Assembly Banner 2021

UP: भड़काऊ भाषण मामले में डॉ. कफील खान को नहीं मिली राहत, 27 अगस्त को होगी NSA पर सुनवाई

भड़काऊ भाषण मामले में डॉ. कफील खान को नहीं मिली राहत (file photo)

भड़काऊ भाषण मामले में डॉ. कफील खान को नहीं मिली राहत (file photo)

कोर्ट (Court) ने अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल से कहा है कि अगली सुनवाई की तिथि पर रासुका (NSA) की मूल पत्रावली कोर्ट में पेश की जाये.

  • Share this:
प्रयागराज. अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के विरोध प्रदर्शनों के दौरान कथित रूप से भड़काऊ बयान देने के आरोप में एनएसए (NSA) के तहत जेल में बंद डॉ. कफील खान (Dr Kafeel Khan) को इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) से कोई फौरी राहत नहीं मिली है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कफील खान की रासुका में निरुद्धि के खिलाफ दाखिल याचिका पर याची अधिवक्ता को सरकारी पूरक हलफनामे का जवाब दाखिल करने का समय दिया है. वहीं, सरकार द्वारा याची के प्रत्युत्तर हलफ़नामे मे दिये गये नये तथ्यों पर हलफनामा दाखिल करने के लिए समय मांगा गया है.

कोर्ट ने अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल से कहा है कि अगली सुनवाई की तिथि पर रासुका की मूल पत्रावली कोर्ट में पेश की जाये. मामले की अगली सुनवाई अब 27अगस्त को होगी. यह आदेश चीफ जस्टिस गोविन्द माथुर और जस्टिस एसडी सिंह की खंडपीठ ने डॉ कफील खान की मां नुजहत परवीन की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर दिया है.

तीसरी बार बढ़ाई गई अवधि: डॉ कफील की पत्नी



इसके साथ ही डॉ. कफील खान एऩएसए के तहत अब 13 फरवरी से कुल 9 महीने तक जेल में रहेंगे. उधर डॉ. कफील की पत्नी का कहना है कि ये अवधि तीसरी बार बढ़ाई गई है. स्वतंत्रता दिवस के मौके डॉ. शबिस्ता खान ने लोगों से उनके समर्थन में आवाज उठाने की गुहार लगाई है.
बता दें पहले 6 महीने के लिए निरुद्ध किए जाने का आदेश जारी हुआ था. गौरतलब है कि 11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से डॉक्टर कफील खान की मां की अर्ज़ी पर 15 दिन में फैसला लेने को कहा है. डॉ. कफील अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों के दौरान भड़काऊ बयान देने के आरोप में एनएसए के तहत जेल में बंद हैं.

सोशल मीडिया पर भी रिहाई के लिए मुहिम

NSA के तहत जेल में बंद डॉ. कफील खान की मां नुजहत परवीन ने रिहाई की मांग की थी. इस मामले में न्यायालय ने टिप्पणी की है कि लोगों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता को अदालतों ने हमेशा प्राथमिकता दी है. इससे पहले डॉ. कफील की पत्नी ने ट्विटर पर अपने पति की रिहाई को लेकर 4 अगस्त को एक मुहिम भी चलाई थी, जिसे लोगों का काफी समर्थन मिला था. डॉ. कफील की पत्नी 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर डॉ. कफील के समर्थन में गुहार लगा चुकी है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज