17 OBC को SC का दर्जा देने पर हाईकोर्ट में अहम सुनवाई, सरकार को फैसले का इंतजार

वकील राकेश गुप्ता का कहना था कि योगी सरकार का यह निर्णय गलत व असंवैधानिक है. वकील ने कोर्ट को बताया कि इस संबंध में याचिका लंबित है. इसलिए इस याचिका पर सुनवाई होनी जरूरी है.

Sarvesh Dubey | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 5, 2019, 8:25 AM IST
17 OBC को SC का दर्जा देने पर हाईकोर्ट में अहम सुनवाई, सरकार को फैसले का इंतजार
इलाहाबाद हाईकोर्ट
Sarvesh Dubey | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 5, 2019, 8:25 AM IST
यूपी में ओबीसी की 17 जातियों को एससी का दर्जा दिए जाने के योगी सरकार के फैसले पर शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में अहम सुनवाई होगी. दरअसल, प्रदेश सरकार के इस निर्णय पर सुनवाई करने के लिए चीफ जस्टिस की बेंच के समक्ष उपस्थित होकर अधिवक्ता राकेश गुप्ता ने सुनवाई की मांग की थी.

वकील राकेश गुप्ता का कहना था कि योगी सरकार का यह निर्णय गलत व असंवैधानिक है. वकील ने कोर्ट को बताया कि इस संबंध में याचिका लंबित है. इसलिए इस याचिका पर सुनवाई होनी जरूरी है. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस पंकज भाटिया की खंडपीठ अब इस मामले पर आज सुनवाई करेगी.

'वेट एंड वाच' की नीति पर सरकार

उधर सरकार ने अपने इस फैसले पर फ़िलहाल 'वेट एंड वाच' की नीति पर चलने का फैसला किया है. सरकार ने तय किया है कि कोर्ट के फैसले को देखकर ही केंद्र सरकार को इन जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने का प्रस्ताव भेजने या न भेजने का निर्णय लिया जाए.

गौरतलब है कि योगी सरकार के इस फैसले को राज्य सभा में केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री थावर चंद्र गहलोत ने असंवैधानिक बताया था. और कहा था कि यह अधिकार राज्य सरकार के पास नहीं है. इसके लिए संसद से मंजूरी जरूरी है. सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार से भी योगी सरकार को कोर्ट के फैसले का इन्तजार करने और उसके बाद प्रस्ताव भेजने की बात कही गई है.

विशेषज्ञों की राय कोर्ट में ख़ारिज हो जाएगा फैसला

उधर विधि और संविधान विशेषज्ञों की राय है कि कोर्ट में सरकार का यह फैसला ख़ारिज हो जाएगा. ऐसा पहले की सरकारों ने भी किया था, लेकिन कोर्ट से इसकी अनुमति नहीं मिली थी. 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी 17 पिछड़ी जातियों को एससी का दर्जा दिया था, जिस पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी. विसेश्ग्यों का मानना है कि यह फैसला तभी लागू हो सकता है जब संसद के दोनों सदनों से पास होकर राष्ट्रपति से मंजूरी मिले.
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First published: July 5, 2019, 8:25 AM IST
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