दरवेश यादव ने दो दिन पहले ही यूपी बार काउंसिल में रचा था इतिहास

बराबर वोट पाने के कारण यूपी बार काउंसिल ने सर्वसम्मति से पहले 6 महीने में दरवेश सिंह को बार काउंसिल का अध्यक्ष रहने की सहमति प्रदान की थी और अगले 6 महीने बाद बार काउंसिल के अध्यक्ष के तौर पर हरिशंकर सिंह को शपथ लेना था.

News18 Uttar Pradesh
Updated: June 12, 2019, 7:26 PM IST
दरवेश यादव ने दो दिन पहले ही यूपी बार काउंसिल में रचा था इतिहास
दरवेश यादव की गोली मारकर हत्या (फाइल फोटो)
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Updated: June 12, 2019, 7:26 PM IST
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की नवनिर्वाचित अध्यक्ष दरवेश यादव की उनके गृह नगर आगरा में दिनदहाड़े एक कार्यक्रम के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई. नवनिर्वाचित अध्यक्ष सोमवार को ही जीत दर्ज करके अपने गृह नगर पहुंची थीं. जीत के बाद उनके सम्मान में आगरा में कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जहां उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गईं.

उत्तर प्रदेश बार काउंसिल का चुनाव बीते रविवार को प्रयागराज में हुआ था. इस चुनाव में दरवेश सिंह और उनके प्रतिद्वंद्वी हरिशंकर सिंह को 12-12 वोट मिले थे. बराबर वोट पाने के कारण बार काउंसिल ने सर्वसम्मति से पहले 6 महीने में दरवेश सिंह को बार काउंसिल का अध्यक्ष रहने की सहमति प्रदान की थी और अगले 6 महीने बाद बार काउंसिल के अध्यक्ष के तौर पर हरिशंकर सिंह को शपथ लेना था. दो दिन पहले जीत का जश्न मनाकर प्रयागराज से गईं दरवेश सिंह की हत्या की खबर मिलते ही अधिवक्ताओं में आक्रोश फैल गया. दरवेश सिंह उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के 24 सदस्यों में अकेली महिला सदस्य थी.

सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के सदस्यों ने दरवेश सिंह की हत्या के पीछे सुरक्षा और सरकार को जिम्मेदार ठहराया कहा कि सरकार अधिवक्ताओं कि सुरक्षा को कभी भी तरजीह नहीं देती है. बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य श्रीनाथ त्रिपाठी ने फोन पर बताया कि नवनिर्वाचित अध्यक्ष के मौत की खबर बेहद दुखद है. उन्होंने कहा कि हम मांग करते हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार बार काउंसिल के अध्यक्ष उपाध्यक्ष और सदस्यों की सुरक्षा को लेकर स्थाई निर्णय ले और सुरक्षा प्रदान करें. साथ ही उन्होंने सरकार से मांग की कि तत्काल प्रभाव से सरकार बार काउंसिल के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का प्रोटोकाल सुनिश्चित करें.

कार्य बहिष्‍कार का ऐलान
बार काउंसिल उत्तर प्रदेश के सदस्य सीनियर एडवोकेट जानकी शरण पांडे ने कहा कि हमारी नवनिर्वाचित अध्यक्ष की मौत बेहद दु:खद है. इस मौत को हम जाया नहीं जाने देंगे. गुरुवार को अधिवक्ता काम का बहिष्कार करेंगे और सरकार से वकीलों को तत्काल सुरक्षा मुहैया कराने के लिए मांग करेंगे. अधिवक्ता नेता अभिमन्यु यादव ने कहा कि हम देशभर के युवा अधिवक्ताओं से संपर्क में हैं. यूपी बार काउंसिल के अध्यक्ष की हत्या सामान्य घटना नहीं है. उन्‍होंने कहा कि अपराधी जब बार काउंसिल के अध्यक्ष को नहीं बख्‍श रहे हैं तो अन्‍य का क्‍या होगा.

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