बिजनौर CJM कोर्ट शूट आउट के बाद हाईकोर्ट सख्‍त, योगी सरकार से मांगा अदालतों की सुरक्षा का रोड मैप
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बिजनौर CJM कोर्ट शूट आउट के बाद हाईकोर्ट सख्‍त, योगी सरकार से मांगा अदालतों की सुरक्षा का रोड मैप
योगी सरकार ने दी 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता (फाइल फोटो)

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने उत्‍तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) को सूबे की अदालतों की सुरक्षा का रोडमैप 15 जनवरी तक पेश करने का आदेश दिया है. जबकि कोर्ट के निर्देश पर प्रमुख सचिव गृह अवनीश अवस्थी और डीजीपी ओपी सिंह गुरुवार को अदालत में पेश हुए.

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प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने उत्‍तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) को प्रदेशभर की अदालतों की सुरक्षा का रोडमैप 15 जनवरी तक पेश करने का आदेश दिया है. बिजनौर जिला अदालत के सीजेएम कोर्ट में एक हत्याभियुक्त की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में स्वत संज्ञान लेकर सुनवाई कर रही जस्टिस सुधीर अग्रवाल (Justice Sudhir Aggarwal) और जस्टिस सुनीत कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने जिला न्यायालय में विशेष प्रशिक्षित फोर्स तैयार करने, सीसीटीवी कैमरे लगाने, बाउंड्री वॉल बनाने और अधिवक्ताओं व वादकारियों को बिना परिचय पत्र के प्रवेश नहीं देने संबंधित कई मुद्दों पर सरकार से हलफनामा भी मांगा है.

प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी हाईकोर्ट में हुए पेश
कोर्ट के निर्देश पर प्रमुख सचिव गृह अवनीश अवस्थी और डीजीपी ओपी सिंह गुरुवार को अदालत में पेश हुए. उन्होंने राज्य सरकार की ओर से हलफनामा पेश कर अदालतों की सुरक्षा को लेकर सरकार की ओर से अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी दी. सरकार की ओर से कहा गया कि उनके पास सीसीटीवी कैमरों की देखभाल के लिए कोई टेक्निकल स्टाफ नहीं है. इस मामले में वह पीसीआई से एक्सपर्ट मांगेंगे और उनकी तैनाती सभी जिला अदालतों में की जाएगी.

कोर्ट ने कही ये बात
कोर्ट ने कहा कि सरकार के सभी काम कागजों पर हैं. वास्तविकता में धरातल पर कोई काम दिखाई नहीं दे रहा है. अधिकारियों की ओर से कोर्ट को बताया गया कि कई जिला अदालतों में वकील सुरक्षा बलों का सहयोग नहीं करते हैं, जिसके कारण उनके बीच में झगड़ा हो जाता है. हाईकोर्ट में भी कुछ वकील पिस्टल लेकर आते हैं ऐसी जानकारी भी मिली है. इस पर कोर्ट का कहना था कि राज्य सरकार स्वयं में एक संस्था है और इस मामले में कार्रवाई करने के लिए सक्षम है.



बाउंड्री वॉल पर सरकार ने दिया ये जवाब
बाउंड्री वॉल बनाए जाने के मामले में सरकार का कहना था कि ज्यादातर जिला अदालतों में बाउंड्री वॉल का निर्माण पूरा हो गया है. प्रदेश सरकार का यह भी कहना था कि कई जिला अदालतों में जिला जज सहयोग नहीं कर रहे हैं. इस पर कोर्ट ने कहा कि जहां पर भी जिला जज सहयोग नहीं कर रहे हैं उनकी सूचना लिखित रूप से कोर्ट को दी जाए. कोर्ट उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी. कोर्ट ने कहा कि प्रदेश सरकार जो भी काम करवा रही है उसकी गुणवत्ता सही होनी चाहिए. कोर्ट ने वकीलों के लिए बायोमीट्रिक कार्ड की व्यवस्था शीघ्र करने का निर्देश दिया है.

प्रमुख सचिव अवनीश अवस्थी ने कोर्ट को बताया कि अदालतों में विशेष प्रशिक्षित फोर्स तैनात करने के मामले में 20 जनवरी तक प्रशिक्षण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा. कोर्ट ने वेंडरों पर भी रोक लगाने का निर्देश दिया है. याचिका पर अगली सुनवाई 16 जनवरी को होगी. इस दिन प्रदेश सरकार को अपना रोड मैप भी अदालत में पेश करना होगा.

 

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