प्रयागराज: IPS सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने की सिंगर कनिका कपूर जैसी गलती
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प्रयागराज: IPS सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने की सिंगर कनिका कपूर जैसी गलती
IPS सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने की सिंगर कनिका कपूर जैसी गलती (file photo)

सूत्रों के मुताबिक प्रयागराज के पूर्व एसएसपी रहे अनिरुद्ध सत्यार्थ का जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) का सहपाठी रहा विश्व दीपक त्रिपाठी उनसे मिलने 8 जून को प्रयागराज आया था.

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प्रयागराज. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (Prayagraj) जिले के एसएसपी (SSP) रहे आईपीएस सत्यार्थ अनिरुद्ध ने वही गलती कर दी, जो सिंगर कनिका कपूर ने की थी. आईपीएस सत्यार्थ ने पहले कोरोना पॉजिटिव अपने दोस्त को घर में रखा और उसके संक्रमण की बात छुपाई, फिर खुद भी संक्रमित होते हुए ड्यूटी करते रहे और अपने ड्राइवर एवं गनर को भी संक्रमित कर दिया. आईपीएस सत्यार्थ ने अपने 90 वर्षीय बुजुर्ग पिता की सेहत का भी ख्याल नहीं रखा, उनकी गलती की वजह से उनके पिता भी संक्रमण के शिकार हो गए. जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा कोरोना के मामले में की गई इतनी बड़ी गलती और लापरवाही पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने सख्त रुख अपनाया. उन्होंने सत्यार्थ का तबादला करते हुए उन्हें प्रतीक्षा सूची में डाल दिया.

सूत्रों के मुताबिक प्रयागराज के पूर्व एसएसपी रहे अनिरुद्ध सत्यार्थ का जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) का सहपाठी रहा विश्व दीपक त्रिपाठी उनसे मिलने 8 जून को प्रयागराज आया था. 10 जून को कोरोना के लक्षण दिखने पर उसकी जांच कराई गई, 12 जून को आई रिपोर्ट में वह पॉजिटिव निकला. इस पर डॉक्टर ने आईपीएस सत्यार्थ को सलाह देते हुए विश्व दीपक त्रिपाठी को अस्पताल में भर्ती कराने को कहा, जिस पर सत्यार्थ ने अपने मित्र को अस्पताल में भर्ती कराने से मना करते हुए अपने घर में रखा और डॉक्टर को अपने पद की धमकी देते हुए किसी से भी इस बारे में जिक्र न करने को कहा.

12 जून को प्रयागराज एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध में कोरोना लक्षण दिखे, जिसके बाद ट्रूनेट मशीन से उनकी जांच कराई गई. रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती होने के कहा गया, लेकिन उन्होंने भर्ती होने से मना कर दिया. इसके बाद फिर उनका सैम्पल लेकर जांच के लिए मोतीलाल नेहरू (एमएलएन) मेडिकल कॉलेज प्रयागराज भेजा गया. जिसमें वह पॉजिटिव निकले, इस पर डॉक्टर ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने को कहा पर वह नहीं माने और ड्यूटी करते रहे. वरिष्ठ अधिकारियों ने जब उन पर दबाव डाला तो उसी तारीख की शाम में फिर से उनका सैम्पल लिया गया.



पहले सैम्पल की रिपोर्ट 15 जून को आई जिसमें वह पॉजिटिव निकले. वहीं दूसरे सैम्पल की रिपोर्ट 16 जून को आई, जो पॉजिटिव थी. इसके बाद वह अस्पताल में भर्ती हुए. आईपीएस सत्यार्थ की गलती और लापरवाही की वजह से पुलिस फोर्स में कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है. इस बात की जानकारी जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हुई तो उन्होंने सख्त रुख अख्तियार करते हुए आईपीएस सत्यार्थ का 15 जून को तबादला करते हुए उन्हें प्रतीक्षा सूची में डाल दिया.
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