हाईकोर्ट का UP सरकार को आदेश, Quarantine अवधि पूरी कर चुके तबलीगी जमात के लोगों को फौरन घर भेजें
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हाईकोर्ट का UP सरकार को आदेश, Quarantine अवधि पूरी कर चुके तबलीगी जमात के लोगों को फौरन घर भेजें
इलाहाबाद हाईकोर्ट

हालांकि यूपी सरकार (UP Government) के मुताबिक़ सूबे में जमात से जुड़े 3001 भारतीयों और 325 विदेशी नागरिकों को क्वारंटाइन सेंटर्स (Quarantine centers) में रखा गया था. इनमें से 21 भारतीयों और 279 विदेशियों को मुकदमा दर्ज होने की वजह से बाद में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है.

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प्रयागराज. यूपी के क्वारंटाइन सेंटर्स (Quarantine Centers) में तबलीगी जमात (Tablighi Jamaat) के लोगों को जबरन रोक कर रखे जाने के मामले में दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने राज्य सरकार (UP Government) को सख्त आदेश दिया है. हाईकोर्ट ने जमातियों समेत क्वारंटाइन की मियाद पूरी कर चुके सभी लोगों को फ़ौरन छोड़े जाने का भी आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि जिनकी कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव (COVID-19 Report) आ चुकी है या जिनके क्वारंटाइन की मियाद पूरी हो चुकी है, उन सभी को फ़ौरन घर या जहां वह जाना चाहें, वहां जाने दिया जाए.

कोर्ट ने अनुच्छेद-21 का उल्लंघन माना
हाईकोर्ट ने माना है कि मियाद पूरी होने के बाद भी क्वारंटाइन सेंटर में रखा जाना संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत मिले व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है. हाईकोर्ट ने टिप्पणी की है कि संविधान के संरक्षक के रूप में गलत होने पर कोर्ट को ऐसे मामलों में दखल देने का पूरा अधिकार है. हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से हर जिले में ऐसे मामलों की मानीटरिंग के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित किये जाने का आदेश दिया. यह कमेटी क्वारंटाइन की मियाद पूरी कर चुके सभी लोगों को उनके घर भेजे जाने के इंतजामों की निगरानी करेगी. तीन सदस्यीय मानीटरिंग कमेटी जिलों के क्वारंटाइन सेंटर्स के इंतजामों को भी देखेगी और वहां बेहतर सुविधाओं को मुहैया कराएगी. कमेटी क्वारंटीन सेंटर्स में रह रहे लोगों की समस्याओं को सुनकर उन्हें दूर कराए जाने के भी उपाय करेगी. हाईकोर्ट ने यूपी के चीफ सेक्रेटरी को इस आदेश का पालन कराने को कहा है. कोर्ट ने चीफ सेक्रेटरी को आदेश दिया है कि इस मामले में सर्कुलर जारी कर सभी जिलों के जिलाधिकारियों को इस आदेश का पालन सुनिश्चित करायें.

सुप्रीम कोर्ट के वकील शाद अनवर की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस शशिकांत गुप्ता और जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी की डिवीजन बेंच ये आदेश दिया है. गौरतलब है कि जनहित याचिका में आरोप लगाया गया था कि यूपी के मैनपुरी समेत कई जगहों पर तब्लीगी जमात से जुड़े लोगों को मियाद पूरी हो जाने के बावजूद जबरन क्वारंटाइन सेंटर्स में रोककर रखा गया है. यूपी सरकार ने माना था कि मैनपुरी में 30 लोगों को रोककर रखा गया था. क्योंकि उनके परिवार वाले कुछ दिन तक उन्हें साथ ले जाने को राजी नहीं थे, बाद में सबको छोड़ दिया गया था. यूपी सरकार ने हलफनामे के साथ अब एक चार्ट जारी कर तब्लीगी जमात से जुड़े लोगों का आंकड़ा भी जारी किया है. यूपी सरकार के मुताबिक़ सूबे में जमात से जुड़े 3001 भारतीयों व 325 विदेशी नागरिकों को क्वारंटाइन सेंटर्स में रखा गया था. इनमें से 21 भारतीयों और 279 विदेशियों को मुकदमा दर्ज होने की वजह से बाद में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. सेंटर्स में रखे गए 2979 भारतीयों और 46 विदेशी जमातियों को क्वारेंटीन की मियाद पूरी होने के बाद छोड़ दिया गया था. यूपी सरकार के मुताबिक़ अब कोई भी जमाती सूबे के किसी भी क्वारंटीन सेंटर में नहीं है. हाईकोर्ट ने निगरानी कमेटी गठित किये जाने और क्वारंटाइन हो चुके लोगों को छोड़े जाने के आदेश के साथ याचिका निस्तारित कर दी है. कोर्ट ने यह भी कहा कि बड़ी संख्या में मजदूर और दूसरे लोग क्वारंटाइन सेंटर्स में रखे गए हैं.



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