COVID-19: विदेश से आए जमात के सदस्यों की मदद करने के आरोपी प्रोफेसर को जमानत
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COVID-19: विदेश से आए जमात के सदस्यों की मदद करने के आरोपी प्रोफेसर को जमानत
इलाहाबाद सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने विदेशी जमातियों की मदद के आरोपी इलाहाबाद सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मोहम्मद शाहिद (Professor Mohammad Shahid) की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है.

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प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने विदेशी जमातियों की मदद के आरोपी इलाहाबाद सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मोहम्मद शाहिद (Professor Mohammad Shahid) की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है. यही नहीं, कोर्ट ने प्रोफेसर समेत नौ लोगों को जमानत दे दी है. एडीजे कोर्ट नम्बर दस ने सभी लोगों को जमानत दी है. जबकि उनके साथ इंडोनेशिया और थाईलैंड के 16 विदेशी जमाती भी जेल भेजे गए थे.

आपको बता दें कि मोहम्मद शाहिद इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में राजनीतिक विज्ञान के प्रोफेसर हैं. उनके खिलाफ महामारी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था. इसके अलावा कुछ अन्‍य विदेशी जमातियों की जमानत अर्जी पर कल सुनवाई होगी. जबकि दो दिन पहले करेली के हेरा मस्जिद के इमाम उजैफा को जमानत मिली थी.

21 अप्रैल को तीस लोगों के साथ प्रोफेसर शाहिद भेजे गए थे जेल
इलाहाबाद सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर ने पुलिस रिपोर्ट के आधार पर प्रोफेसर को सस्पेंड करने का आदेश दिया था. जिसके बाद रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला ने सस्पेंशन आर्डर जारी कर दिया है. गौरतलब है कि 21 अप्रैल को प्रोफेसर शाहिद गिरफ्तार करके नैनी सेन्ट्रल जेल भेजे गए थे. प्रोफेसर शाहिद पर आरोप है कि उन्होंने जमात में शामिल होने के बाद भी जानकारी छिपाई थी. वे जमात से लौटने के बाद यूनिवर्सिटी भी गए थे और उन्होंने छात्रों की परीक्षा भी कराई थी. हालांकि कोरोना की जांच में प्रोफेसर शाहिद की रिपोर्ट निगेटिव आई थी. लेकिन जमात से लौटने की जानकारी प्रशासन से छिपाने और इंडोनेशिया व थाईलैंड से आए विदेशी जमातियों को प्रयागराज की एक मस्जिद में ठहराने के आरोप में उनके खिलाफ शिवकुटी थाने में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया था.



दर्ज FIR के आधार पर ही पुलिस ने क्वारंटाइन (Quarantine) अवधि पूरी होने के बाद 20 अप्रैल को प्रोफेसर को गिरफ्तार कर लिया था. पुलिस ने प्रोफेसर को 21 अप्रैल को 16 विदेशी जमातियों और 13 अन्य लोगों के साथ खुल्दाबाद थाने में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया था. जहां पर मामले की गम्भीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेट ने केस की सुनवाई की और प्रोफेसर समेत सभी तीस लोगों जेल भेज दिया था. इलाहाबाद सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला की ओर से जारी सस्पेंशन आदेश के तहत 21 अप्रैल से ही प्रोफेसर का निलंबन प्रभावी होगा. प्रोफेसर पर विदेशी जमातियों को शरण दिलाने और महामारी एक्ट के तहत शिवकुटी थाने में मुकदमा दर्ज है. फिलहाल प्रोफेसर मोहम्मद शाहिद को गुरुवार शाम नैनी सेन्ट्रल जेल की महिला बैरग से प्रयागराज के गौहनिया में ग्रीन वैली स्कूल में बनाई गई अस्थायी जेल में 16 विदेशी जमातियों व अन्य लोगों के साथ शिफ्ट कर दिया गया है.



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First published: June 2, 2020, 8:04 PM IST
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