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जमात में शामिल इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के संकेत, दर्ज हुए मुकदमे
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News18 Uttar Pradesh
Updated: April 10, 2020, 11:06 PM IST
जमात में शामिल इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के संकेत, दर्ज हुए मुकदमे
इलाहाबाद सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी (फाइल तस्वीर)

प्रोफेसर मोहम्मद शाहिद 6 से 10 मार्च तक दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज के तब्लीगी जमात (Tablighi Jamat) में शामिल हुए थे. वहां से लौटने के बाद उन्होंने 17 मार्च को परीक्षा ड्यूटी की थी, जिसमें करीब 250 परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया था.

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प्रयागराज. इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी (Allahabad Central University) में राजनीति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर मोहम्मद शाहिद (Professor Mohammad Shahid) के खिलाफ दर्ज दो मुकदमे में बड़ी कार्रवाई हो सकती है. प्रोफेसर पर निजामुद्दीन मरकज (Nizamuddin Markaz) में शामिल होने की जानकारी छिपाने और जमातियों को प्रयागराज की मस्जिद में ठहराने के मामले में पुलिस कार्रवाई कर सकती है.

दो थानों में मुकदमे दर्ज
पुलिस ने प्रोफेसर के खिलाफ दो थानों में अलग-अलग मुकदमा दर्ज किया है. पहला मुकदमा जमात में शामिल होने की जानकारी छिपाने के आरोप में महामारी एक्ट के तहत शिवकुटी थाने में दर्ज कराया गया है तो वहीं दूसरा मुकदमा शाहंगज थाने में जमातियों को शेख अब्दुल्ला मस्जिद में ठहराने के आरोप में दर्ज कराया गया है. आईजी जोन केपी सिंह के मुताबिक प्रोफेसर के जमात में शामिल होने की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने प्रोफेसर को उनकी पत्नी समेत करेली के एक गेस्ट हाउस में क्वारंटाइन (Quarantine) कर दिया है और उनका ब्लड सैंपल भी जांच के लिए लैब भेज दिया है.

यूनिवर्सिटी प्रशासन भी हैरान



वहीं प्रोफेसर जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा की गई इस बड़ी गलती को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन भी सकते में आ गया है. यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रोफेसर एनके शुक्ला के मुताबिक वे लगातार जिला प्रशासन के सम्पर्क में हैं. उन्होंने कहा कि यदि प्रोफेसर की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो उनके सम्पर्क में आने वाले स्टूडेंट, कर्मचारियों, शिक्षकों और रिसर्च स्कॉलरों की भी पूरी डिटेल प्रशासन के साथ साझा की जाएगी. इसके साथ ही यूनिवर्सिटी कैम्पस और खास तौर पर राजनीति विज्ञान विभाग को भी नगर निगम और प्रशासन के सहयोग से सैनेटाइज कराया जाएगा. उन्होंने कहा है कि यूनिवर्सिटी के नियमों के मुताबिक ही प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की भी सिफारिश की जाएगी. गौरतलब है कि राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर मोहम्मद शाहिद के जमात में शामिल होने की जानकारी के सामने आने के बाद से विश्वविद्यालय के कई प्रोफेसर, प्रशासनिक अफसर और परीक्षार्थी खासे परेशान हैं.



मूलरूप से मऊ जिले के निवासी प्रोफेसर मोहम्मद शाहिद छह से दस मार्च तक दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज के तब्लीगी जमात (Tablighi Jamat) में शामिल हुए थे. वहां से लौटने के बाद उन्होंने 17 मार्च को परीक्षा ड्यूटी की थी, जिसमें करीब 250 परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया था. इस दौरान कर्मचारी और कई अन्य विभाग के प्रोफेसर और अतिथि प्रवक्ता भी उनके संपर्क में आए थे. इलाहाबाद विवि के रजिस्ट्रार प्रोफेसर एनके शुक्ला के मुताबिक इस पूरे मामले में मानव संसाधन मंत्रालय तक रिपोर्ट पहुंच गई है.

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First published: April 10, 2020, 8:08 PM IST
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