अपना शहर चुनें

States

योगी सरकार के लव जिहाद कानून को चुनौती, इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज होगी अंतिम सुनवाई

इलाहाबाद हाई कोर्ट में आज अहम सुनवाई
इलाहाबाद हाई कोर्ट में आज अहम सुनवाई

Prayagraj News: याचिकाओं में अध्यादेश को संविधान के खिलाफ और गैर जरूरी बताया गया है. साथ ही अध्यादेश के दुरुपयोग की भी याचिका में आशंका जताई गई है. याचिका में कहा गया है कि इससे एक समुदाय विशेष को निशाना बनाया जा सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 7, 2021, 8:59 AM IST
  • Share this:
प्रयागराज. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की योगी सरकार (Yogi Government) के धर्मांतरण अध्यादेश को चुनौती देने वाली याचिका पर गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) में अंतिम सुनवाई होगी. चीफ जस्टिस के अध्यक्षता वाली डिविजन बेंच आज इस मामले में फैसला सुना सकती है. धर्मांतरण अध्यादेश के खिलाफ तीन अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की गई है, जिसपर दोपहर 12 बजे सुनवाई हो सकती है.

याचिकाओं में अध्यादेश को संविधान के खिलाफ और गैर जरूरी बताया गया है. साथ ही अध्यादेश के दुरुपयोग की भी याचिका में आशंका जताई गई है. याचिका में कहा गया है कि इससे एक समुदाय विशेष को निशाना बनाया जा सकता है.

यूपी सरकार ने दाखिल किया है जवाब 



पिछली सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने यूपी सरकार से जवाब तालाब किया था. 5 जनवरी को सरकार ने अपना जवाब दाखिल कर दिया था. सरकार ने अपने जवाब में अध्यादेश को जरूरी बताया है. सरकार ने कहा है कि कानून व्यवस्था के मद्देनजर अध्यादेश लाया गया है. आज होने वाली सुनवाई में याचिकाकर्ताओं को भी अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट अंतिम फैसला सुनाएगी।
सुप्रीम कोर्ट में भी हुई सुनवाई 

इससे पहले बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में भी धर्मांतरण कानून को लेकर सुनवाई हुई. हालांकि कोर्ट ने कानून के खिलाफ स्टे तो नहीं दिया, लेकिन यूपी और उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है. उधर यूपी सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि अध्यादेश कानून व्यवस्था के मद्देनजर लाया गया है. सरकार कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखेगी।  सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिकाओं में इस कानून को गैर जरुरी बताते हुए  रद्द करने की मांग की गई है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज