विधायक अमनमणि त्रिपाठी की बढ़ी मुश्किलें, HC ने किया तलब

इससे पहले हाईकोर्ट के सख्त आदेश पर कार्यवाही करते हुए महराजगंज के डीएम और एसपी ने पूर्व मंत्री के कब्जे को हटाकर भवन मालिक कमालिया परिवार के प्रतिनिधि अब्दुर्रहमान उर्फ साजिद को भवन सौंप दिया था.

News18Hindi
Updated: May 22, 2019, 2:39 PM IST
विधायक अमनमणि त्रिपाठी की बढ़ी मुश्किलें, HC ने किया तलब
विधायक अमनमणि त्रिपाठी
News18Hindi
Updated: May 22, 2019, 2:39 PM IST
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को नौतनवा से निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी को तलब करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने एसपी महाराजगंज को 10 जुलाई तक अमनमणि को हाजिर करने आदेश दिया है. दरअसल मिल मालिक महावीर प्रसाद कमलिया की ओर से अब्दुर्रहमान उर्फ साजिद ने याचिका दाखिल की थी. इसमें अब्दुर्रहमान उर्फ साजिद ने आरोप लगाया है कि नौतनवां स्थित दुर्गा आयल मिल पर अवैध कब्जा मुक्त होने के बाद अमनमणि धमकी दे रहे हैं. कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए  10 जुलाई तक कोर्ट में हाजिर करने का आदेश दिए हैं. यह आदेश जस्टिस एमसी त्रिपाठी की एकलपीठ ने दिया है.

इससे पहले हाईकोर्ट के सख्त आदेश पर कार्यवाही करते हुए महराजगंज के डीएम और एसपी ने पूर्व मंत्री के कब्जे को हटाकर भवन मालिक कमालिया परिवार के प्रतिनिधि अब्दुर्रहमान उर्फ साजिद को भवन सौंप दिया था. हालांकि साजिद जिला प्रशासन की कार्यवाही से आंशिक रूप से ही संतुष्ट हैं. उनका कहना है कि भवन परिसर के उत्तर के हिस्से को उन्हें सुपुर्द नहीं किया गया है, जबकि आदेश सम्पूर्ण परिसर को कब्जा मुक्त कर उन्हें सुपुर्द करने का था.



लोकसभा चुनाव 2019: नतीजे आने में लग सकते हैं 2-3 दिन, रुझान आने में भी होगी दोपहर

क्या है विवाद

नौतनवां कस्बे के मुख्य मार्ग पर रेलवे स्टेशन के पास दुर्गा मिल ऑयल मिल स्थित है, जहां पर सरसों तेल का उत्पादन होता था. यह मिल मशहूर व्यवसायी दुर्गा प्रसाद कमालिया की थी, जो वर्ष 1939 में स्थापित हुई थी. दुर्गा प्रसाद कमालिया के परिवार का नेपाल, बिहार, झारखंड में व्यवसाय है. यह मिल करीब 90 डिस्मिल एरिया में है और इसमें राम जानकी मंदिर भी बना हुआ है. आयल मिल 1988 तक चलती रही.

मिल बंद होने के बाद मिल के कर्मचारी और कमालिया परिवार के लोग इसमें रहते थे. पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की नजर इस भवन पर थी और उन्होंने अपने रसूख का इस्तेमाल करते हुए 23 जून 1993 में रेट कंट्रोल एक्ट के तहत आवंटित करा लिया. आवंटन के तुरंत बाद उन्होंने पूरे परिसर पर कब्जा कर लिया और अपना जनसम्पर्क कार्यालय बना लिया. कमालिया परिवार ने अमरमणि त्रिपाठी को भवन आंवटित करने के विरूद्ध कानूनी लड़ाई लड़ी और 23 वर्ष मुक्त हुई थी.

ये भी पढ़ें:
Loading...

भारत के टुकड़े करने वालों के खिलाफ मतदाताओं ने डाला वोट: स्मृति ईरानी

मथुरा पहुंची बॉलीवुड अभिनेत्री हेमा मालिनी, मांगा जीत का आशीर्वाद

नोएडा अथॉरिटी के पूर्व DSP ने कमाए आय से 12 गुना ज्यादा, केस दर्ज

अपने WhatsApp पर पाएं लोकसभा चुनाव के लाइव अपडेट्स
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...