प्रयागराज पहुंचे गोल्डन बाबा का दावा, कुंभ मेले पर दिखेगा 'नोटबंदी' का असर

गोल्डन बाबा (File Photo)

गोल्डन बाबा (File Photo)

हालांकि नोटबंदी का असर बताने के वाले गोल्डन बाबा के शरीर पर ही करीब बीस किलो सोना है. उनके मुताबिक मेरे गले में उन देवी देवताओं की मूर्तियां हैं जिनकी मैं पूजा करता हूं.

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प्रयागराज पहुंचे जूना अखाड़े के बहुचर्चित महंत गोल्डन बाबा ने शुक्रवार को कहा कि 2019 के कुंभ मेला पर नोटबंदी का असर देखने को मिलेगा. नोटबंदी के चलते कुंभ में शिविर लगाना मुश्किल हो रहा है. उन्होंने कहा अगर भक्त सहायता करेंगे तभी पंडाल लगेगा. कुंभ में पंडाल के लिए दो से ढ़ाई करोड़ की जरूरत पड़ेगी. बता दें कि गोल्डन बाबा ने अपने शरीर पर बीस किलो सोना पहना हुआ है. साथ ही रोलेक्स कंपनी की 22-23 लाख की डायमंड घड़ी भी पहनी है. वहीं बाबा महंगी और लक्जरी गाडियों के भी शौकीन हैं.



गोल्डन बाबा का कहना है कि शिविर लगाने के लिए टेंट के लिए ही 20 से 25 लाख रुपये देने पड़ते हैं. लेकिन नोटबंदी के बाद उन्हें आश्रम का खर्च चलाने के लिए जहां कई दुकानें और सम्पत्तियां बेचनी पड़ी हैं. वहीं कैश भी अब लगभग खत्म हो चुका है. हालांकि कुछ दुकानें किराये पर चल रही हैं, जिसकी आमदनी से आश्रम का खर्च अभी भी चल रहा है. लेकिन ये धनराशि शिविर लगाने के लिए पर्याप्त नहीं है.



उन्होंने कहा है कि कोई भक्त अगर मदद करेगा तो पिछले बार से भी बड़ा टेंट लगा सकता हूं. गोल्डन बाबा ने कहा है कि प्रयागराज में किराये पर कोई मकान या कोठी तलाश रहा हूं, जहां पर गद्दी लगाकर बैठ सकूं और भक्त भी वहां पर आ सकें. हालांकि नोटबंदी का असर बताने के वाले गोल्डन बाबा के शरीर पर ही करीब बीस किलो सोना है. उनके मुताबिक मेरे गले में उन देवी देवताओं की मूर्तियां हैं जिनकी मैं पूजा करता हूं.





गोल्डन बाबा

गोल्डन बाबा का कहना है कि मेरे आराध्य सोने में खुश रहते हैं, इसलिये सोना पहनता हूं. गोल्डन बाबा ने कहा है कि 1972-73 से सोना पहन रहा हूं, पहले कम पहनता था और आज ज्यादा पहन रहा हूं. गोल्डेन बाबा मंहगी घड़ियों के भी शौकीन हैं नोटबंदी का असर बताने वाले बाबा ने अपनी कलाई पर रोलेक्स कंपनी की 22 से 23 लाख की डायमंड की घड़ी भी पहन रखी है. बाबा को मंहगी और लक्जरी गाड़ियों का भी शौक है. हम आपको बता दें कि गोल्डन बाबा का असली नाम सुधीर माकड़ है और जूना अखाड़े में महंत बनने से पहले दिल्ली के बड़े कारोबारी थे. बाबा को बचपन से ही सोना पसंद है. बाबा जब व्यापारी थे, तब ही उन्होंने काफी सोना खरीदा था.



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