राम जन्मभूमि आतंकी हमले पर 14 साल बाद फैसला, 4 को उम्रकैद, एक बरी

स्पेशल जज दिनेश चंद्र ने फैसला सुनाते हुए चारों आरोपियों पर 20-20 हजार का जुर्माना भी लगाया है. उधर फैसले को देखते हुए अयोध्या से लेकर प्रयागराज समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है.

News18Hindi
Updated: June 18, 2019, 4:52 PM IST
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उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि परिसर में वर्ष 2005 में हुए आतंकी हमले मामले में इलाहाबाद की स्पेशल ट्रायल कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. कोर्ट ने पांचवें आरोपी मोहम्मद अजीज को बरी कर दिया है. स्पेशल जज एससी-एसटी दिनेश चंद्र ने फैसला सुनाते हुए चारों आरोपियों पर 20-20 हजार का जुर्माना भी लगाया है. फैसले को देखते हुए अयोध्या से लेकर प्रयागराज समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.

आपको बता दें कि जज दिनेश चंद्र की कोर्ट में दोनों पक्षों की बहस 11 जून को पूरी होने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था. आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने इस हमले को अंजाम दिया था, जिसमें एक टूरिस्ट गाइड रमेश चंद्र पांडेय और शांति देवी समेत 7 लोगों की मौत हो गई थी. इनमें 5 आतंकी भी शामिल थे, जिन्हें पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए मार गिराया था. वहीं इस हमले में सीआरपीएफ और पीएसी के 7 जवान गंभीर रूप से जख्मी भी हुए थे.

14 साल पहले हुई थी गिरफ्तारी
मारे गए आतंकियों के पास से बरामद मोबाइल सिम की जांच के बाद पांच अभियुक्तों आसिफ इकबाल उर्फ फारुक, मो. शकील, मो. अजीज और मो. नसीम का नाम सामने आया था, जिन्हें 28 जुलाई 2005 को गिरफ्तार किया गया था. इनके एक अन्य साथी डा. इरफान को इससे 6 दिन पहले 22 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था. आरोप है कि इन सभी ने मिलकर हमले की साजिश रची थी और हथियार जुटाए थे.

नैनी जेल में पूरी हुई सुनवाई
गौरतलब है कि अयोध्या के राम जन्मभूमि परिसर में 5 जुलाई 2005 को हुए आतंकी हमले के मामले में नैनी जेल स्थित विशेष कोर्ट में ये सुनवाई पूरी हुई थी. वर्ष 2006 में फैजाबाद से इलाहाबाद की जिला अदालत में ट्रांसफर हुए इस मामले की सुनवाई सुरक्षा कारणों से नैनी सेंट्रल जेल में ही चल रही थी.

आपको बता दें कि 5 जुलाई 2005 में अयोध्या में हुए आतंकी हमले में 2 बेगुनाहों की मौत हो गई थी. घटना के डेढ़ घंटे बाद की जवाबी कार्रवाई में 5 आतंकी भी मारे गये थे, जबकि कई जवान भी घायल हुए थे. घटना के बाद गिरफ्तार आरोपियों को सुरक्षा कारणों से वर्ष 2006 में इलाहाबाद की नैनी सेन्ट्रल जेल शिफ्ट कर दिया गया था. इस मामले का ट्रायल भी नैनी सेन्ट्रल जेल स्थित स्पेशल कोर्ट में ही चलाया गया.
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