विश्व हिन्दू परिषद की दिल्ली में होगी अहम बैठक, देशभर से आएंगे सैंकड़ों साधु-संत, जानें क्या है मामला

इस बैठक के जरिए साधु संतों की नाराजगी भी विश्व हिन्दू परिषद दूर कर उन्हें एक बार फिर से सनातन धर्म के लिए एकजुट करने की भी कोशिश करेगा.
इस बैठक के जरिए साधु संतों की नाराजगी भी विश्व हिन्दू परिषद दूर कर उन्हें एक बार फिर से सनातन धर्म के लिए एकजुट करने की भी कोशिश करेगा.

मंदिर निर्माण को लेकर जानकारी देते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय (Champat Rai) ने कहा है कि इस मंदिर निर्माण में लोहे, सीमेंट और कंक्रीट का प्रयोग नहीं किया जा रहा है, क्योंकि इसकी लाइफ सौ साल से ज्यादा नहीं होती है.

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प्रयागराज. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव और विश्व हिन्दू परिषद (VHP) के केन्द्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय (Champat Rai) ने अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर निर्माण को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि फिलहाल राम मंदिर निर्माण की प्रगति संतोषजनक है और तीन साल में अयोध्या में भव्य राम मंदिर (RamTtemple) बनकर पूरी तरह से तैयार भी हो जायेगा. वहीं मंदिर निर्माण के लिए लोगों से आर्थिक सहयोग लिए जाने के बाबत श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा है कि अभी लोगों से मंदिर निर्माण के लिए कोई आर्थिक मदद नहीं मांगी गई है. लेकिन 10 और 11 नवम्बर को दिल्ली (Delhi) में विश्व हिन्दू परिषद केन्द्रीय मार्ग दर्शक मंडल की अहम बैठक होने जा रही है. इस बैठक में इस मुद्दे पर भी विचार कर उचित निर्णय लिया जायेगा.

उनके मुताबिक विहिप केन्द्रीय मार्गदर्शक मंडल की इस बैठक में देश भर के तीन सौ से ज्यादा साधु संतों को बुलावा भेजा गया है जिसमें मंदिर निर्माण को लेकर देश के 11 करोड़ परिवारों से सम्पर्क किए जाने को लेकर चिंतन किया जायेगा. ऐसी संभावना है कि देश की आधी हिन्दू आबादी से मंदिर निर्माण के लिए आर्थिक मदद के रुप में सहयोग भी लिया जायेगा. वहीं, इस बैठक के जरिए उन साधु संतों को भी मनाने की कोशिश की जायेगी जिन्हें कोविड के संक्रमण के खतरे के चलते पांच अगस्त को अयोध्या राम मंदिर शिलान्यास के कार्यक्रम में नहीं बुलाया जा सका था. इस बैठक के जरिए साधु संतों की नाराजगी भी विश्व हिन्दू परिषद दूर कर उन्हें एक बार फिर से सनातन धर्म के लिए एकजुट करने की भी कोशिश करेगा.

मंदिर निर्माण में लोहे, सीमेंट और कंक्रीट का प्रयोग नहीं किया जा रहा है
मंदिर निर्माण को लेकर जानकारी देते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा है कि इस मंदिर निर्माण में लोहे, सीमेंट और कंक्रीट का प्रयोग नहीं किया जा रहा है, क्योंकि इसकी लाइफ सौ साल से ज्यादा नहीं होती है. उन्होंने कहा है कि मंदिर निर्माण में नींव की मजबूती व आयु को लेकर अभी सिर्फ प्रयोग और परीक्षण किया जा रहा है. उन्होंने कहा है कि मंदिर का निर्माण कर रही लार्सन एंड टूब्रो कंपनी आईआईटी चेन्नई और सेन्ट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट रुड़की को अपने साथ जोड़ रखा है. दोनों संस्थानों के विशेषज्ञ अयोध्या में आकर साइट विजिट भी कर चुके हैं. मंदिर की मजबूती के लिए सौ फीट गहराई तक एक मीटर व्यास के 1200 खंभे गलाये जायेंगे. उन्होंने कहा है कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण कार्य से जुड़े सभी लोग पूरी तन्मयता और श्रद्धा के साथ काम कर रहे हैं. दरअसल श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव व विहिप केन्द्रीय उपाध्यक्ष विश्व हिंदू परिषद काशी प्रांत कार्यालय केसर भवन में आयोजित लखनऊ क्षेत्र के चार प्रांतों के प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक में शामिल होने प्रयागराज पहुंचे हैं.
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