UP के प्राइमरी टीचरों के अंतर्जनपदीय तबादले के मामले में HC ने यूपी सरकार के फैसले पर लगाई मुहर

इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने साफ कर दिया है कि एक बार ट्रांसफर पा चुके शिक्षकों का दोबारा तबादला नहीं हो सकता. सामान्य परिस्थितियों में दोबारा ट्रांसफर नहीं हो सकता. सिर्फ विशेष परिस्थितयों में ही दूसरी बार हो तबादला हो सकता है. जस्टिस अजीत कुमार की सिंगल बेंच ने ये फैसला सुनाया है.

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  • Last Updated: November 3, 2020, 10:01 PM IST
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प्रयागराज. उत्तर प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों (Primary School) के शिक्षकों (Teacher) के अंतर्जनपदीय तबादले के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) का अहम आदेश आया है. मामले में हाईकोर्ट ने यूपी सरकार के फैसले पर मुहर लगा दी है. हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि एक बार ट्रांसफर पा चुके शिक्षकों का दोबारा तबादला नहीं हो सकता. सामान्य परिस्थितियों में दोबारा ट्रांसफर नहीं हो सकता. सिर्फ विशेष परिस्थितयों में ही दूसरी बार हो तबादला हो सकता है. जस्टिस अजीत कुमार की सिंगल बेंच ने ये फैसला सुनाया है.

बता दें हाईकोर्ट ने 15 अक्टूबर को अंतर्जनपदीय तबादले पर रोक लगाई थी और फैसला सुरक्षित कर लिया था. कोर्ट ने अंतर्जनपदीय तबादले की सूची को अंतिम रूप देने पर रोक लगाई थी. कोर्ट ने तबादले के लिए आए आवेदनों पर विचार जारी रखने का निर्देश दिया था.

दरअसल याची दिव्या गोस्वामी और जय प्रकाश शुक्ला सहित कई शिक्षकों ने ये याचिका दाखिल की है. याचिका में अंतर्जनपदीय स्थानांतरण को विभिन्न आधारों पर चुनौती दी गई थी. जस्टिस अजीत कुमार की एकल पीठ ने वकीलों की बहस सुनने के बाद निर्णय सुरक्षित कर लिया था.




महोबा केस में यूपी सरकार को बड़ी राहत
उधर महोबा में व्यापारी की मौत मामले में यूपी सरकार को बड़ी राहत मिली है. मामले की न्यायिक या किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका हाईकोर्ट ने ठुकरा दी है. हाईकोर्ट ने कहा, 'इस मामले में दखल देने की फिलहाल कोई जरूरत नहीं है.' बता दें सामाजिक कार्यकर्ता प्रभाकर भट्ट ने अर्जी दाखिल की थी. पीआईएल में पूरे मामले की न्यायिक या निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराए जाने की मांग थी. हाईकोर्ट से जांच की मानीटरिंग की भी मांग की गई थी. चीफ जस्टिस गोविंद माथुर और जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा की डिवीजन बेंच में इस पर सुनवाई हुई. फिलहाल यूपी पुलिस की एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है. इसी मामले में तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार सस्पेंड किये जा चुके हैं, पाटीदार के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ है.
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