• Home
  • »
  • News
  • »
  • uttar-pradesh
  • »
  • अवमानना मामले में BHU के पूर्व व वर्तमान कुलपति, रजिस्ट्रार समेत 6 से हाईकोर्ट ने मांगा स्पष्टीकरण

अवमानना मामले में BHU के पूर्व व वर्तमान कुलपति, रजिस्ट्रार समेत 6 से हाईकोर्ट ने मांगा स्पष्टीकरण

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सदफ को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा मुहैया कराने के बारे में जेल अधिकारियों को निर्देश जारी करने की कोई जरूरत नहीं समझी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सदफ को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा मुहैया कराने के बारे में जेल अधिकारियों को निर्देश जारी करने की कोई जरूरत नहीं समझी

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. लालजी सिंह (Dr. Lalji Singh), वर्तमान कुलपति राकेश भटनागर, रजिस्ट्रार डॉ. जीएस यादव, डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. अश्वनी कुमार सिंह, कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी और उप कुलसचिव डॉ. सुनीता चंद्रा को अवमानना का नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है.

  • Share this:
प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति, पूर्व कुलपति और रजिस्ट्रार सहित छह अधिकारियों पर हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना का आरोप तय करते हुए सभी से स्पष्टीकरण मांगा है. कोर्ट ने इन अधिकारियों से पूछा है कि क्यों न उनको अदालत के आदेश की अवमानना में दंडित किया जाए. सभी अधिकारियों को 6 सप्ताह में अपना स्पष्टीकरण हाईकोर्ट को देने को कहा गया है.

विश्वविद्यालय को नए सिरे से विज्ञापन जारी करने का आदेश दिया था
अदालत ने इस आदेश के अनुपालन के लिए हाईकोर्ट के महानिबंधक को निर्देशित किया है. डॉक्टर अभिषेक चंद्रा और चार अन्य की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जस्टिस सुनील कुमार ने दिया है. गौरतलब है कि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान में आर्थोपेडिक और एनाटॉमी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसरों की नियुक्ति हेतु विज्ञापन जारी किया गया था. इस विज्ञापन को इस आधार पर चैलेंज किया गया है कि विज्ञापन में दी गई अर्हता मानक के अनुरूप नहीं है और उसमें अतिरिक्त अर्हता जोड़ी गई है.

बताया गया कि नीति एवं योजना बोर्ड ने अतिरिक्त योग्यता तय की थी जो कि विज्ञापन में जोड़ी गई, जबकि बोर्ड को ऐसा करने का अधिकार नहीं था. यह काम मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया कर सकती थी. इस पर हाईकोर्ट ने विज्ञापन रद्द कर दिया था तथा विश्वविद्यालय को नए सिरे से विज्ञापन जारी करने का आदेश दिया था.

हाईकोर्ट के आदेशों का अधिकारियों ने जानबूझकर किया उल्लंघन
आरोप है कि इसके बावजूद विश्वविद्यालय ने नियुक्त किए गए एक प्रोफेसर को पद से नहीं हटाया और ना ही कोई नया विज्ञापन जारी किया. इसी मामले में अवमानना याचिका दाखिल की गई. कोर्ट ने कहा कि विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने हाईकोर्ट के 3 फरवरी 2014 और 17 फरवरी 2014 के आदेशों का जानबूझकर उल्लंघन किया है, जिसके लिए उनके विरूद्ध अवमानना का मामला बनता है. कोर्ट ने सभी को अवमानना का दोषी करार देते हुए स्पष्टीकरण के लिए तलब किया है. मामले की अगली सुनवाई 16 जनवरी 2020 को होगी.

हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. लालजी सिंह, वर्तमान कुलपति राकेश भटनागर, रजिस्ट्रार डॉ. जीएस यादव, डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. अश्वनी कुमार सिंह, कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी और उप कुलसचिव डॉ. सुनीता चंद्रा को अवमानना का नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है.

ये भी पढ़ें - 

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज