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COVID-19: लॉकडाउन की घोषणा के चलते इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दी बड़ी राहत
Allahabad News in Hindi

Sarvesh Dubey | News18Hindi
Updated: March 26, 2020, 5:57 PM IST
COVID-19: लॉकडाउन की घोषणा के चलते इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दी बड़ी राहत
लॉकडाउन की घोषणा के चलते इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वादकारियों को दी बड़ी राहत (फाइल फोटो)

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad Highcourt) ने कहा है कि हाईकोर्ट या जिला अदालतों द्वारा यदि कोई ध्वस्तीकरण या बेदखली का आदेश जारी किया गया है तो वह अगले एक माह तक निष्प्रभावी रहेगा.

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  • Last Updated: March 26, 2020, 5:57 PM IST
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प्रयागराज. देश में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (Coronavirus) की दहशत को लेकर पीएम मोदी के लॉकडाउन की घोषणा के चलते इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad Highcourt) ने प्रदेश के वादकारियों को राहत देने का बड़ा कदम उठाया है. चीफ जस्टिस गोविंद माथुर और जस्टिस समित गोपाल की डिवीजन बेंच ने जनहित याचिका कायम कर 19 मार्च से अगले एक माह के दौरान समाप्त होने वाले सभी अंतरिम आदेशों की अवधि 26 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दी है. अदालत का यह आदेश हाईकोर्ट व लखनऊ बेंच समेत सभी निचली अदालतों द्वारा पारित अन्तरिम आदेशों पर लागू रहेगा.

इलाहाबाद हाईकोर्ट के सामान्य समादेश के अनुसार सरकार व निकायों को बेदखली व ध्वस्तीकरण कार्रवाई धीमी करने का भी निर्देश दिया गया है. कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि, जिन आपराधिक मामलों में अग्रिम जमानत या नियमित जमानत दी गई है और एक माह के भीतर उसकी अवधि पूरी हो रही है, तो वह अगले एक माह तक जारी रहेगी. अदालत ने कहा है कि हाईकोर्ट या जिला अदालतों द्वारा यदि कोई ध्वस्तीकरण या बेदखली का आदेश जारी किया गया है तो वह अगले एक माह तक निष्प्रभावी रहेगा.

यहां भी भेजी जाएगी कोर्ट के आदेश की प्रति
कोर्ट ने कोरोना वायरस के चलते गृह मंत्रालय द्वारा 24 मार्च 2020 को जारी एडवाइजरी को देखते हुए कहा है कि, राज्य सरकार, नगर निकाय या अन्य कोई ऐसी एजेंसी नागरिकों के खिलाफ ध्वस्तीकरण व बेदखली कार्रवाई करने में धीमा रुख अपनाएगी, क्योंकि कोर्ट बंद हैं. कोर्ट ने आदेश की प्रति प्रदेश के महाधिवक्ता, अपर सॉलीसिटर जनरल ऑफ इंडिया, सहायक सॉलीसिटर जनरल ऑफ इंडिया, राज्य लोक अभियोजक एवं बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के चेयरमैन को भेजे जाने का भी आदेश दिया है.



अदालती कामकाज बंद करने का फैसला
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने इस जनहित याचिका पर जारी आदेश में कहा है कि 18 मार्च 2020 को 19,20 और 21 मार्च को अवकाश घोषित करने का फैसला लिया गया था, जो इलाहाबाद और लखनऊ बेंच दोनों में लागू किया गया. इसके बाद यह अवधि 25 मार्च तक बढ़ा दी गई थी और पुनः 23 मार्च को अवकाश की अवधि 28 मार्च तक के लिए बढ़ा दी गई. इसी बीच 24 मार्च 2020 को देश के प्रधानमंत्री के उद्बोधन के बाद देश व्यापी लॉकडाउन की घोषणा को देखते हुए हाईकोर्ट ने अनिश्चितकाल के लिए अदालती कामकाज बंद करने का फैसला लिया है.

वादकारियों के हित में समादेश जारी
हाईकोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 226 एवं 227 के अंतर्गत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए वादकारियों के हित में उनकी आवश्यकताओं को देखते हुए यह सामान्य समादेश जारी किए हैं. हाईकोर्ट का आदेश हाईकोर्ट के अलावा सभी जिला अदालतों, हाईकोर्ट के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आने वाले सभी अधिकरणों व न्यायिक संस्थाओं पर भी लागू होगा.

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First published: March 26, 2020, 5:40 PM IST
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