कलराज मिश्र के बयान से उजागर हुई BJP की दलित विरोधी मानसिकता: कांग्रेस

प्रियंका चतुर्वेदी का दावा है कि उपेंद्र कुशवाहा को इस बात का एहसास है कि दलित विरोधी मानसिकता वाली बीजेपी के साथ रहने का खामियाज़ा उनकी पार्टी को लोकसभा चुनाव में भुगतना पड़ सकता है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: September 5, 2018, 11:11 PM IST
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Updated: September 5, 2018, 11:11 PM IST
एससी-एसटी एक्ट पर भारतीय जनता पार्टी के सीनियर लीडर और पूर्व केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र द्वारा दिया गया बयान अब बीजेपी के लिए मुसीबत का सबब बनता जा रहा है. इस मामले में कांग्रेस पार्टी ने बीजेपी पर सियासी निशाना साधते हुए उस पर दोहरे व रहस्यवादी चरित्र का आरोप लगाया है. कांग्रेस ने कहा है कि कलराज मिश्र को सामने लाकर बीजेपी ने इस मामले में अपना असली चेहरा उजागर कर दिया है.

कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने कलराज मिश्र के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उनके बयान से साफ़ है कि बीजेपी का दलित प्रेम सिर्फ दिखावा है. बीजेपी के राज में दलितों का काफी उत्पीड़न हो रहा है. ‘बीजेपी सबका साथ सबका विकास’ का नारा तो देती है, लेकिन हकीकत में उसकी सरकारें सिर्फ कुछ लोगों का ही विकास करती हैं.

प्रियंका ने कहा कि अगर दलितों की हालत सही होती और उनका उत्पीड़न न होता तो सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ एससी एसटी एक्ट लाने की जरूरत ही नहीं पड़ती.
प्रियंका चतुर्वेदी ने दावा किया कि कांग्रेस हमेशा दलितों के समर्थन में खड़ी रहेगी और उनकी सुरक्षा व अधिकार की लड़ाई लड़ती रहेगी.


इलाहाबाद में मीडिया से बात करते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि कलराज मिश्र के बयान से बीजेपी की दलित विरोधी मानसिकता उजागर हो गई है. इसके अलावा एससी एसटी एक्ट भी कांग्रेस पार्टी के दबाव की वजह से लाया गया है.

कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्रीय मंत्री और आरएलएसपी के नेता उपेंद्र कुशवाहा द्वारा एनडीए में बने रहने के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पिक्चर अभी बाकी है. कुशवाहा ने एनडीए में बने रहने की बात तो कही है, लेकिन ज़्यादा सीटें मांगकर यह साफ़ कर दिया है कि बिहार में नीतीश कुमार को शामिल किए जाने से वह कतई खुश नहीं हैं.


प्रियंका चतुर्वेदी का दावा है कि उपेंद्र कुशवाहा को इस बात का एहसास है कि दलित विरोधी मानसिकता वाली बीजेपी के साथ रहने का खामियाज़ा उनकी पार्टी को लोकसभा चुनाव में भुगतना पड़ सकता है. उनके मुताबिक़, लोकसभा चुनाव से पहले एनडीए में विरोध और बढ़ेगा और कई पार्टियां उससे अलग होंगी.(रिपोर्ट- सर्वेश दुबे)
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