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10 लाख पेंडिंग केसों के बोझ तले दबे इलाहाबाद हाईकोर्ट को मिलेंगे 16 नये न्यायाधीश

इलाहाबाद हाई कोर्ट भवन (File Photo)

इलाहाबाद हाई कोर्ट भवन (File Photo)

सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने न्यायाधीशों की नियुक्ति की संस्तुति कर दी है. उत्तर प्रदेश के उच्च न्यायालय में जजों के जितने पद स्वीकृत हैं, उनके मुकाबले वर्तमान में 60 फीसदी ही जज मौजूद हैं.

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प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट को जल्द 16 नये न्यायाधीश मिल जाएंगे. सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने न्यायाधीशों की नियुक्ति की संस्तुति कर दी है।‌. इनमें से 13 अधिवक्ता और 3 न्यायिक सेवा से न्यायमूर्ति बनेंगे. हालांकि न्यायिक सेवा वाली संस्तुति को पुनर्विचार के लिए भेजा गया है. माना जा रहा है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट को 16 नये जजों के मिलने से लम्बित मुकदमों के निस्तारण में तेजी आएगी. हाईकोर्ट को 16 नये जजों के मिलने के बाद हाईकोर्ट में जजों की संख्या बढ़कर 108 हो जाएगी. मौजूदा समय में 92 जज ही कार्यरत हैं। जबकि इलाहाबाद हाईकोर्ट की प्रधान पीठ और लखनऊ बेंच में जजों के 160 पद स्वीकृत हैं.

किन नामों की हुई संस्तुति?
अधिवक्ता से नियुक्त होने वाले न्यायाधीशों में चंद्र कुमार राय, शिशिर जैन, कृष्ण पहल, समीर जैन, आशुतोष श्रीवास्तव, सुभाष विद्यार्थी, बृजराज सिंह, श्री प्रकाश सिंह, विकास बुधवार, विक्रम डी चौहान, रिशद मुर्तजा, ध्रुव माथुर व विमलेन्दु त्रिपाठी के नाम शामिल हैं. वहीं, न्यायिक सेवा से ओम प्रकाश त्रिपाठी, उमेश चंद्र शर्मा व सैयद वैज मियां के नाम शामिल हैं. न्यायिक सेवा की संस्तुति पुनर्विचार के लिए की गई है.

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कितने केस हैं पेंडिंग?
इलाहाबाद हाईकोर्ट पर दस लाख से ज्यादा मुकदमों का बोझ है. आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक एक सितंबर तक हाईकोर्ट की प्रधान पीठ में लंबित मुकदमों की संख्या बढ़कर हुई सात लाख 99 हजार 293 हो गई. एक मई तक लखनऊ बेंच में दो लाख 24 हजार 316 मुकदमे पेंडिंग हैं. इस तरह से इलाहाबाद हाईकोर्ट प्रधान पीठ और लखनऊ बेंच को मिलाकर 10 लाख 12 हजार 715 मुकदमों का भारी भरकम बोझ है. बता दें कि कोरोना काल में हाईकोर्ट के बंद रहने और ऑनलाइन सुनवाई की व्यवस्था से भी हाईकोर्ट में मुकदमों की पेंडेंसी बढ़ी.

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