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श्रावण मास का अंतिम सोमवार आज, प्रयागराज के शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

Prayagraj News: श्रद्धालु भगवान भोले शंकर से पूरे देश में सुख समृद्धि की कामना भी कर रहे हैं.

Prayagraj News: श्रद्धालु भगवान भोले शंकर से पूरे देश में सुख समृद्धि की कामना भी कर रहे हैं.

Sawan Last Somwar 2022: सावन के सोमवार को लेकर श्रद्धालुओं की ऐसी मान्यता और आस्था है कि सावन के सोमवार का व्रत रखने और सच्चे मन से भगवान भोले की आराधना से सभी मनोकामनायें पूर्ण होती हैं. सावन में सुहागिनें जहां अपने पति और बेटे की लंबी उम्र के लिए भगवान भोले की पूजा अर्चना करती है.

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हाइलाइट्स

शिवालयों में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
सावन में पड़ने वाले सोमवार का विशेष महत्व है

प्रयागराज. श्रावण मास के चौथे और अंतिम सोमवार के मौके पर संगम नगरी प्रयागराज के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. सिविल लाइन के विश्व प्रसिद्ध शिव मंदिर में स्थित एकादश रुद्र के स्वरूप में विराजमान भगवान भोले को प्रसन्न करने के लिए श्रद्धालु गंगाजल, शहद और दूध से जलाभिषेक करने और भगवान भोले को कमल पुष्प, बेलपत्र,धतूरा और मदार अर्पित करने आ रहे हैं. श्रद्धालु भगवान भोले शंकर से पूरे देश में सुख समृद्धि की कामना भी कर रहे हैं. सावन का पूरा महीना भगवान भोले शंकर का माना जाता है. लेकिन सावन में पड़ने वाले सोमवार का विशेष महत्व है.

इस बार सावन में कुल चार सोमवार पड़े थे. सावन के सोमवार को लेकर श्रद्धालुओं की ऐसी मान्यता और आस्था है कि सावन के सोमवार का व्रत रखने और सच्चे मन से भगवान भोले की आराधना से सभी मनोकामनायें पूर्ण होती हैं. सावन में सुहागिनें जहां अपने पति और बेटे की लंबी उम्र के लिए भगवान भोले की पूजा अर्चना करती है. वहीं कुंवारी कन्याओं द्वारा भगवान भोले की आराधना किए जाने से उन्हें अच्छे वर की प्राप्ति भी होती है. सावन पवित्रा एकादशी को पुत्रदा एकादशी भी कहा जाता है.

इस दिन भगवान विष्णु की आराधना से समस्त पाप खत्म हो जाते हैं. वहीं रवि योग में शिव-विष्णु की पूजा बहुत लाभकारी मानी जाती है. रवि योग इतना प्रभावशाली होता है कि इसमें देवी-देवताओं की आराधना से समृद्धि में वृद्धि होती है. शुभ कार्य सफल हो जाते हैं. सावन का आखिरी सोमवार होने की वजह से मंदिरों में ज्यादा भीड़ देखी जा रही है. श्रद्धालु अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए जलाभिषेक और रुद्राभिषेक कर रहे हैं. ऐसी मान्यता है कि जो श्रद्धालु सावन के सोमवार को पूजा-अर्चना से छूट गए हैं,वह भी आखिरी सोमवार के मौके पर मंदिरों में जलाभिषेक करने पहुंच रहे हैं. हालांकि सावन माह का समापन 12 अगस्त को होगा.

Tags: Hindu Temple, Lord Shiva, Prayagraj News, Sawan somvar

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