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दंडी संन्यासियों की मांग- मुगलों द्वारा बदले सभी शहरों, धार्मिक स्थलों के नाम बदले योगी सरकार

Sarvesh Dubey | News18 Uttar Pradesh
Updated: February 8, 2020, 6:37 PM IST
दंडी संन्यासियों की मांग- मुगलों द्वारा बदले सभी शहरों, धार्मिक स्थलों के नाम बदले योगी सरकार
अखिल भारतीय दंडी स्वामी परिषद के संरक्षक स्वामी महेशाश्रम महाराज ने मांग की है कि मुगलों द्वारा सभी हिन्दू धार्मिक स्थलों और शहरों के बदले नामों को फिर से योगी सरकार को बदलना चाहिए.

अखिल भारतीय दंडी स्वामी परिषद के संरक्षक स्वामी महेशाश्रम महाराज ने मांग की है कि मुगलों (Mughals) द्वारा सभी हिन्दू धार्मिक स्थलों और शहरों के बदले नामों को फिर से योगी सरकार (Yogi Government) को बदलना चाहिए.

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प्रयागराज. मुगलसराय (Mughalsarai), इलाहाबाद (Allahabad) और फैजाबाद (Faizabad) का नाम बदले जाने के बाद योगी सरकार अब बस्ती (Basti) जिले का भी नाम बदलने जा रही है. योगी सरकार बस्ती जिले को उसका पौराणिक और प्रचीन नाम वशिष्ठ नगर (Vashishth Nagar) लौटाने जा रही है. योगी सरकार के इस फैसले को लेकर जहां सियासत शुरू हो गई है. विपक्षी पार्टियां भाजपा पर नाम बदलने की राजनीति करने का आरोप लगा रही हैं. वहीं प्रयागराज के माघ मेले में आये साधु-संतों ने बस्ती जिले का नाम बदलकर वशिष्ठ नगर किए जाने के योगी सरकार से फैसले का स्वागत किया है.

साधु-संतों ने कहा है कि मुगलकाल में मुगलों ने अपनी सैन्य ताकत के बल पर कई स्थानों के नाम परिवर्तित किए थे. देश और प्रदेश में अब हिन्दुत्व की सरकार है और यह सरकार मुगलों द्वारा बदले गए पुराने शहरों के नाम दोबारा बदलकर पुराना गौरव लौटाने का काम कर रही है. लोगों को योगी सरकार के इस फैसले का समर्थन करना चाहिए.

'हर काल खंड के शासकों ने अपने हिसाब से शहरों के नाम बदले हैं'
अखिल भारतीय दंडी स्वामी परिषद के संरक्षक स्वामी महेशाश्रम महाराज ने मांग की है कि मुगलों द्वारा सभी हिन्दू धार्मिक स्थलों और शहरों के बदले नामों को फिर से योगी सरकार को बदलना चाहिए. वहीं अखिल भारतीय दंडी स्वामी परिषद के अध्यक्ष स्वामी ब्रह्माश्रम महाराज ने कहा है कि हर काल खंड के शासकों ने अपने हिसाब से शहरों के नाम बदले हैं. मुगलों के साथ ही अंग्रेजी शासनकाल में भी कई शहरों का नामकरण हुआ. इसलिए योगी सरकार का फैसला बिल्कुल उचित है और साधु संत भी बस्ती जिले का नाम बदले जाने का पुरजोर समर्थन करते हैं.

'बस्ती जिले का नाम बदलने से किसी को नहीं होनी चाहिए आपत्ति'
उन्होंने कहा कि हमारी पुरानी सनातनी सभ्यता के आधार पर ही अब नामकरण किए जा रहे हैं इसलिए किसी भी व्यक्ति को इस पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि बस्ती जिले का नाम वशिष्ठ ऋषि के नाम पर किया जा रहा है इसलिए सभी सनातनी लोगों को सरकार के इस फैसले का स्वागत और समर्थन करना चाहिए.

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First published: February 8, 2020, 6:37 PM IST
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