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आरक्षित वर्ग को लाभ देने के लिए नहीं घटाई जा सकती कट ऑफ मेरिट: HC

Sarvesh Dubey | ETV UP/Uttarakhand
Updated: December 8, 2017, 4:48 PM IST
आरक्षित वर्ग को लाभ देने के लिए नहीं घटाई जा सकती कट ऑफ मेरिट: HC
इलाहाबाद हाईकोर्ट की फाइल फोटो.
Sarvesh Dubey | ETV UP/Uttarakhand
Updated: December 8, 2017, 4:48 PM IST
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि किसी चयन प्रक्रिया में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को लाभ देने के उद्देश्य से कट आॅफ मेरिट को घटाया नहीं जा सकता. कोर्ट ने कहा है कि आरक्षित वर्ग के असफल अभ्यर्थियों की ओर से यह मांग करना कि उनके वर्ग में कोटा अभी शेष है, ऐसे में कट आॅफ मेरिट को कम किया जाए, यह गलत है.

न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने यह आदेश यूपी जल निगम में जूनियर इंजीनियर सिविल की परीक्षा में शामिल असफल अभ्यर्थी भुवनेश पचौरी की याचिका को खारिज करते हुए दिया है. याची स्वतंत्रता सेनानी कोटे में नौकरी के लिए भर्ती प्रक्रिया में शामिल हुआ था.

रिपोर्ट के मुताबिक असफल होने पर उसने चयन सूची को चुनौती दी थी और मांग की थी कि कट आॅफ मेरिट को नीचे लाया जाए ताकि शेष आरक्षित श्रेणी के बचे पदों को भरा जा सके. कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए फैसला दिया कि जब एक बार याची चयन प्रक्रिया में शामिल हो गया तो असफल होने पर उसे चयन प्रक्रिया की शर्तों को चुनौती देने का अधिकार नहीं है.

गौरतलब है याची ने 3 अक्टूबर 13 के विज्ञापन के आधार पर यूपी जल निगम में अवर अभियंता पद पर नौकरी के लिए आवेदन किया था. याची की श्रेणी के केवल 5 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में लिखित परीक्षा पास करने के बाद बुलाया गया था.

याची का तर्क था कि कुल 469 पदों को सापेक्ष स्वतंत्रता सेनानी का दो प्रतिशत पद कुल 9 होता है. इसमें केवल 5 पदों पर ही साक्षात्कार के बाद नियुक्ति दी गई. यदि कट आॅफ मेरिट नीचे कर दी जाए तो उसका भी चयन हो जाएगा.

कोर्ट ने याची की दलील को अस्वीकार कर याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि आरक्षित वर्ग के किसी अभ्यर्थी को चयन में शामिल करने के लिए कट आॅफ मेरिट को कम नहीं किया जा सकता.
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