बुलंदशहर में साधुओं की हत्या मामला: अखाड़ा परिषद ने उठाई SIT जांच की मांग

महंत नरेंद्र गिरी (फाइल फोटो)

महंत नरेंद्र गिरी (फाइल फोटो)

महंत नरेंद्र गिरी ने कहा दोनों साधुओं की हत्या में पकड़े गए नशेड़ी व्यक्ति द्वारा चिमटा चोरी की बात अविश्वसनीय लग रही है. इसलिए इस पूरे प्रकरण की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम से जांच कराए जाने की जरूरत है ताकि सच्चाई सामने आ सके.

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प्रयागराज. बुलंदशहर (Bulandshahr) के पगोना गांव में सोमवार की रात दो साधुओं की जघन्य हत्या (Priests Murder Case) का साधु-संतों की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (Akhil Bhartiya Akhara Parishad) ने कड़ी निंदा की है. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी (Mahant Narendra Giri) ने सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) से इस हत्याकांड की जांच स्पेशल इन्वेस्टिंग टीम से जांच कराये जाने की मांग की है. उन्होंने हाल के दिनों में साधु-संतों की हत्या की बढ़ती घटनाओं पर दुख व्यक्त करते हुए मठ मंदिरों की सुरक्षा बढ़ाए जाने की भी मांग की है. महंत नरेंद्र गिरी ने देश के प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और सभी प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों से भी मांग की है कि साधु-संतों की हो रही हत्याओं को गंभीरता से लेते हुए सभी थाना क्षेत्रों में पड़ने वाले मठ मंदिरों की सुरक्षा की उचित व्यवस्था करें.



अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने कहा है बुलंदशहर की घटना को सीएम योगी आदित्यनाथ ने बेहद गंभीरता से लिया है और डीएम व एसएसपी को कार्रवाई के भी आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा दोनों साधुओं की हत्या में पकड़े गए नशेड़ी व्यक्ति द्वारा चिमटा चोरी की बात अविश्वसनीय लग रही है. इसलिए इस पूरे प्रकरण की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम से जांच कराए जाने की जरूरत है ताकि सच्चाई सामने आ सके.



बड़ी साजिश की आशंका





महंत नरेंद्र गिरी ने आशंका व्यक्त की है कि दोनों साधुओं की हत्या में कोई बड़ी साजिश भी हो सकती है. इसके साथ ही महंत नरेंद्र गिरी ने बुलंदशहर में साधुओं की हत्या को महाराष्ट्र के पालघर में जूना अखाड़ा के दो साधुओं की पीट-पीटकर की गई हत्या से न जोड़ने की अपील की है. उन्होंने कहा है महाराष्ट्र की घटना बिल्कुल अलग थी. वहां पर पुलिस की मौजूदगी में दो साधुओं को बच्चा चोर कह कर तीन सौ लोगों की भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था, जबकि बुलंदशहर की घटना रात को सोते समय हुई. इस मामले में पुलिस को कोई जानकारी नहीं थी. लेकिन फिर भी प्रदेश सरकार को इस मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाकर जांच करानी चाहिए और मामले का जल्द खुलासा भी करना चाहिए.
गौरतलब है कि बुलन्दशहर के पगोना गांव स्थित शिव मंदिर पर पिछले करीब 10 वर्षों से 55 वर्षीय साधु जगनदास और 35 वर्षीय साधु सेवादास रहते थे. दोनों साधु मंदिर में रहकर पूजा-अर्चना में लीन रहते थे. लेकिन सोमवार की देर रात मंदिर परिसर में ही दोनों साधुओं की गला काटकर हत्या कर दी गई. मंगलवार सुबह जब ग्रामीण मंदिर में पहुंचे तो उन्हें साधुओं के खून से लथपथ शव पड़े मिले. इस मामले को गम्भीरता से लेते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी बुलन्दशहर के डीएम और एसएसपी को सख्त कार्रवाई के आदेश दिए थे. जिसके बाद पुलिस ने एक नशेड़ी व्यक्ति को गिरफ्तार कर साधुओं की हत्या का खुलासा भी कर दिया.



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