मंत्री एसपी सिंह बघेल से नाराज हुआ हाईकोर्ट, योगी सरकार को भेजा नोटिस

कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि जब संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति ऐसा आचरण कर रहा है तो आम आदमी से क्या उम्मीद की जा सकती है.

Sarvesh Dubey | News18 Uttar Pradesh
Updated: April 17, 2018, 5:00 PM IST
मंत्री एसपी सिंह बघेल से नाराज हुआ हाईकोर्ट, योगी सरकार को भेजा नोटिस
कैबिनेट मंत्री एसपी सिंह बघेल की फाइल फोटो.
Sarvesh Dubey | News18 Uttar Pradesh
Updated: April 17, 2018, 5:00 PM IST
योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री एसपी सिंह बघेल के खिलाफ दाखिल चुनाव याचिका के मामले में मंत्री की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोर्ट से जारी नोटिस का जानबूझकर जवाब न देने के कैबिनेट मंत्री के रवैये पर सख्त नाराजगी जतायी है. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि जब संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति ऐसा आचरण कर रहा है तो आम आदमी से क्या उम्मीद की जा सकती है. कोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल और मुख्य सचिव के माध्यम से कैबिनेट मंत्री को नोटिस सर्व कराया था. हाईकोर्ट ने कैबिनेट मंत्री एसपी बघेल से 23 अप्रैल तक स्पष्टीकरण तलब कर पूछा है कि उन्होंने कोर्ट के निर्देशों और कानूनी प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया.

कोर्ट ने कहा है कि कैबिनेट मंत्री की ओर से यदि संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता है तो कैबिनेट मंत्री को मंत्रिमण्डल से हटाने और अधिकार सीज करने की सिफारिश मुख्यममंत्री और राज्यपाल से करेगी. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि आपने कोर्ट की कार्यवाही को मजाक बनाकर रख दिया है. कैबिनेट मंत्री के वकील ने कई बार अपनी बीमारी की कोर्ट को जानकारी देकर मामले की सुनवाई टालने की कोशिश की थी. कोर्ट ने कैबिनेट मंत्री के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि कोर्ट से अब आपको कोई सहानुभूति भी नहीं मिलेगी.

गौरतलब है कि फिरोजाबाद की टूण्डला विधानसभा से बसपा प्रत्याशी रहे राकेश बाबू ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि वहां से भाजपा विधायक ने ओबीसी होते हुये एससी सर्टिफिकेट लगाकर चुनाव लड़ा है. याचिका में कहा गया है कि एसपी सिंह बघेल गड़रिया जाति के हैं जो ओबीसी में आती है. जबकि उन्होंने धनगर का सर्टिफिकेट लगाकर खुद को एससी जाति का बताया है.

याचिकाकर्ता ने यह भी कहा है कि गलत सर्टिफिकेट लगाकर चुनाव लड़ने वाले कैबिनेट मंत्री का चुनाव रद्द कर उन्हें विधायक का सर्टिफिकेट दिया जाना चाहिये. जस्टिस एम.सी.त्रिपाठी की एकलपीठ ने ये आदेश दिए है.
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
-->