Babri Demolition Case Judgement: अखाड़ा परिषद अध्यक्ष बोले- राम के काज में कभी अपराध नहीं होता

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी. (फाइल फोटो)
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी. (फाइल फोटो)

Babri Masjid Demolition Case Judgement: बाबरी विध्वंस केस पर आए फैसले (CBI Court Verdict) पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि जो लोग न्यायालय में विश्वास नहीं करते हैं, वे राष्ट्रद्रोही हैं. सीबीआई कोर्ट ने बेहद सुखद फैसला सुनाया है.

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प्रयागराज. अयोध्या के बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले (Babri Demolition Case) में सीबीआई स्पेशल कोर्ट के फैसले (Verdict) का साधु-संतों की सबसे बड़ी संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (Akhil Bhartiya Akhada Parishad) ने स्वागत किया है. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि इस फैसले से सभी सनातनियों और साधु-संतों में खुशी की लहर है. महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि राम के काज में कभी कोई अपराध नहीं होता है.

उन्होंने कहा कि यह घटना कोई पहले से सुनियोजित नहीं थी, ऐसा सीबीआई कोर्ट ने भी स्वीकार किया है. कोर्ट ने सभी आरोपियों को इस आधार पर बरी भी कर दिया है, क्योंकि किसी ने सुनियोजित तरीके से कोई अपराध नहीं किया था. महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा है कि वास्तव में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम ने ही लोगों से यह काम कराया था. उन्होंने कहा है कि न्याय में हमेशा सत्य की ही जीत होती है.





जो न्यायालय में विश्वास नहीं करते, वे राष्ट्रद्रोही
महंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि जो लोग न्यायालय में विश्वास नहीं करते हैं, वे लोग राष्ट्रद्रोही हैं. सीबीआई कोर्ट लखनऊ ने बेहद सुखद फैसला सुनाया है. सीबीआई स्पेशल कोर्ट लखनऊ ने सभी आरोपियों को आरोपों से बरी कर दिया है. महंत नरेन्द्र गिरी ने कोर्ट से बरी किए गए सभी लोगों को बधाई दी है. उन्होंने लोगों से अपील की है कि कोरोना कॉल में घर में बैठकर ही खुशी मनायें और भगवान श्री राम के नाम का पाठ करें.

संविधान की रक्षा केवल न्यायपालिका ही कर सकती है: आनन्द गिरी
वहीं योगगुरु एवं संयोजक गंगा सेना स्वामी आनन्द गिरी ने भी सीबीआई कोर्ट के फैसले को सही बताया है. उन्होंने कहा है कि संविधान की रक्षा केवल न्यायपालिका ही कर सकती है. उन्होंने कहा है कि सीबीआई कोर्ट का ये ऐतिहासिक फैसला काफी महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा है कि ये फैसला बताता है कि हिन्दू समाज कभी संविधान से हटकर कोई काम नहीं करता है. उन्होंने कहा है कि विवादित ढ़ाचे के गिर जाने से किसी भी समाज का कोई नुकसान नहीं हुआ तो आपराधिक कृत्य भी कैसे हो सकता है. स्वामी आनन्द गिरी ने कहा है कि संविधान के दायरे में हुए इस फैसले का सभी देश वासी और साधु संत स्वागत कर रहे हैं.
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