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बड़ी खबर: HC ने कोरोना काल में इंस्पेक्टर, SI, कांस्टेबलों के ट्रांसफर के क्रियान्वयन आदेश किए निरस्त

(सांकेतिक तस्वीर)
(सांकेतिक तस्वीर)

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने पुलिसकर्मियों को राहत देते हुए तबादला आदेशों को असंवैधानिक मानते हुए निरस्त कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि आगे इन पुलिसकर्मियों का तबादला उनकी सेवाओं की जरूरतों को देखते हुए कानून के तहत नियमानुसार किया जा सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 5, 2021, 9:25 PM IST
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प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) से बड़ी खबर है. हाईकोर्ट ने कोरोना काल (COVID-19 Period) में पुलिस विभाग (Police Department) में हुए तबादलों (Transfer) के क्रियान्वयन आदेश को रद्द कर दिया है. बता दें यूपी के कई जिलों में इंस्पेक्टरों, सब इंस्पेक्टरों, हेड कांस्टेबलों और कांस्टेबलों के एक जिले से दूसरे जिले में तबादले हुए थे. पुलिसकर्मियों ने अलग-अलग याचिकाएं दाखिल कर तबादला आदेश और कार्यमुक्त किए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.

आगे हो सकता है ट्रांसफर बशर्ते...

हाईकोर्ट ने पुलिसकर्मियों को राहत देते हुए तबादला आदेशों को असंवैधानिक मानते हुए निरस्त कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि आगे इन पुलिसकर्मियों का तबादला उनकी सेवाओं की जरूरतों को देखते हुए कानून के तहत नियमानुसार किया जा सकता है. हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता विजय गौतम ने अदालत में पुलिसकर्मियों का पक्ष रखा.



इन्होंने दाखिल की थी याचिका
याचिकाकर्ता प्रवीण कुमार सोलंकी, बालेंद्र कुमार सिंह, अखिलेश कुमार समेत अन्य की ओर से दाखिल दर्जनों याचिकाओं पर कोर्ट ने ये आदेश दिया है. जस्टिस अजीत कुमार, जस्टिस नीरज तिवारी, जस्टिस शेखर यादव और जस्टिस अजय भनोट ने अलग-अलग दाखिल याचिकाओं पर ये आदेश दिया है.



नोएडा के पत्रकार को मिली फौरी राहत

उधर एक अन्य मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा के पत्रकार नितीश पांडेय को फौरी राहत दी है. कोर्ट ने नीतीश पांडेय की याचिका पर अंतरिम स्टे का आदेश दिया है. नितीश पांडेय ने अपने ऊपर लगे गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे को याचिका में चुनौती दी है. नोएडा में एसएसपी रहे आईपीएस वैभव कृष्ण ने कई पत्रकारों पर गैंगस्टर लगाकर अरेस्ट कराया था. आरोप है कि पत्रकारों को पहले उत्पीड़ित किया गया और फिर जेल भेज दिया गया. कोर्ट ने आईपीएस वैभव कृष्ण समेत कई पुलिस अफसरों को नोटिस जारी किया है. बिना गैंग चार्ट किसी पत्रकार पर गैंगस्टर लगाने के मामले में कोर्ट ने जवाब मांगा है. याचिका में गौतम बुद्ध नगर के कासना थाने में दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग की गई है. मामले में अगली सुनवाई 25 जनवरी को होगी. जस्टिस अनिल कुमार नवम् की एकल पीठ ने ये आदेश दिया है.
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