आरुषि मामलाः उच्च न्यायालय ने कहा फ्लैट में बाहरी व्यक्ति की संभावना से इंकार नहीं

भाषा
Updated: October 13, 2017, 10:34 PM IST
आरुषि मामलाः उच्च न्यायालय ने कहा फ्लैट में बाहरी व्यक्ति की संभावना से इंकार नहीं
सीबीआई अदालत ने कहा था कि घर तक किसी बाहरी व्यक्ति की पहुंच होने का ‘‘कोई सबूत नहीं’’ था
भाषा
Updated: October 13, 2017, 10:34 PM IST
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा है कि संभव है कि आरुषि हत्या मामले में घटना की रात नोएडा स्थित तलवार दंपती के घर में घरेलू नौकर हेमराज के अलावा बाहरी लोग वहां मौजूद रहे हों. गवाहों के बयानों और रिकार्ड के आधार पर न्यायमूर्ति बी के नारायण और न्यायमूर्ति ए के मिश्रा की पीठ ने कहा कि रिकार्ड पर उपलब्ध स्पष्ट और विश्वसनीय साक्ष्य ने अभियोजन पक्ष की बात को नकार दिया कि 14 वर्षीय आरुषि की हत्या उसके अभिभावकों नूपुर और राजेश तलवार ने की थी.

सीबीआई अदालत के 28 नवंबर 2013 के फैसले के खिलाफ दोनों की अपीलों को स्वीकार करते हुए पीठ ने कहा कि यह ऐसा था क्योंकि घर तक किसी बाहरी व्यक्ति की पहुंच होने का ‘‘कोई सबूत नहीं’’ था. उच्च न्यायालय ने कल दोनों को बरी करते हुए कहा था कि पेश किए गए साक्ष्यों में विरोधाभास है. अदालत का फैसला आज उसकी वेबसाइट पर अपलोड किया गया.

अदालत ने कहा कि नोएडा अपार्टमेंट में अपीलकर्ता के फ्लैट एल32 के लैंडलाइन फोन से हेमराज के मोबाइल फोन पर 16 मई को करीब छह बजे फोन आया था. पीठ ने कहा कि उस रात घर में हेमराज के अलावा अन्य लोगों की मौजूदगी या किसी बाहरी की पहुंच की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता. अदालत ने कहा कि जांच अधिकारियों ने अपनी अंतिम रिपोर्ट में हालांकि दावा किया था कि हेमराज का फोन पंजाब में चालू था लेकिन इस दावे के समर्थन में कोई सबूत नहीं पेश किया गया.
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First published: October 13, 2017
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