UP: महंत नरेंद्र गिरि और उनके शिष्य के बीच विवाद सुलझा, आनंद ने पैर पकड़कर मांगी माफी

महंत नरेंद्र गिरि और उनके शिष्य आनंद के बीच विवाद सुलझा.. (File Photo)

महंत नरेंद्र गिरि और उनके शिष्य आनंद के बीच विवाद सुलझा.. (File Photo)

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि और उनके शिष्य आनंद गिरि के बीच चल रहा विवाद अब खत्म हो गया है.

  • Share this:

प्रयागराज. साधु संतों की सबसे बड़ी संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) महंत नरेंद्र गिरि और उनके शिष्य आनंद गिरि (Anand Giri) के बीच विवाद अब सुलझ गया है. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के हस्तक्षेप के बाद विवाद का पटाक्षेप हुआ. आनंद गिरि ने अपने गुरु महंत नरेंद्र गिरी का पैर पकड़कर माफी भी मांगी. इसके साथ ही आनंद ने सोशल मीडिया, टीवी चैनलों और समाचार पत्रों में दिए गए बयान को भी वापस ले लिया है. स्वामी आनंद गिरी ने अपने गुरु और निरंजनी अखाड़े के पंच परमेश्वर से भी माफी मांगी है.  महंत नरेंद्र गिरि ने श्री मठ बाघम्बरी गद्दी और बड़े हनुमान मंदिर में आने पर पाबंदी हटाई हटा दी है.

महंत नरेंद्र गिरी ने अपने शिष्य स्वामी आनंद गिरी पर लगाए आरोपों को भी वापस ले लिया है. मालूम हो कि 14 मई को पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी से निष्कासित करने के बाद गुरु शिष्य के बीच विवाद बढ़ गया था. स्वामी आनंद गिरी पर परिवार से संबंध रखने और मठ और मंदिर के धन के दुरुपयोग के मामले में कार्रवाई हुई थी. अखाड़े, मठ और मंदिर से निष्कासित किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर लगातार आनंद गिरि अपने गुरु महंत नरेंद्र गिरी के खिलाफ बयान दे रहे थे.

बड़ी वारदात को दिया गया अंजाम

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में मंगलवार रात एक मंदिर के पुजारी की धारदार हथियार से काटकर हत्या  कर दी गई. यह वारदात टिकैतनगर कोतवाली क्षेत्र की है. 70 वर्षीय मृतक पुजारी का नाम सुरेशचन्द्र चौहान था. मंदिर के पुजारी की हत्या की सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने मौका-ए-वारदात की गहनता से पड़ताल की है. घटना के जल्द खुलासे की पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने बात कही है.
बाराबंकी जिले में टिकैतनगर कोतवाली क्षेत्र के खमौली गांव में 70 साल के पुजारी सुरेशचन्द्र चौहान हनुमान मंदिर के पुजारी थे. गांव के लोग उन्हें काफी मानते थे. सुरेशचन्द्र चौहान लंबे समय से मंदिर परिसर में ही रहते थे. बुधवार सुबह लोग पूजा पाठ के लिए मंदिर पहुंचे तो सुरेशचन्द्र चौहान का खून से लतपथ शव मिला. हत्यारों का सुराग तलाशने के लिए मौके पर फॉरेंसिक और डॉग स्क्वाड की टीम बुलाई गई है. इस घटना के बाद से क्षेत्र में भय का माहौल है. ग्रामीण भी नहीं समझ पा रहे हैं कि बुजुर्ग पुजारी की हत्या क्यों की गई?

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज