पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली छात्रा को हाईकोर्ट से झटका
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पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली छात्रा को हाईकोर्ट से झटका
लाउडस्पीकर से अजान पर रोक के खिलाफ HC में सुनवाई (file photo)

पीड़ि‍ता ने SIT जांच के तौर-तरीकों आपत्ति जताई थी. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चिन्मयानंद (Chinmayanand) पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली छात्रा की आपत्तियों को खारिज कर दिया.

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प्रयागराज. पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद (Chinmayanand) पर यौन शोषण (Sexual Harassment) का आरोप लगाने वाली एलएलएम की छात्रा को इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) से झटका लगा है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीड़ित छात्रा की सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने एसआईटी के जांच के तरीके को भी सही माना है. हाईकोर्ट ने चिन्मयानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली पीड़ित छात्रा के खिलाफ लगे ब्लैकमेलिंग के आरोपों की एसआईटी जांच के तरीके को सही माना है.

हाईकोर्ट ने पीड़िता छात्रा द्वारा जांच प्रक्रिया पर उठाये गये सवालों को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने पीड़िता के लोधी रोड थाना (नई दिल्ली) में की गयी शिकायत की अलग से जांच करने की मांग पर यह कहते हुए हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है कि एसआईटी ने पीड़िता के बयान व शिकायत सहित सभी पहलुओं पर विचार करते हुए अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर दी है. अब इसपर नियमानुसार कार्रवाई होगी.

अलग-जांच की मांग
कोर्ट ने पीड़िता की तरफ से बाथरूम में नहाते हुए स्वामी चिन्मयानंद द्वारा ली गई उसकी तस्वीर की अलग से जांच कराने की मांग को भी निराधार बताया है. साथ ही एसआईटी द्वारा पीड़िता के परिवार के उत्पीड़न के आरोपों पर भी राहत देने से इनकार कर दिया है. यह आदेश जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस दीपक वर्मा की खंडपीठ ने दिया है. हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर लापता छात्रा केस की मॉनिटरिंग के लिए गठित जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है.
ये है मामला


गौरतलब है कि स्वामी चिन्मयानंद को यौन शोषण के एक मामले में 3 फरवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत दे दी थी. इसके खिलाफ पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. केंद्रीय गृह राज्यमंत्री रहे चिन्मयानंद पर एसएस लॉ कॉलेज की छात्रा ने दुष्कर्म का आरोप लगाया है. मामले में चिन्मयानंद उत्तर प्रदेश की शाहजहांपुर जिला जेल में बंद थे. इससे पहले चिन्मयानंद प्रकरण से जुड़े मामले की सुनवाई 23 जनवरी को हुई थी. जस्टिस मनोज मिश्र और जस्टिस दीपक वर्मा की पीठ ने मामले को सुना था.

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