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छह सिख कैदियों की हत्‍या के मामले में हाईकोर्ट ने गृह सचिव को किया तलब, ये है पूरा मामला
Allahabad News in Hindi

Sarvesh Dubey | News18 Uttar Pradesh
Updated: February 26, 2020, 8:48 PM IST
छह सिख कैदियों की हत्‍या के मामले में हाईकोर्ट ने गृह सचिव को किया तलब, ये है पूरा मामला
1996 में हुई थी छह सिख कैदियों की हत्‍या.

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने पीलीभीत जेल में 1996 में टाडा के तहत बंदी छह सिखों की हत्या किए जाने को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रमुख सचिव गृह को तलब किया है. प्रमुख सचिव गृह को 5 मार्च को हलफनामा दाखिल करना होगा.

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प्रयागराज. उत्‍तर प्रदेश की पीलीभीत जेल (Pilibhit Jail) में टाडा के तहत बंदी छह सिखों की हत्या किए जाने को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने प्रमुख सचिव गृह को तलब कर लिया है. कोर्ट ने प्रमुख सचिव गृह को पांच मार्च को व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर होकर हलफनामा दाखिल करने का भी आदेश दिया है. याचिका में छह हत्याओं के आरोपी पीलीभीत जेल के जेलर समेत 42 जेलकर्मियों के खिलाफ दाखिल मुकदमा राज्य सरकार द्वारा कोर्ट की मंजूरी मिलने के बाद वापस लिए जाने को चुनौती दी गई है. जेल में मारे गए कैदियों के परिजनों और जेल में की गई बर्बर पिटाई में घायल कैदियों की ओर से दाखिल याचिका पर राज्य सरकार की ओर से अब तक हलफनामा दाखिल न किए जाने पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए ये आदेश दिया है.

1996 में हुई थी हत्‍या
गौरतलब है कि वर्ष 1996 में जेल प्रशासन से विवाद के बाद जेल के अंदर टाडा कानून के तहत बंदी छह सिख कैदियों की बर्बरतापूर्ण पिटाई के बाद उनकी मौत भी हो गई थी. जेल में बंद सिखों पर आतंकवादी होने का आरोप था और जेल प्रशासन से विवाद के बाद बैरगों से निकालकर उनकी बुरी तरह से पिटाई की गई थी. इस मामले में सीबीसीआईडी ने जांच की थी और जांच के बाद चार्जशीट भी लगा दी थी, लेकिन 2006 में सपा शासनकाल में कोर्ट की मंजूरी मिलने के बाद राज्य सरकार ने जेलर और जेलकर्मियों के खिलाफ दर्ज केस वापस ले लिया था.

सरकार द्वारा मामला वापस लेने के बाद...



राज्य सरकार के मुकदमा वापस लेने के फैसले को ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है. हालांकि पीलीभीत जेल में बंद नौ सिखों की हत्या के आरोपी ज्यादातर जेल कर्मी अपनी सेवा पूरी कर रिटायर हो गए हैं और उसमें से कई लोगों की मौत भी हो चुकी है. जस्टिस सुधीर अग्रवाल और जस्टिस राजीव मिश्रा की डिवीजन बेंच ने प्रमुख सचिव गृह को तलब करने का आदेश दिया है.

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First published: February 26, 2020, 8:31 PM IST
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