COVID-19: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2 वार्ड पर 1 क्लीनिक स्थापित करने का दिया निर्देश, जानें क्या है वजह  
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COVID-19: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2 वार्ड पर 1 क्लीनिक स्थापित करने का दिया निर्देश, जानें क्या है वजह  
कोर्ट ने कहा है कि यदि सभासद सहयोग नहीं करते तो इसकी रिपोर्ट की जाये. (file photo)

अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने (Advocate General Manish Goyal) कोर्ट को जानकारी दी कि कोरोना की अधिक संख्या में जांच के लिए 15 सितंबर तक भवन तैयार हो जायेगा.

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प्रयागराज. उत्तर प्रदेश में कोविड-19 (COVID-19) के बढ़ रहे संक्रमण को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने नगर आयुक्त प्रयागराज (Municipal Commissioner Prayagraj) को हर दो वार्ड के लिए एक क्लीनिक स्थापित करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि राज्य सरकार क्लीनिक खुलने पर डॉक्टर व स्टाफ तैनात करे. अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल (Advocate General Manish Goyal) ने कोर्ट को इस बात का आश्वासन भी दिया है. इसके साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नगर आयुक्त प्रयागराज को सड़क व सड़क पटरी पर मौजूद निर्माण ध्वस्तीकरण के सभी कानून अगली सुनवाई की तारीख में पेश करने का भी आदेश दिया है. कोर्ट ने पूछा है कि सड़क किनारे धार्मिक सहित अन्य निर्माण कैसे बने हुए हैं. एडवोकेट कमिश्नर चंदन शर्मा (Advocate Commissioner Chandan Sharma) और शुभम द्विवेदी ने शहर से अतिक्रमण हटाने से संबंधित रिपोर्ट पेश की, जिस पर कोर्ट अगली तिथि पर विचार करेगी.

कोर्ट ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर विमल कान्त को शहर में फॉगिंग, सेनेटाइजेशन, सड़कों की मरम्मत व नालों की सफाई की निगरानी करने का आदेश दिया है. यह आदेश जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अजित कुमार की खंडपीठ ने क्वारेन्टाइन सेंटरों की बदहाली और कोविड अस्पतालों में इलाज की बेहतर सुविधाओं को लेकर कायम जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है. इसी से जुड़ी लखनऊ के पत्रकार राधेश्याम दीक्षित की अर्जी पर अधिवक्ता वीसी श्रीवास्तव ने जिलाधिकारी लखनऊ की रिपोर्ट का जवाब दाखिल किया. उन्होंने कोविड-19 के प्रकोप के फैलाव को रोकने के लिए कुछ सुझाव भी दिये. कोर्ट ने उनके द्वारा दिए गए सुझावों की सराहना की और कहा कि वह भीड़भाड़ एवं नगर निगम द्वारा उठाये जाने वाले कूड़े के अंबार का फोटोग्राफ लेकर कोर्ट में पेश करें. कोर्ट ने फॉगिंगकिन जिन क्षेत्रों में नहीं‌ हुई है इसकी भी जानकारी मांगी है.

कोर्ट ने अस्पताल में वाई फाई सुविधा देने का निर्देश दिया है
वहीं, अधिवक्ता एस के गर्ग ने वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के जरिये पान गुटका खाकर थूकने का मुद्दा उठाया और कहा कि इससे कोरोना फैल रहा है. कोर्ट ने राज्य सरकार को पेन्डेमिक रूल्स व गाइडलाइन को पूरी तरह से लागू करने का निर्देश दिया है और कहा है कि पान गुटका थूकने पर कार्रवाई की जाये. कोर्ट ने एसआरएन अस्पताल से वीडियो कान्फ्रेन्सिंग से व्यवस्था जानने की कोशिश की. लेकिन लिंक नहीं मिल सका, जिस पर कोर्ट ने अस्पताल में वाई फाई सुविधा देने का निर्देश दिया है.
अधिक संख्या में जांच के लिए 15 सितंबर तक भवन तैयार हो जायेगा


अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने कोर्ट को जानकारी दी कि कोरोना की अधिक संख्या में जांच के लिए 15 सितंबर तक भवन तैयार हो जायेगा. इस पर एएसजी आई शशि प्रकाश सिंह ने कहा कि 18 सितंबर तक केन्द्र सरकार से आयी जांच मशीन लगा दी जायेगी. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने 24 एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करने की सूची दाखिल की. कोर्ट ने सभी एडवोकेट कमिश्नरों को कहा है कि सभासद के साथ वार्ड में सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन एवं मास्क पहनने के नियम का पालन का जायजा लें. जो पालन नहीं कर रहे उनकी रिपोर्ट जोनल अधिकारी को दें. वह नगर आयुक्त को रिपोर्ट अग्रसारित करेंगे और नगर आयुक्त रिपोर्ट एसएसपी को देंगे, जो दोषियो पर कार्रवाई करेंगे.

सभासद सहयोग नहीं करते तो इसकी रिपोर्ट की जाये
वहीं, कोर्ट ने कहा है कि यदि सभासद सहयोग नहीं करते तो इसकी रिपोर्ट की जाये. ये रिपोर्टे कोर्ट को भी दी जाये. कोर्ट ने एडवोकेट कमिश्नर से कहा है कि वह यह भी देखें कि सड़क सही है या नहीं. भीड़भाड़ की वीडियो क्लिपिंग्स लेकर रिपोर्ट तैयार की जाय, ताकि कार्यवाई की जा सके. कोर्ट ने सीटी वैल्यू की जानकारी सार्वजनिक रूप से देने के अपने निर्देश को स्थगित कर दिया है. और अगली सुनवाई की तिथि 14 सितंबर को कार्यवाही रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है.
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