ते में मैहर के पास ताबूत छिटककर गिर गया. जबकि नियम के मुताबिक जिस स्टेशन पर माल उतरता है वहां पर एस एल आर कोच को विधिवत सील किया जाता है.

इस मामले में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई के सवाल को उन्होंने वेस्टर्न रेलवे पर छोड़ दिया. वहीं रेलवे की इस लापरवाही से मृतका के परिजनों में दुख के साथ गुस्सा भी है.

यहां मौजूद है दुर्लभ पुस्तकों तथा पांडुलिपियों का खजाना

यहां मौजूद है दुर्लभ पुस्तकों तथा पांडुलिपियों का खजाना

प्रयागराज स्थित हिन्दुस्तानी अकादमी लगातार हिन्दी भाषा को समृद्ध और लोकप्रिय करने का काम कर रही है.

SHARE THIS:

भारत विविधताओं का देश है, जहां अनेकों बोलियां और भाषाएं प्रचलित . लेकिन अगर हिंदी दिवस के मौके पर हिंदी भाषा की बात करें तो यह कई राज्यों और स्थानों में प्रचलित . यह हमारी राजभाषा है . लेकिन वक्त बदल रहा है, वैश्वीकरण के दौर ने हिंदी भाषा को पीछे की ओर धकेला है. भौतिकवाद ने अंग्रेजी के महत्व को बढ़ा दिया है . ऐसे में जरूरी है अपनी पहचान, हिंदी भाषा को सुरक्षित रखना और उसे आगे बढ़ाना.
आज इसी दिशा में बहुत सारी सरकारी तथा गैर-सरकारी संस्थाएं काम कर रही है. प्रयागराज स्थित \’हिंदुस्तानी अकादमी\’ भी इसी दिशा में लगातार 9 दशकों से काम कर रही है. इसकी स्थापना लखनऊ में तत्कालीन गवर्नर मैरिस द्वारा 27 मार्च 1927 में की गई थी. तब से लेकर आज तक यह संस्था कई प्रकार से हिंदी भाषा को समृद्ध और लोकप्रिय बना रही है .यह हिंदी और हिंदुस्तानी भाषा की पांचवी महत्वपूर्ण संस्था है. वैसे तो प्रयागराज में कई संस्थाएं हैं लेकिन राज्य सरकार के भाषा विभाग के अंतर्गत आने वाली हिंदुस्तानी अकादमी कई आयामों पर उल्लेखनीय कार्य कर रही है जिससे हिंदी विश्व की प्रमुख भाषाओं के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सके .

प्रकाशन: यह संस्था बेहद पुरानी और दुर्लभ पुस्तकों का प्रकाशन करती है ताकि हमारी पहचान हमारा साहित्य आज और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सके.
अनुवाद: हिंदुस्तानी अकादमी विदेशी भाषाओं की साहित्यिक कृतियों का हिंदी में अनुवाद करती है. अकादमी के अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह ने बताया कि लोगों की मांग और जरूरत के हिसाब से हम अन्य भाषा के साहित्य को भी हिंदी में अनुवाद कर आते हैं. जैसे हाल में ही थियोसॉफिकल सोसायटी द्वारा प्रकाशित सनातन धर्म की अंग्रेजी पुस्तिका को हिंदी में अनुवाद किया गया है.
• पुरुस्कार: संस्था लेखकों/ साहित्यकारों तथा उनकी रचनाओं को सम्मानित करके उन्हें अधिक काम करने के लिए प्रोत्साहित करती है. यहां तीन राष्ट्रीय स्तर तथा लगभग 10 प्रादेशिक स्तर के पुरस्कार दिए जाते हैं . जिसमें राष्ट्रीय स्तर के गुरु गोरखनाथ शिखर सम्मान, गोस्वामी तुलसीदास सम्मान , संत कबीर दास सम्मान शामिल है.
• संगोष्ठी और व्याख्यान कराना: हिंदुस्तान अकादमी समय-समय पर भिन्न-भिन्न स्थानों पर संगोष्ठी तथा व्याख्यान का आयोजन कराती है ताकि साहित्यकार अपने विचार अपनी रचनाएं समाज तक पहुंचा सके और लोग उनसे कुछ सीख कर प्रेरित हो सके.

यहां मौजूद है दुर्लभ पुस्तकों तथा पांडुलिपियों का खजाना
हिंदुस्तानी अकादमी में मौजूद है एक बड़ा पुस्तकालय. जहां स्थित है बेहद प्राचीन पुस्तके, साहित्य रचनाएं और पांडुलिपियां. पुस्तकालय अध्यक्ष रतन पांडेय ने हमें बताया कि यहां लगभग 25000 पुस्तकों का भंडार है, जिसमें से 17000 हिंदी की पुस्तकें हैं .इसके साथ ही साथ 300 पांडुलिपियां भी हैं जिनका डिजिटलाइजेशन भी किया जा रहा है.आम लोग यहां आकर इन पुस्तकों को पढ़ भी सकते हैं.

UP ANM Recruitment 2021: यूपी में एएनएम की बंपर भर्तियां, आज से करें आवेदन

UP ANM Recruitment 2021: यूपी में एएनएम की बंपर भर्तियां, आज से करें आवेदन

UP ANM Recruitment 2021: यूपी में एएनएम के पदों पर भर्तियों के लिए आज से आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट के जरिए इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 15, 2021, 17:14 IST
SHARE THIS:

नई दिल्ली (UP ANM Recruitment 2021). राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, यूपी (UP ANM Recruitment 2021) ने एएनएम के पदों पर भर्तियों के लिए विस्तृत नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इन पदों के लिए आज यानी 15 सितंबर 2021 से आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट upnrhm.gov.in के जरिए 30 सितंबर 2021 तक आवेदन कर सकते हैं. जारी नोटिफिकेशन के अनुसार कुल 5000 रिक्त पदों पर भर्तियां होनी हैं.

अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वह इन पदों के लिए विस्तृत नोटिफिकेशन को पढ़ने के बाद ही आवेदन करें. नियमानुसार किया गया आवेदन ही मान्य होगा, अन्यथा उसे रद्द भी किया जा सकता है.

UP ANM Recruitment 2021: इतनें पदों को किया गया है आरक्षित
सामान्य वर्ग – 2484
ओबीसी वर्ग  – 1381
एससी वर्ग – 1066
एसटी वर्ग – 69
ईडब्ल्यूएस – 463

UP ANM Recruitment 2021: शैक्षणिक योग्यता
इन पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी के पास राज्य सरकार नर्सिंग परिषद से मान्यता प्राप्त किसी संस्थान से ऑग्जिलरी नर्सिंग और मिडवाइफ में दो-वर्षीय का डिप्लोमा होना चाहिए.

आयु सीमा
इन पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की उम्र 18 वर्ष से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए. अधिकतम आयु सीमा में ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को 3 वर्ष और एससी व एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों को 5 वर्ष की छूट दी गई है.

UP ANM Recruitment 2021: इतना मिलेगा मानदेय
जारी नोटिफिकेशन के अनुसार इन पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को 12,128 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाएगा. अभ्यर्थियों की नियुक्ति संविदा के आधार पर की जाएगी.

यह भी पढ़ें –

Allahabad HC Recruitment 2021: इलाहाबाद हाईकोर्ट में RO व ARO भर्ती के लिए आवेदन की कल है लास्ट डेट, जानें डिटेल

UPPSC Recruitment 2021 : पॉलिटेक्निक में 1370 वैकेंसी के लिए आयोग ने फिर से मांगा आवेदन

UP ANM Recruitment 2021: इन तिथियों का रखें ध्यान
आवेदन शुरू होने की तिथि – 15 सितंबर 2021
आवेदन की अंतिम तिथि- 30 सितंबर 2021
आधिकारिक वेबसाइट –  upnrhm.gov.in

 यहां देखें नोटिफिकेशन 

नवोदय विद्यालय में छात्रा की मौत पर जवाब नहीं दे सके DGP, नाराज HC ने कहा- अब मत छोड़ना प्रयागराज

नवोदय विद्यालय में छात्रा की मौत पर जवाब नहीं दे सके DGP, नाराज HC ने कहा- अब मत छोड़ना प्रयागराज

Up News: जवाहर नवोदय विद्यालय मैनपुरी में हुई छात्रा की संदिग्‍ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेश हुए DGP मुकुल गोयल, हाईकोर्ट ने कहा- कल की सुनवाई में पूरी तैयारी के साथ पेश हों, मैनपुरी एसपी को दें जबरन सेवा निवृत्ति.

SHARE THIS:

प्रयागराज. जवाहर नवोदय विद्यालय मैनपुरी में छात्रा की संदिग्‍ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले की सुनवाई के दौरान बुधवार हो इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया. मामले में दाखिल जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में प्रदेश के पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल को तलब किया गया था. गोयल अदालत में हाजिर तो हुए लेकिन मामले में सफाई न दे सके. इस पर उन्हें कोर्ट की नाराजगी झेलनी पड़ी. कोर्ट ने डीजीपी गोयल को कड़े निर्देश दिए कि वे किसी भी हाल में प्रयागराज नहीं छोड़ सकते हैं.
दरअसल मामले में कोर्ट ने छात्रा के फांसी लगा लेने के बाद उसके पंचनामे का वीडियो देखा था. इसमें पुलिस के रवैये पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और डीजीपी गोयल को पूरी तैयारी के साथ गुरुवार को भी कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए.

एसपी मैनपुरी को जबरन करें सेवानिवृत्त
कोर्ट ने पुलिस के रवैये पर कड़ी आपत्ति जताते हुए डीजीपी गोयल को आदेश दिया कि या तो वे एसपी मैनपुरी को तत्काल प्रभाव से हटा दें या फिर उन्हें जबरन सेवा से निवृत्त कर दें. कोर्ट ने कहा कि छात्रा की पोस्ट मार्टम रिपोर्ट देखने से ये साफ पता चलता है कि उसके साथ छेड़छाड़ की गई है. गले में फांसी के निशान संदेह पैदा कर रहे हैं. कोर्ट ने डीजपी गोयल को सख्त लहजे में कहा कि या तो वे कार्रवाई करें नहीं तो कोर्ट कड़े कदम उठाएगा. अब इस मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई गुरुवार को भी जारी रहेगी.
उल्लेखनीय है कि याचिकाकर्ता महेंद्र प्रताप सिंह की ओर जनहित याचिका दाखिल कर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है. मामले की सुनवाई एक्टिंग चीफ जस्टिस एम एन भंडारी और जस्टिस ए के ओझा की खंडपीठ कर रही है.

क्या है मामला
गौरतलब है कि जवाहर नवोदय विद्यालय मैनपुरी में कक्षा 11 में पढ़ने वाली एक छात्रा की 16 सितंबर 2019 को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. छात्रावास में ही छात्रा का शव मिला था. पुलिस और प्रशासन ने इसे आत्महत्या माना. लेकिन परिजनों ने दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था. इस मामले में 26 सितंबर को राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की भी सिफारिश कर दी थी. आगरा की एफएसएल रिपोर्ट में भी दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी.

UP NHM CHO Answer Key 2021: यूपी एनएचएम सीएचओ की आंसर-की जारी, ऐसे करें चेक

UP NHM CHO Answer Key 2021: यूपी एनएचएम सीएचओ की आंसर-की जारी, ऐसे करें चेक

UP NHM CHO Answer Key 2021: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, यूपी ने कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर भर्ती परीक्षा की आंसर-की जारी कर दी है. अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर आंसर-की चेक कर सकते हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 15, 2021, 10:48 IST
SHARE THIS:

नई दिल्ली (UP NHM CHO Answer Key 2021). राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, यूपी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी भर्ती परीक्षा की प्रोविजनल आंसर-की (UP NHM CHO Answer Key 2021) जारी कर दी गई है. अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट upnrhm.gov.in से आंसर-की डाउनलोड कर सकते हैं. जारी आंसर-की पर अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट के जरिए 16 सितंबर 2021 तक आवेदन कर सकते हैं.

बता दें कि प्राप्त आपत्तियों के निपटारे के बाद फाइनल आंसर-की जारी की जाएगी. कुल 2800 रिक्त पदों पर भर्तियां की जाएगी. 30 जून 2021 से आवेदन की प्रक्रिया शुरू हुई थी और आवेदन की अंतिम तिथि 20 जुलाई 2021 निर्धारित की गई थी.

UP NHM CHO Answer Key 2021: ऐसे चेक करें आंसर-की
-सबसे पहले अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट upnrhm.gov.in पर जाएं.
-होम पेज पर दिए गए Updates  सेक्शन पर जाएं.
-अब Objection Portal for receiving representations from appeared candidates for 2800 CHO recruitment drive, which is valid from 14.09.2021 to 16.09.2021 (11.55PM) के लिंक पर क्लिक करें.
-अपना यूजर आईडी और पासवर्ड दर्ज करें और लॉग इन पर क्लिक करें.
-आंसर- की आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा.

यह भी पढ़ें –
UP JEECUP Counselling 2021: यूपी पॉलिटेक्निक दाखिले के लिए काउंसलिंग आज से, यहां देखें पूरा शेड्यूल
IERT Result 2021: आईईआरटी  प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट घोषित, काउंसलिंग शेड्यूल भी जारी 

यूपी हाई कोर्ट ने रचा इतिहास, सभी अदालतों में बहस, सुनवाई आदेश सब हिंदी में, बस 'प्रेसनोट' अंग्रेजी में

यूपी हाई कोर्ट ने रचा इतिहास, सभी अदालतों में बहस, सुनवाई आदेश सब हिंदी में, बस 'प्रेसनोट' अंग्रेजी में

Hindi Diwas 2021 : एशिया की सबसे बड़ी अदालत ने हिन्दी के सम्मान में रिकॉर्ड कायम किया. कैसे? इसके साथ ही यह भी जानिए कि इलाहाबाद हाई कोर्ट में हिंदी के लिहाज़ से मशहूर जज और फैसले कौन से रहे.

SHARE THIS:

प्रयागराज. हिन्दी दिवस के मौके पर एशिया की सबसे बड़ी अदालत यानी इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हिन्दी के प्रति नया आयाम स्थापित किया. मंगलवार को एक्टिंग चीफ जस्टिस एमएन भंडारी सहित सभी खंडपीठों और एकल पीठों में मुकदमों की सुनवाई, बहस, आदेश और निर्णय हिन्दी में पारित किए गए. लेकिन विडंबना यह रही कि इस बात की जानकारी मीडिया तक पहुंचाने के लिए हाईकोर्ट के निबंधक शिष्टाचार ने जो विज्ञप्ति जारी की, उसमें अंग्रेजी भाषा का ही प्रयोग किया गया.

ऐसा पहली बार हुआ, जब…
निबंधक शिष्टाचार आशीष कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायालय सहित अन्य न्यायालयों में मंगलवार को सुनवाई व बहस हिन्दी में की गई. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सहित अन्य न्यायाधीशों ने भी याचिकाओं आदि में अपने आदेश व निर्णय हिन्दी में ही पारित किए. गौरतलब है कि इसके पहले भी हिन्दी दिवस के अवसर पर कई अधिवक्ता हिन्दी में ही बहस करते थे और कई न्यायाधीश भी अपने आदेश व निर्णय हिन्दी में ही लिखते थे लेकिन ऐसा पहली बार हुआ, जब सभी न्यायालयों में हिन्दी का ही प्रयोग किया गया.

ये भी पढ़ें : UP Chunav 2022: 100 नहीं, 200% तय है कि BJP से नहीं होगा गठबंधन, बसपा खुद बनाएगी सरकार- सतीश मिश्र

uttar pradesh news, up news, high court of up, judgement in hindi, hindi diwas news, उत्तर प्रदेश न्यूज़, यूपी न्यूज़, उत्तर प्रदेश हाई कोर्ट

उत्तर प्रदेश हाई कोर्ट में हिन्दी दिवस पर सुनवाई, बहस और आदेश आदि हिन्दी भाषा में दर्ज हुए.

4000 से ज़्यादा फैसले हिंदी में देने वाले जज
प्रदेशवासियों को 17 मार्च 1866 से न्याय दिला रहे ऐतिहासिक इलाहाबाद हाईकोर्ट में हिंदी में फैसले की शुरुआत जस्टिस प्रेम शंकर गुप्त ने की थी. उन्होंने अपने 15 वर्ष के न्यायाधीश कार्यकाल में चार हजार से अधिक फैसले हिंदी में दिए थे. उनके बाद कई अन्य न्यायाधीशों ने भी इस परम्परा को आगे बढ़ाने का काम किया. जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी ने हिंदी भाषा के प्रति प्रेम जताते हुए महत्वपूर्ण फैसले हिंदी में दिए थे. उन्होंने फर्जी बीएड डिग्री वाले अध्यापकों की बर्खास्तगी को सही करार देने समेत कई फैसले हिंदी में दिए.

गाय संबंधी चर्चित फैसला भी हिंदी में
जस्टिस गौतम चौधरी भी अब तक 2200 फैसले हिंदी में सुना चुके हैं. हाल में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की सलाह संबंधी फैसला भी जस्टिस शेखर कुमार यादव ने हिंदी भाषा में दिया. शादी के लिए धर्म परिवर्तन अपराध होने और साइबर ठगी में बैंक और पुलिस की ज़िम्मेदारी तय करने का भी फैसला उन्होंने हिंदी में दिया. इसके साथ ही हाईकोर्ट के कई पूर्व और मौजूदा न्यायमूर्ति ऐसे रहे हैं, जिन्होंने हिंदी में फैसले देकर आम लोगों के लिए न्याय को और सुलभ बनाया.

कानपुर, प्रयागराज में भी तेजी से फैल रहा डेंगू और वायरल, अस्पतालों में बढ़ रही मरीजों की संख्या

कानपुर, प्रयागराज में भी तेजी से फैल रहा डेंगू और वायरल, अस्पतालों में बढ़ रही मरीजों की संख्या

Dengue/Viral Cases in UP: कानपुर के उर्सला अस्पताल के सीएमएस डॉ अनिल निगम ने बताया कि प्रतिदिन 75-100 बुखार से पीड़ित मरीज हॉस्पिटल पहुंच रहे हैं. रैपिड टेस्ट में दो मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई, लेकिन एलिजा टेस्ट में डेंगू नहीं पाया गया.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 15, 2021, 07:54 IST
SHARE THIS:

कानपुर/प्रयागराज. ब्रज क्षेत्र के बाद अब डेंगू और वायरल फीवर (Dengue and Viral Fever) कानपुर (Kanpur) और प्रयागराज (Prayagraj) में भी तेजी से पैर पसार रहा है. कानपुर में प्रतिदिन करीब 100 बुखार से पीड़ित मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं, जबकि प्रयागराज में 97 डेंगू के मरीज मिले हैं. स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभी मामले और बढ़ सकते हैं. जिसके देखते हुए सुरक्षा के तमाम उपाय किए जा रहे हैं.

कानपुर के उर्सला अस्पताल के सीएमएस डॉ अनिल निगम ने बताया कि प्रतिदिन 75-100 बुखार से पीड़ित मरीज हॉस्पिटल पहुंच रहे हैं. रैपिड टेस्ट में दो मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई, लेकिन एलिजा टेस्ट में डेंगू नहीं पाया गया. फ़िलहाल हॉस्पिटल में डेंगू का एक भी मरीज नहीं है. लेकिन अगर अन्य अस्पतालों की बात करें तो स्थिति बिगड़ती नजर आ रही है. मंगलवार को कानपुर में बुखार से तीन लोगों दम तोड़ दिया। कानपुर के कल्याणपुर ब्लॉक के करसौली की निर्मला (55), वैभवी (8) और अरौल के शांति (65) की मौत हो गई.

प्रयागराज में 97 मरीजों में डेंगू की पुष्टि 
उधर प्रयागराज में भी डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं. अभी तक 97 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है जिनका इलाज चल रहा है. गनीमत यह है कि अभी डेंगू से किसी की मौत नहीं हुई है. सीएमो नानक सरन ने बताया कि अभी तक कुल 97 मरीज डेंगू से पीड़ित मिले हैं, जिनमे से 9 का इलाज चल रहा है. जिले में अभी तक डेंगू से कोई मौत नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि शहर में डेंगू के मामले और बढ़ने की संभावना है लिहाजा इसे नियंत्रित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं.

मंगलवार को 16 की मौत
मंगलवार को कानपुर और ब्रज क्षेत्र में सात बच्चों समेत 16 और लोगों की मौत डेंगू और वायरल फीवर की वजह से हो गई. फिरोजाबाद में 6 बच्चों समेत 9, कासगंज में तीन, एटा में एक और कानपुर में तीन लोगों की मौत हुई.

Allahabad HC Recruitment 2021: इलाहाबाद हाईकोर्ट में RO व ARO भर्ती के लिए आवेदन की कल है लास्ट डेट, जानें डिटेल

Allahabad HC Recruitment 2021: इलाहाबाद हाईकोर्ट में RO व ARO भर्ती के लिए आवेदन की कल है लास्ट डेट, जानें डिटेल

Allahabad HC Recruitment 2021: ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल कर चुके अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास कंप्यूटर का डिप्लोमा या सर्टिफिकेट अनिवार्य रूप से होना चाहिए. इसके साथ ही अभ्यर्थियों को अंग्रेजी की टाइपिंग का ज्ञान होना चाहिए.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 15, 2021, 07:49 IST
SHARE THIS:

नई दिल्ली. Allahabad HC Recruitment 2021: इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिव्यु ऑफिसर (RO) और असिस्टेंट रिव्यू ऑफिसर (ARO) और कंप्यूटर असिस्टेंट भर्ती परीक्षा के आवेदन के लिए कल यानी 16 सितंबर को लास्ट डेट है. ऐसे में आवेदन के इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी इलाहाबाद हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट www.allahabadhighcourt.in व recruitment.nta.nic.in के जरिए 16 सितंबर 2021 तक आवेदन कर सकते हैं. बता दें 411 पदों पर निकली इस भर्ती परीक्षा का आयोयन राष्ट्री परीक्षा एजेंसी की ओर से किया जाएगा. अभ्यर्थियों का चयन इसी परीक्षा के आधार पर किया जाएगा.

बता दें कि इन विभिन्न पदों के लिए ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल कर चुके अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास कंप्यूटर का डिप्लोमा या सर्टिफिकेट अनिवार्य रूप से होना चाहिए. इसके साथ ही अभ्यर्थियों को अंग्रेजी की टाइपिंग का ज्ञान होना चाहिए. आरओ व एआरओ के पदों पर उम्र 21 वर्ष से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए. वहीं कंप्यटर असिस्टेंट के पदों के लिए अभ्यर्थी की आयु 18 वर्ष से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए.

ये भी पढ़ें-

ICAI CA results 2021: मुरैना के भाई-बहन ने कायम की मिसाल, एक ने किया टॉप तो दूसरे की 18वीं रैंक

MP government schools: सरकारी स्कूलों में 15 सितंबर से 3 दिनों तक आयोजित होगी पैरेंट्स टीचर मीटिंग

Allahabad HC Recruitment 2021: रिक्त पदों की संख्या

  • समीक्षा अधिकारिक (RO) – 46
  • सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) – 350
  • कंप्यटर असिस्टेंट – 15

Allahabad HC Recruitment 2021: भर्ती से संबंधित जरूरी तारीखें

  • ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की तारीख- 17 अगस्त 2021
  • आवेदन की अंतिम तारीख- 16 सितंबर 2021
  • आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख- 17 सितंबर 2021
  • आवेदन फॉर्म में करेक्शन की तारीख- 18 से 21 सितंबर 2021
  • भर्ती परीक्षा की तारीख- अभी तय नहीं

Allahabad HC Recruitment 2021: आवेदन शुल्क

  • जनरल, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के आवेदकों के लिए आवेदन शुल्क 800 रुपये है..
  • एससी-एसटी और दिव्यांगों के लिए आवेदन शुल्क 600 रुपये है.

सटीक खुफिया जानकारी, बड़ी तैयारी..बम निरोधक दस्ता, डॉग स्‍क्वॉड, ऐसे पकड़े गए 6 आतंकवादी

सटीक खुफिया जानकारी, बड़ी तैयारी..बम निरोधक दस्ता, डॉग स्‍क्वॉड, ऐसे पकड़े गए 6 आतंकवादी

Terrorist Arrested: प्रयागराज के करेली में मंगलवार की सुबह आम थी, लेकिन अचानक बड़ी संख्या में पहुंची पुलिस और फिर शहर के अलग अलग इलाकों से गिरफ्तार हुए 6 आतंकियों के सामने आने के बाद हड़कंप मच गया.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 14, 2021, 22:34 IST
SHARE THIS:

प्रयागराज. शहर के करेली की तंग गलियां मंगलवार को कुछ अलग दिख रही थीं. हर तरफ पुलिस ही पुलिस, कुछ खाकी में थे तो कुछ सामान्य कपड़ाें में लेकिन पुलिसकर्मियों की मौजूदगी हर जगह दिखी. बम निरोधक दस्ते के लोग बड़े बड़े झबले और हाथों में मैटल डिटेक्टर लिए चपे चपे की जांच कर रहे थे. डॉग स्‍क्वैड के लोगों को देख मौहल्ले के बच्चे डरते भी दिखे. लेकिन ये थी यूपी एटीएस और दिल्ली स्पेशल सेल की बड़ी तैयारी. तैयारी थी आतंकियों को दबोचने की. वो आतंकी जो देश में दहशत फैलाने के लिए आम लोगों के बीच आम बन कर रह रहे थे. लेकिन एक सटीक खुफिया जानकारी ने उनके मनसूबों पर पानी फेर दिया.
करेली के लिए मंगलवार की सुबह भी आम ही थी, लेकिन अचानक पुलिस की धमक ने लोगों के बीच हड़कंप मचा दिया. दरअसल एटीएस को जानकारी मिली थी कि करेली के करामत की चौकी मुहल्ले में स्थित एक मकान में 6 संदिग्‍ध लोगों की लोकेशन मिली. पता चला कि ये लोग किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने में हैं.

हर किसी से की पूछताछ
पुलिस ने पहुंचते ही लोगों से पूछताछ करनी शुरू की. इस दौरान मदरसा संचालक मुफ्ती सैफुर्रहमन के घर पर छापेमारी की गई और सभी से पूछताछ हुई. इसी दौरान एक टीम जीटीबी नगर में छापेमारी कर रही थी, वहीं दूसरी टीम करेली के ही तिरंगा चौराहे और 60 फीट रोड स्थित दो घरों पर छापे मार रही थी. ये छापेमारी का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा. हालात ये रही कि एटीएस ने जिला पुलिस से भी फोर्स मंगवाई.

फिर गिरफ्तारियां
इसके बाद एक एक कर छह आतंकी पुलिस की गिरफ्त में आए. संदिग्‍धों के पास से विस्फोटक और हथियार मिले. साथ ही कुछ ऐसा लिटरेचर और जानकारियां भी मिलीं जो उनके मनसूबों को साफ कर रही थीं. आतंकवादी पूरे देश में दहशत फैलाने की तैयारी में थे. बड़े विस्फोट, लोगों की हत्या करने की पूरी तैयारी थी. कुछ नामचीन हस्तियां इनके टारगेट पर थीं. वहीं चुनावों को लेकर भी इन्होंने पूरी जानकारी जमा कर रखी थी. और कब कहां पर दहशत फैलानी है इसका पूरा प्लान तैयार था.

पता चला पाकिस्तानी कनेक्‍शन
इसके बाद गिरफ्तार आतंकवादियों में से दो का पाकिस्तानी कनेक्‍शन सामने आया. इन दोनों ने पाकिस्तान में ट्रेनिंग ली थी. कुछ दस्तावेजों से पता चला कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई भी इनके पीछे है. आतंकियों की ट्रेनिंग करवाने में उसका भी हाथ था. बाद में पूछताछ के दौरान अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का नाम भी सामने आया. दरअसल देश में हथियार, रुपये और विस्फोटक आतंकियों तक पहुंचाने में दाऊद का भाई अनीस इनकी मदद कर रहा था.

Load More News

More from Other District