प्रयागराज के SSP रहे सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज के पिता की मौत, अंतिम संस्कार में नहीं होंगे शामिल
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प्रयागराज के SSP रहे सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज के पिता की मौत, अंतिम संस्कार में नहीं होंगे शामिल
प्रयागराज के SSP रहे सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज के पिता की मौत (file photo)

बता दें कि 88 वर्षीय शिवयज्ञ मिश्रा मूल रूप से बिहार (Bihar) के रोहतास के रहने वाले थे. वह हृदय संबंधी बीमारी से ग्रसित थे और करीब एक महीने से उनकी तबियत ज्यादा बिगड़ गई थी.

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प्रयागराज. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (Prayagraj) जिले के एसएसपी (SSP) रहे आईपीएस सत्यार्थ अनिरुद्ध के पिता शिवयज्ञ मिश्रा का गुरुवार शाम निधन हो गया. बीमारी के चलते उन्हें जार्जटाउन स्थित सरस्वती हर्ट केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां इलाज के दौरान उनकी सांसें थम गईं. वहीं, 16 जून को सत्यार्थ अनिरुद्ध में कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे, जिसके कारण आज अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाएंगे. अंतिम संस्कार शुक्रवार सुबह रसूलाबाद घाट पर किया जाएगा.

बता दें कि 88 वर्षीय शिवयज्ञ मिश्रा मूल रूप से बिहार के रोहतास के रहने वाले थे. वह हृदय संबंधी बीमारी से ग्रसित थे और करीब एक महीने से उनकी तबियत ज्यादा बिगड़ गई थी. बताया यह भी जा रहा है कि संक्रमित के संपर्क में आने के बाद एसएसपी के साथ ही उनके पिता का भी सैंपल कोराना जांच के लिए भेजा गया था लेकिन उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी. उनके छह बेटे व एक बेटी है.

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दरअसल 12 जून को प्रयागराज एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध में कोरोना लक्षण दिखे, जिसके बाद ट्रूनेट मशीन से उनकी जांच कराई गई. रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती होने के कहा गया, लेकिन उन्होंने भर्ती होने से मना कर दिया. इसके बाद फिर उनका सैम्पल लेकर जांच के लिए मोतीलाल नेहरू (एमएलएन) मेडिकल कॉलेज प्रयागराज भेजा गया. जिसमें वह पॉजिटिव निकले, इस पर डॉक्टर ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने को कहा पर वह नहीं माने और ड्यूटी करते रहे. वरिष्ठ अधिकारियों ने जब उन पर दबाव डाला तो उसी तारीख की शाम में फिर से उनका सैम्पल लिया गया.
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पहले सैम्पल की रिपोर्ट 15 जून को आई जिसमें वह पॉजिटिव निकले. वहीं दूसरे सैम्पल की रिपोर्ट 16 जून को आई, जो पॉजिटिव थी. इसके बाद वह अस्पताल में भर्ती हुए. आईपीएस सत्यार्थ की गलती और लापरवाही की वजह से पुलिस फोर्स में कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है. इस बात की जानकारी जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हुई तो उन्होंने सख्त रुख अख्तियार करते हुए आईपीएस सत्यार्थ का 15 जून को तबादला करते हुए उन्हें प्रतीक्षा सूची में डाल दिया.
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