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ओवैसी के बहकावे पर दाखिल हुई रिव्यू पिटीशन, देश के हिंदू-मुस्लिम शांति चाहते हैं: महंत नरेंद्र गिरी

News18 Uttar Pradesh
Updated: December 3, 2019, 6:50 PM IST
ओवैसी के बहकावे पर दाखिल हुई रिव्यू पिटीशन, देश के हिंदू-मुस्लिम शांति चाहते हैं: महंत नरेंद्र गिरी
सांसद असदुद्दीन ओवैसी पर जमकर बरसे महंत नरेंद्र गिरी

साधु-संतों की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (Akhil Bhartiya Akhada Parishad) के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी (Mahant Narendra Giri) ने अयोध्या मामले पर दाखिल पुनर्विचार याचिका के पीछे सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) का हाथ बताया.

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प्रयागराज. अयोध्या विवाद (Ayodhya dispute) पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) के फैसले के खिलाफ दाखिल की गई पुर्नविचार याचिका (Review petition) पर साधु-संतों की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (Akhil Bhartiya Akhada Parishad) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी (Mahant Narendra Giri) ने इस याचिका को लेकर सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) पर जमकर बरसे और उन्हें पाकिस्तान (Pakistan) के वजीर-ए-आज़म इमरान खान (Imran Khan) के इशारों पर चलने वाला व्यक्ति बताया.

ओवैसी ने बहकाया!
news 18 से खास बातचीत में उनका कहना था कि यह पुर्नविचार याचिका (Review petition) आधारहीन है. लोगों को इसके जरिये गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है. महंत नरेंद्र गिरी ने कहा है कि यह पुर्नविचार याचिका एआईएमआईएम (AIMIM) के सांसद असदुद्दीन ओवैसी के बहकावे पर दाखिल की गई है. कुछ लोग देश का माहौल बिगाड़ना चाहते हैं और देश में अशांति चाहते हैं. सांसद ओवैसी पर भड़के महंत नरेंद्र गिरी ने कहा है कि वो कभी राष्ट्र हित की बात नहीं करते हैं. इतना ही नहीं उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के इशारे पर चलने वाला शख्स भी बताया.

उनका कहना था कि इस पुर्नविचार याचिका (Review petition) से राममंदिर (Ram temple) के निर्माण पर अब कोई फर्क नहीं पड़ेगा. इसलिए इस पुर्नविचार याचिका को वापस ले लेना चाहिए. उन्होंने कहा है कि देश की एकता और अखण्डता के लिए भी पुर्नविचार याचिका का वापस लिया जाना बेहद जरुरी है. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने कहा है कि पुर्नविचार याचिका दाखिल करने का अधिकार केवल पक्षकारों को ही है. सुप्रीम कोर्ट में चली मामले की लंबी सुनवाई के बाद अयोध्या विवाद (Ayodhya dispute) पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (Chief Justice of India) की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने एक मत से फैसला दिया था. इसलिए इस फैसले को सभी देशवासियों को मानना चाहिए. महंत नरेंद्र गिरी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वालों से मैं पूछना चाहता हूं कि क्या उन्हें भारतीय संविधान और न्यायपालिका में विश्वास नहीं है ?

देश के हिंदू और मुसलमान दोनों अमन पसंद
महंत नरेंद्र गिरी ने कहा है कि देश के हिंदू और मुसलमान दोनों अमन और शांति चाहते हैं, इसलिए उन्हें ओवैसी की बात को ज्यादा तवज्जो नहीं देनी चाहिए. गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश जमीयत उलमा-ए-हिन्द (Uttar Pradesh Jamiat Ulama-e-Hind) के अध्यक्ष अशद रशीदी की ओर से अयोध्या विवाद के फैसले के खिलाफ पहली पुर्नविचार याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई है. इसमें 14 बिंदुओं पर पुर्नविचार याचिका दाखिल करते हुए अंतरिम आदेश से शीर्ष अदालत के फैसले पर रोक लगाने की मांग की गई है.

वहीं हैदराबाद में वेटनरी डॉक्टर की गैंग रेप के बाद हत्या किए जाने को लेकर भी अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने गहरी नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि दिल्ली में हुए बहुचर्चित निर्भया कांड के बाद सख्त कानून बनाए गए थे. लेकिन जिस तरह से लगातार ऐसी वीभत्स घटनायें सामने आ रही हैं. उसको देखते हुए और ज्यादा सख्त कानून बनाए जाने की जरुरत है. महंत नरेन्द्र गिरी ने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सांस्कारिक शिक्षा भी देने की बात कही है.ये भी पढ़ें - अयोध्या मामले की रिव्यू पिटिशन: जमीयत ने वकील राजीव धवन को हटाया


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First published: December 3, 2019, 6:50 PM IST
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